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खाते में पैसा, फिर भी नौनिहाल पहन रहे पुराने स्वेटर
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फोटो-35-भरखनी ब्लाक के सांडीखेड़ा में कुछ इस तरह दिखे बच्चे। संवाद
- फोटो : HARDOI
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सवायजपुर। डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांजेक्शन को लेकर भले ही शासन गंभीर हो पर पैसा खाते में आने के बाद अभिभावक जागरूक नहीं दिख रहे। नौनिहाल अभी भी पुरानी यूनीफार्म व बैग आदि से काम चला रहे हैं। वहीं कई जगह तो बिन स्वेटर नौनिहाल कंपकंपाते नजर आ रहे हैं। आइए आपको भी दिखाते हैं कि भरखनी ब्लाक के परिषदीय स्कूलों में खाते में पैसा पहुंचने के बाद भी क्या स्थिति देखने को मिली......
सवायजपुर। भरखनी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय सांडीखेड़ा में कुल 104 बच्चों के सापेक्ष 68 बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी का पैसा भेज दिया गया लेकिन बच्चे अभी भी बिना यूनीफार्म व स्वेटर के ही पहुंच रहे हैं। यहां के इंचार्ज प्रधानाध्यापक आनंद मिश्रा ने बताया कि यहां 104 बच्चे पंजीकृत हैं। 68 का पैसा भेज दिया गया है। उनका कहना है जिनको पैसा भेज दिया गया है उनमें से भी काफी अभिभावकों के द्वारा यूनीफार्म व स्वेटर आदि की खरीद नहीं की गई है। उनको स्कूल बुलाकर इस ओर जागरूक किया जा रहा है।
हरदोई। जूनियर विद्यालय पैंतापुर में 118 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें 38 बच्चों के खातों में राशि पहुंच गई लेकिन यहां भी जागरूकता का वही हाल है। इनमें से काफी अभिभावकों के द्वारा ड्रेस व स्वेटर आदि की खरीद नहीं की गई। जिससे कई नौनिहाल तो सर्दियों में कपकपाते से दिखे। यहां के प्रधानाध्यापक अश्वनी मिश्रा का कहना है कि छुट्टी के बाद वह स्वयं अभिभावकों के पास जाकर उनको जागरूक कर रहे हैं व जल्द से जल्द यूनीफार्म व स्वेटर आदि की खरीद को प्रेरित कर रहे हैं।
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सवायजपुर। प्राइमरी पैतापुर के कक्षा चार के छात्र अनिल पुरानी ड्रेेस में ही नजर आए। उनका कहना है कि पापा ने शायद देखा ही नहीं होगा कि खाते में पैसा आ गया। आज जाकर बताएंगे।
सवायजपुर। सांडी खेड़ा की कक्षा तीन की छात्रा राधा का कहना है कि उन्हें इस बावत पता है कि इस बार यूनीफार्म पापा को ही लेनी है कब कैसे लेंगे यह नहीं पता। जब मिल जाएगी तो पहन लेंगे।
सवायजपुर। जूनियर विद्यालय पैंतापुर के अनुभव भी बिना यूनीफार्म व स्वेटर के बिना नजर आए। उनका कहना है कि आज तो सच में बिना स्वेटर सर्दी लग रही है। वह रोज अपने घर में यूनीफार्म के लिए कहते हैं। आज जाकर पापा से कहता हूं। कि पैसा आ गया मेरी ड्रेस ले दो।
सवायजपुर। संाडीखेडा के कक्षा दो के छात्र अमित पुरानी यूनीफार्म में नजर आए। न तो जूते मोजे दिखे न स्वेटर। पूछने पर कि नई ड्रेस अभी ली कि या नहीं तो उनका यही कहना था मुझे नहीं पता।
सवायजपुर। प्राथमिक पाठशाला पैंतापुर की कक्षा चार की छात्रा सुप्रिया का कहना है कि पापा कुछ बात कर रहे थे। शायद उनकी यूनीफार्म सिलने गई है। जल्द ही वह यूनीफार्म पहन के पहुंचेगीं।
सवायजपुर। जूनियर विद्यालय पैंतापुर की कक्षा सात की छात्रा प्रतिभा का कहना है कि बिना यूनीफार्म ही आ रहीं हैं। जब उनको यूनीफार्म घर या स्कूल से मिलेगी तो पहन के आएंगीं। उनके खाते में पैया है या नहीं उन्हे नहीं पता।
