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Hathras News: 22 दिन से बंद 144 आरोग्य मंदिर, एएनएम संभालेंगी अब जिम्मेदारी
Tue, 20 Oct 2026 01:31 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 20 Oct 2026 01:31 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) 28 सितंबर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वे लखनऊ में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस हड़ताल के कारण जिले के 144 आयुष्मान आरोग्य मंदिर 22 दिनों से बंद पड़े हैं, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
निदेशालय ने अब इन आरोग्य मंदिरों पर एएनएम को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। सीएचओ के बाद एक अक्तूबर से एएनएम और आठ अक्तूबर से एनएचएम के संविदा कर्मी भी हड़ताल पर चले गए थे। हालांकि, 16 अक्तूबर को एनएचएम कर्मियों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है। लेकिन सीएचओ अभी भी लखनऊ में धरने पर बैठे हैं। सीएचओ अलग कैडर और स्थायी सेवा नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं। वे समय पर मानदेय, प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने की भी मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही, वे नियमित भर्तियों में प्राथमिकता दिए जाने की मांग भी कर रहे हैं। शासन स्तर पर सीएचओ संगठन के पदाधिकारियों को समझाने के कई प्रयास हुए, लेकिन सभी वार्ताएं विफल रहीं।
उनकी हड़ताल के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है। हड़ताल समाप्त न होने पर एनएचएम निदेश पिंकी जोएल ने यह निर्देश दिए हैं। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की जिम्मेदारी एएनएम को सौंपने को कहा है। जिले में 92 स्थायी एएनएम और 57 संविदा की एएनएम तैनात हैं। कुल 149 एएनएम अब इन केंद्रों का संचालन करेंगी। उपकेंद्रों को अब एएनएम के जरिए संचालित किया जाएगा। सीएमओ वेदप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि आरोग्य केंद्रों की जिम्मेदारी एएनएम को सौंपी जा चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेवाओं को प्रभावित नहीं होने जाएगा है।
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निदेशालय ने अब इन आरोग्य मंदिरों पर एएनएम को तैनात करने के निर्देश दिए हैं। सीएचओ के बाद एक अक्तूबर से एएनएम और आठ अक्तूबर से एनएचएम के संविदा कर्मी भी हड़ताल पर चले गए थे। हालांकि, 16 अक्तूबर को एनएचएम कर्मियों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है। लेकिन सीएचओ अभी भी लखनऊ में धरने पर बैठे हैं। सीएचओ अलग कैडर और स्थायी सेवा नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं। वे समय पर मानदेय, प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने की भी मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही, वे नियमित भर्तियों में प्राथमिकता दिए जाने की मांग भी कर रहे हैं। शासन स्तर पर सीएचओ संगठन के पदाधिकारियों को समझाने के कई प्रयास हुए, लेकिन सभी वार्ताएं विफल रहीं।
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उनकी हड़ताल के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है। हड़ताल समाप्त न होने पर एनएचएम निदेश पिंकी जोएल ने यह निर्देश दिए हैं। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की जिम्मेदारी एएनएम को सौंपने को कहा है। जिले में 92 स्थायी एएनएम और 57 संविदा की एएनएम तैनात हैं। कुल 149 एएनएम अब इन केंद्रों का संचालन करेंगी। उपकेंद्रों को अब एएनएम के जरिए संचालित किया जाएगा। सीएमओ वेदप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि आरोग्य केंद्रों की जिम्मेदारी एएनएम को सौंपी जा चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेवाओं को प्रभावित नहीं होने जाएगा है।
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