फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Travel from wreaking havoc in cold roadways

कड़ाके की ठंड में कहर ढा रहा रोडवेज से सफर

Tue, 19 Jan 2016 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, , हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, , हरदोई Updated Tue, 19 Jan 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
Travel from wreaking havoc in cold roadways
कड़ाके की ठंड में भी रोडवेज बसों में यात्रियों की सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। क्षेत्रीय डिपो होने के बावजूद विभिन्न रूटों पर जनपद से संचालित बसों की स्थित खस्ताहाल है। बसों की खिड़कियों के कांच और कई जगह से बॉडी टूटी होने के कारण सफर के दौरान यात्रियों को ठिठुरना पड़ रहा है। तमाम रूटों पर यात्रियों की संख्या में कमी आई है। कानपुर और फर्रुखाबाद रूट पर बसों का संचालन भी अनियमित है। वहीं कोहरा से बचाव के लिए तमाम बसों में फॉग लाइट भी नहीं लगी है। हादसे के समय यात्रियों को फौरी राहत देने के लिए बसों में फर्स्ट-एड बॉक्स भी नहीं है। इस सबके बावजूद अधिकारी बेहतर व्यवस्थाएं होने का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन


परिक्षेत्र के बावजूद बदहाल जिले का रोडवेज
परिक्षेत्र होने के कारण जिले में रोडवेज वर्कशाप भी है। बसों को मरम्मत का इंतजार हैं। हरदोई डिपो के बेड़े में शामिल बसों की हालत अत्यंत खराब है। किसी में स्पनिंग नहीं है तो कहीं कोई बस बरसात में टपकती है। प्राथमिक उपचार और अग्निशमन संयंत्र का तो इंतजाम किसी बस में नहीं है।
विज्ञापन


बिना शीशे की बसों में अंदर घुस रही ठं
रोडवेज की सभी रूटों पर चलने वाली तमाम बसों में शीशे नहीं हैं। ठंडक में यात्री ठिठुरने के लिए मजबूर है। इसके अलावा गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्राली के गुजरने पर उनसे हादसे का डर बना रहता है। सड़क किनारे लगे बबूल के पेड़ों से कई बार यात्री चोटहिल भी हो चुके।
विज्ञापन
विज्ञापन


कमाई में अव्वल पर सुविधाओं में फिसड्डी
बीते दो सालों मेें हरदोई परिक्षेत्र आय में अव्वल आ चुका है। बताया गया कि इस वर्ष भी अभी तक 9.46 करोड़ की आमदनी हरदोई परिक्षेत्र कर चुका है। लेकिन इसके बाद भी हरदोई परिक्षेत्र की बसों में सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर बिलकुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

ठंड से कमाई पर पड़ रहा असर
कानपुर, फर्रुखाबाद, सीतापुर और शाहजहांपुर रूट पर चलने वाली कई बसें खस्ताहाल है। ठंड बढ़ने के बाद से यात्रियों ने रोडवेज बसों में सफर कम कर दिया। जिससे रोडवेज की कमाई पर भी असर पड़ा है। रोडवेेज प्रशासन को करीब 10 लाख रुपये का चूना प्रतिदिन लग रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पूरे परिक्षेत्र के डिपो से प्रतिदिन 35 से 40 लाख या अधिक की आमदनी हो जाती थी जिसमें अब काफी गिरावट आई है।

बस अड्डे पर भी ठिठुर रहे यात्री
कड़ाके की ठंड के बावजूद रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों को सर्दी से राहत के लिए कोई इंतजाम नहीं है। बस अड्डे पर यात्री ठिठुरते रहते हैं लेकिन तो नगर पालिका प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई है और न ही रोडवेज प्रशासन ही अलाव जलवाता है। ऐसे में यात्रियों का असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

अनियमित हो गया बसों का संचालन
बीते कुछ समय से स्थानीय बस अड्डे से कुछ रूटों पर बसों का संचालन अनियमित हो गया है। कानपुर रूट पर जहां अभी तक हर आधे घ्ंाटे पर बसें मिलती थीं वहीं अब एक से डेढ़ घंटे का फर्क आ गया। जिससे यात्रियों की भीड़ लगने की वजह से बस में चढ़ने के लिए लोगों को धक्का-मुक्की करनी पड़ती है।

नदारद रहते जिम्मेदार अधिकारी
परिक्षेत्र होने की वजह से स्थानीय डिपो पर ही क्षेत्रीय प्रबंधक और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक का कार्यालय है लेकिन दोनों ही जिम्मेदार अधिकारी अपने कार्यालय में बहुत कम ही मिलते हैं। सोमवार को दिन में करीब 11:40 बजे उनके कार्यालयों पर पहुंचने के बाद भी कुर्सियां खाली मिलीं जबकि शासन ने भी 10 से 12 बजे के बीच अधिकारियों को जनता से मिलने का निर्देश दिया।


क्या कहते हैं जिम्मेदार
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, आरबी यादव का कहना है कि सभी बसों में शीशे व फॉग लाइटें लगी हुई हैं यह बात और है कि रास्ते में टूट गई हों, जबकि बसें नियमित रूप से समय पर संचालित हो रही हैं, कोई फाल्ट आने पर ही देरी होती है। उन्होंने फर्स्ट एड बॉक्स भी सभी बसों में होने का दावा करते हुए कहा कि सभी बसों की नियमित जांच फोरमैन करते हैं।!!
     
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed