हाथरस-सहपऊ से 4.01 लाख की नकदी बरामद
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सहपऊ में खंड विकास अधिकारी मोहम्मद जाकिर के सचल दल ने शुक्रवार को फिर महरारा चौराहे पर चेकिंग के दौरान 3.12 लाख की नकदी पकड़ ली। यह नकदी एटा के दो पोल्ट्री फॉर्म संचालकों की थी। यह दोनों एटा से सादाबाद होेते हुए आगरा जा रहे थे। जांच के लिए इस नकदी को कोतवाली सहपऊ लाया गया। जहां आयकर अधिकारियों की टीम इसके स्रोतों की जांच करने में जुटी थी। सहपऊ में आचार संहिता के बाद नकदी की यह दूसरी बरामदगी है।
कस्बे के सुल्तानपुर तिराहे पर सेक्टर मजिस्ट्रेट बीडीओ सहपऊ मोहम्मद जाकिर और कोतवाली सहपऊ के उपनिरीक्षक कमल सिंह यादव की टीम ने चेकिंग के दौरान एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी रोकी। इस गाड़ी से एटा के पोल्ट्री फॉर्म कारोबारी मुनीश कुमार पुत्र विजय सिंह से 3.12 लाख के मान्य नोट बरामद किए। गाड़ी में उनके सहयोगी ताहिर हुसैन भी सवार थे। कारोबारी मुनीश कुमार ने बताया कि उनका एटा में निधौली रोड पर अवनीश पॉल्ट्री फील्ड और गांधी मार्केट एटा में ख्वाजा बॉलर हाउस के नाम से मुर्गे का कारोबार है, जिसके कारोबार के सिलसिले में जलेसर-सादाबाद होते हुए आगरा मंडी करने जा रहे थे। उनके पास इन फर्मों के नाम से टिन नंबर और सारे अभिलेख मौजूद हैं। चेकिंग के बाद पुलिस पकड़ी गई धनराशि को थाने ले आई।
सचल दल प्रभारी बीडीओ सहपऊ मोहम्मद जाकिर का कहना है कि चेकिंग के दौरान जब गाड़ी को रोका गया तो उसमें तीन लोग सवार थे। इनमें से दो लोग खुद को व्यापारी बता रहे थे। इनके पास यह धनराशि मिली। हमने इनसे साक्ष्य मांगे तो यह कोई साक्ष्य नहीं देते हुये विरोधाभास प्रकट करने लगे। लिहाजा इस धनराशि को सीज कराते हुए आयकर विभाग के साथ उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। देर शाम आयकर अधिकारी अतुल चतुर्वेदी व आयकर निरीक्षक रंजन सैनी भी वहां पहुंच गए और इस धनराशि के स्रोतों की जांच शुरू कर दी। खबर लिखने तक पड़ताल जारी थी।
हाथरस में वार्ड नंबर पांच से जिला पंचायत सदस्य मुन्नी देवी की कार से सचल दल ने 89 हजार रुपये बरामद किए हैं। इन नोटों में 86 हजार रुपये दो हजार के नए नोटों में है। वहीं कार में रुपयों के साथ मौजूद मिले मुन्नी देवी के पति सूरजपाल से इस रकम के बारे में आयकर अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस लाइन के पास शुक्रवार दोपहर को बीडीओ हाथरस गरिमा खरे के निर्देशन में सचल दल चार पहिया वाहनाें की चेकिंग कर रहा था। हसायन की ओर से आ रही महिंद्रा टीयूवी कार (यूपी 86 एस 9273) चेकिंग को देखकर 50 कदम पहले ही रुक गई। कार के रुकने पर उड़न दस्ते को शक हुआ और पुलिसकर्मी दौड़कर कार के पास पहुुंच गए। इस कार के पीछे जिला पंचायत सदस्य लिखा हुआ था। कार में तलाशी के दौरान एक काले रंग के बैग में 89 हजार रुपये पुलिस को मिल गए।
बीडीओ शुरुआती पूछताछ के बाद सूरजपाल और कार को थाना हाथरस गेट ले आईं। यहां आयकर विभाग की टीम को बुला लिया गया। आयकर विभाग को सूरजपाल ने बताया कि वह लखनऊ स्थित एक ईंट-भट्ठे के रुपयाें को लेबर में बांटने के लिए सहपऊ क्षेत्र के गांव मढ़ाका और मथुरा के दाऊजी स्थित गांवों को जा रहा था। हालांकि सूरजपाल आयकर विभाग के कई सवालों का जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों ने पूछा कि लेबर को रुपये घर पहुंचाए जाते हैं? क्या यह कार्य आप खुद ही करते हैं? कितनी लेबर है, उनके नाम क्या हैं और कितनी रकम किसको देनी है? क्या भट्ठा मालिक को लेबर दिलाने के लिए आपका कोई लिखित इकरारनामा है? हालांकि सूरजपाल का कहना है कि उनके पास रुपयों का हिसाब है। वहीं आयकर विभाग की टीम रुपयों की जांच में जुटी हुई है। एसएसआई रामावतार का कहना है कि रुपयों की जांच की जा रही है। इस मामले में जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।