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महिला डॉक्टरों की कमी से प्रसूताएं बेहाल
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 07 Jan 2015 12:44 AM IST
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स्वास्थ्य महकमे में महिला चिकित्सकों की कमी से
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स्वास्थ्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव की संख्या में लगातार कमी आ रही,
जिससे महिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इससे महिला
अस्पताल में एक बेड पर तीन-तीन प्रसूताओं को सोना पड़ता है।
इससे बच्चों में संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ रही है। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत संस्थागत प्रसव पर जोर दिया जा रहा है। संस्थागत प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
आंकड़ों के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 32,132 महिलाओें के संस्थागत प्रसव कराए गए। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में 30,892 और शहर क्षेत्र में 1240 प्रसव शामिल है। विभाग की ओर से योजना के तहत 32135 महिलाओं को लाभान्वित किया गया, पर स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाएं न होने के कारण विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष कई केंद्रों पर संस्थागत प्रसव में कमी है।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बताया गया कि सांडी, बिलग्राम व टड़ियावां में संस्थागत प्रसव विगत वर्ष की तुलना में कम हुए हैं। वहीं स्वास्थ्य केंद्र बावन पर कोई भी महिला चिकित्सक व एएनएम की तैनाती नहीं है। इस कारण इन केंद्रों पर महिलाओं के प्रसव में दिक्कतें आ रही हैं।
जिसका बोझ जिला महिला अस्पताल पर पड़ रहा है। वहां पर मरीजों की संख्या बढ़ने से एक ही बेड पर दो से तीन तीन प्रसूताओं को रखा जाता है। इससे नवजात बच्चों में संक्रामक की संभावना बढ़ रही है। विभागीय जिम्मेदार कागजों में सुविधाएं बेहतर होने का दावा कर अपनी पीठ थपथपा रहे है।
इस बाबत सीएमओ डा. वीके गुप्ता का कहना है कि बावन में सुरसा से एक महिला चिकित्सक को बावन भेजा जाएगा और अन्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे बच्चों में संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ रही है। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत संस्थागत प्रसव पर जोर दिया जा रहा है। संस्थागत प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
आंकड़ों के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 32,132 महिलाओें के संस्थागत प्रसव कराए गए। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में 30,892 और शहर क्षेत्र में 1240 प्रसव शामिल है। विभाग की ओर से योजना के तहत 32135 महिलाओं को लाभान्वित किया गया, पर स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधाएं न होने के कारण विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष कई केंद्रों पर संस्थागत प्रसव में कमी है।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बताया गया कि सांडी, बिलग्राम व टड़ियावां में संस्थागत प्रसव विगत वर्ष की तुलना में कम हुए हैं। वहीं स्वास्थ्य केंद्र बावन पर कोई भी महिला चिकित्सक व एएनएम की तैनाती नहीं है। इस कारण इन केंद्रों पर महिलाओं के प्रसव में दिक्कतें आ रही हैं।
जिसका बोझ जिला महिला अस्पताल पर पड़ रहा है। वहां पर मरीजों की संख्या बढ़ने से एक ही बेड पर दो से तीन तीन प्रसूताओं को रखा जाता है। इससे नवजात बच्चों में संक्रामक की संभावना बढ़ रही है। विभागीय जिम्मेदार कागजों में सुविधाएं बेहतर होने का दावा कर अपनी पीठ थपथपा रहे है।
इस बाबत सीएमओ डा. वीके गुप्ता का कहना है कि बावन में सुरसा से एक महिला चिकित्सक को बावन भेजा जाएगा और अन्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।