सवायजपुर। बीईओ पूजा सिंह का कहना है कि ब्लाक में कुल 216 परिषदीय स्कूलों में 32662 बच्चे हैं। 12202 के खाते में धनराशि भेज दी गई है। शेष की अगले चरण में जाएगी। अभिभावकों को यूनीफार्म, स्वेटर, जूता मोजा व स्वेटर आदि खरीद के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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सवायजपुर। भरखनी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय सांडीखेड़ा में कुल 104 बच्चों के सापेक्ष 68 बच्चों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी का पैसा भेज दिया गया लेकिन बच्चे अभी भी बिना यूनीफार्म व स्वेटर के ही पहुंच रहे हैं। यहां के इंचार्ज प्रधानाध्यापक आनंद मिश्रा ने बताया कि यहां 104 बच्चे पंजीकृत हैं। 68 का पैसा भेज दिया गया है। उनका कहना है जिनको पैसा भेज दिया गया है उनमें से भी काफी अभिभावकों के द्वारा यूनीफार्म व स्वेटर आदि की खरीद नहीं की गई है। उनको स्कूल बुलाकर इस ओर जागरूक किया जा रहा है।
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हरदोई। जूनियर विद्यालय पैंतापुर में 118 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें 38 बच्चों के खातों में राशि पहुंच गई लेकिन यहां भी जागरूकता का वही हाल है। इनमें से काफी अभिभावकों के द्वारा ड्रेस व स्वेटर आदि की खरीद नहीं की गई। जिससे कई नौनिहाल तो सर्दियों में कपकपाते से दिखे। यहां के प्रधानाध्यापक अश्वनी मिश्रा का कहना है कि छुट्टी के बाद वह स्वयं अभिभावकों के पास जाकर उनको जागरूक कर रहे हैं व जल्द से जल्द यूनीफार्म व स्वेटर आदि की खरीद को प्रेरित कर रहे हैं।
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सवायजपुर। प्राइमरी पैतापुर के कक्षा चार के छात्र अनिल पुरानी ड्रेेस में ही नजर आए। उनका कहना है कि पापा ने शायद देखा ही नहीं होगा कि खाते में पैसा आ गया। आज जाकर बताएंगे।
सवायजपुर। सांडी खेड़ा की कक्षा तीन की छात्रा राधा का कहना है कि उन्हें इस बावत पता है कि इस बार यूनीफार्म पापा को ही लेनी है कब कैसे लेंगे यह नहीं पता। जब मिल जाएगी तो पहन लेंगे।
सवायजपुर। जूनियर विद्यालय पैंतापुर के अनुभव भी बिना यूनीफार्म व स्वेटर के बिना नजर आए। उनका कहना है कि आज तो सच में बिना स्वेटर सर्दी लग रही है। वह रोज अपने घर में यूनीफार्म के लिए कहते हैं। आज जाकर पापा से कहता हूं। कि पैसा आ गया मेरी ड्रेस ले दो।
सवायजपुर। संाडीखेडा के कक्षा दो के छात्र अमित पुरानी यूनीफार्म में नजर आए। न तो जूते मोजे दिखे न स्वेटर। पूछने पर कि नई ड्रेस अभी ली कि या नहीं तो उनका यही कहना था मुझे नहीं पता।
सवायजपुर। प्राथमिक पाठशाला पैंतापुर की कक्षा चार की छात्रा सुप्रिया का कहना है कि पापा कुछ बात कर रहे थे। शायद उनकी यूनीफार्म सिलने गई है। जल्द ही वह यूनीफार्म पहन के पहुंचेगीं।
सवायजपुर। जूनियर विद्यालय पैंतापुर की कक्षा सात की छात्रा प्रतिभा का कहना है कि बिना यूनीफार्म ही आ रहीं हैं। जब उनको यूनीफार्म घर या स्कूल से मिलेगी तो पहन के आएंगीं। उनके खाते में पैया है या नहीं उन्हे नहीं पता।
सवायजपुर। बीईओ पूजा सिंह का कहना है कि ब्लाक में कुल 216 परिषदीय स्कूलों में 32662 बच्चे हैं। 12202 के खाते में धनराशि भेज दी गई है। शेष की अगले चरण में जाएगी। अभिभावकों को यूनीफार्म, स्वेटर, जूता मोजा व स्वेटर आदि खरीद के लिए जागरूक किया जा रहा है।

फोटो-36-उच्च प्राथमिक विद्यालय पैतापुर में कुछ इस तरह बैठे बच्चे। संवाद- फोटो : HARDOI

फोटो-37-प्राइमरी पैतापुर का छात्र अनिल।- फोटो : HARDOI

फोटो-38-सांडीखेड़ा की कक्षा तीन की छात्रा राधा।- फोटो : HARDOI

फोटो-39-जूनियर पैंतापुर का अनुभव।- फोटो : HARDOI

फोटो-40-सांडीखेड़ा का छात्र अमित।- फोटो : HARDOI

फोटो-41-प्राथमिक पाठशाला पैंतापुर की छात्रा सुप्रिया।- फोटो : HARDOI

फोटो-42-जूनियर विद्यालय पैंतापुर की छात्रा प्रतिभा।- फोटो : HARDOI