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हरदोई में दिखा गिद्ध, लखनऊ में मनी खुशियां
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:31 AM IST
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पेंड़ पैर बैठा गिद्ध
- फोटो : अमर उजाला
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हरपालपुर क्षेत्र के शेखपुर गांव में गुरुवार को लुप्तप्रात प्रजाति का गिद्ध देखा गया। इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचे। गिद्ध देख टीम ने खुशी जताई और इसकी जानकारी लखनऊ के वन्य जीव विभाग के आला अफसरों को दी गई।
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हरपालपुर क्षेत्र के शेखपुर गांव में कटरा बिल्हौर मार्ग पर एक यूकेलिप्ट्स के पेड़ पर बैठा गिद्ध इलाकाई लोगों के लिए कौतुहल का विषय बना रहा। इसके बाद ग्रामीणों ने रेंज अधिकारी विक्रम सिंह सचान को इसकी जानकारी दी। उन्होंने जिले के अफसर से लेकर वन्य जीव विभाग लखनऊ को इसकी जानकारी दी। डीएफओ वीके सिंह ने बताया कि गिद्ध एक अपमार्जक पक्षी है।
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गिद्धाें की 22 प्रजातियां है। कुछ बिल्कुल खत्म हो चुकी हैं। कुछ प्रजातियों के जीव कभी कभार देखने को मिल जाते हैं। यह भी उन्ही में से एक है। उन्होंने बताया वन विभाग को निर्देश हैं कि जब यह विलुप्त प्राणी देखा जाता है तो उसकी सूचना वन्य जीव विभाग लखनऊ तक पहुंचाई जाती है। यहां दिखे गिद्ध से स्पष्ट है कि जिले में इनकी संख्या बरकरार है। हालांकि यह लंबे अरसे बाद दिखा है।
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संडीला -गौसगंज मार्ग पर बसे कहली गांव के सामने लगभग दो दशक पूर्व मृतक गिद्ध के साथ दूसरे जीवित गिद्ध ने सातवें दिन अपने प्राण त्याग दिए थे। लोगों की आस्था ने इसे सती का रूप माना और वहीं पर देा गिद्धों के मंदिर का निर्माण करा दिया। तब से लेकर आज तक यहां वर्ष में एक बार सती मेला व नौटंकी का आयोजन होता है।
इसके अलावा पूरे वर्ष मुंडन संस्कार व मनौतियों का काम निरंतर चलता रहता है। करीब दो दशक पहले दोनों गिद्धों के प्राण त्यागने के बाद ग्रामीणों ने उसे सती का रूप देकर पूजा अर्चना शुरू कर दी। धीरे धीरे वहां लोग इकट्ठा होकर चंदा जमाकर इन दोनों गिद्धों का की याद में एक मंदिर का निर्माण करा दिया और उस मंदिर में दो की मूर्तियां भी स्थापित कर दी।
तब से लेकर आज तक कुं वार मास की सप्तमी को यहां पर विशाल मेले व नौटंकी का आयोजन किया जाता है। इस मंदिर का निर्माण नंदलाल के खेत में ही कराया गया है। वहीं इस की देखरेख करते हैं। यह भी बताया गया कि यहां मानी गई हर मनौती पूरी होती है।