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काल को दस्तक, तंबाकू बनी जान की आफत
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 06 Feb 2015 12:12 AM IST
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पूर्व के वर्षों में लगे शिविर में रोगियों का
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परीक्षण करने के बाद भक्ति वेदांता हास्पिटल मुंबई के कैंसर चिकित्सकों का
जिले में कैंसर रोगियों की स्थिति के बारे में अनुमान लगाते हुए कहना है कि
गुटखा से यहां कई जिंदगियां काल के गाल में समां चुकी हैं, तो कई हजारों
को धकलने के मूड में है।
इसलिए गुटखा इतना न खाए कि वह आपको खा जाए। साथ ही यह भी कहना चाहते हैं कि यदि गले व मुंह कैंसर को लेकर जरा सी भी संभावना लगे तो अपने जीवन के प्रति लगाव रखते हुए नौ फरवरी के शिविर में जांच कराने अवश्य पहुंचे, ताकि संभव हो तो उनकी जिंदगानी बनी रहे।
दो वर्ष पूर्व जिले में अमर उजाला व भक्ति वेदांता के साझा प्रयास से ही लगे कैंसर परामर्श शिविर में वेदांता के चिकित्सक विश्वमोहन व डॉक्टर नेत्रपाल ने यहां शिविर के दौरान जो रोगियों में लक्षण पाए उनको कैंसर विशेषज्ञ डा. विष्णु अग्रवाल से भी साझा किया।
दूरभाष द्वारा दी गई जानकारी पर डा. विष्णु का कहना है कि रोगियों के डाटा के मुताबिक उनका अनुमान स्पष्ट है कि जिले में जितने भी कैंसर रोगी होंगे, उनमें 60 फीसदी मुंह के कैंसर के होंगे और उन सबकी वजह चंद मिनटों का शौक तंबाकू व सिगरेट है।
उनका कहना है कि जिले में युवा तो युवा बुजुर्ग तक तंबाकू के शौकीन रहे हैं, जिसके बाद आज गुटखा तो नहीं ही खा पा रहे हैं आम जीवन जीने को और सांस लेने तक को तरस रहे हैं। उनको इस जिले के लोगों से यही कहना है कि गुटखा कम खाएं और अपने साथ अपने परिवार की जिंदगी भी बचाएं।
इसके अलावा 20 प्रतिशत से अधिक ब्रेस्ट कैंसर के रोगी भी मिले। इसके अलावा लिप कैंसर, आंत कैंसर के रोगी भी हैं। ओकोलाजिस्ट डा. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि वह स्वयं तो यहां मौजूद रहेंगे ही उनके साथ कैंसर विशेषज्ञ डा. विष्णु मोहन, डा. अमोल व सहायक नेत्रपात्र मौजूद रहेेंगे।
जिले के पीड़ितों का परीक्षण करने के साथ उनको परामर्श भी देंगे। इसको लेकर तिथि व स्थान का निर्धारण कर दिया गया है। एक दिवसीय फ्र ी कैंसर शिविर नौ फरवरी को न्यू सिविल लाइन, अस्पताल रोड स्थित बाला जी हास्पिटल में लगेगा। मरीजों का परीक्षण सुबह 10 बजे से शुरू करा दिया जाएगा। शिविर में बाला जी हास्पिटल भी सहयोग कर रहा है।
इसलिए गुटखा इतना न खाए कि वह आपको खा जाए। साथ ही यह भी कहना चाहते हैं कि यदि गले व मुंह कैंसर को लेकर जरा सी भी संभावना लगे तो अपने जीवन के प्रति लगाव रखते हुए नौ फरवरी के शिविर में जांच कराने अवश्य पहुंचे, ताकि संभव हो तो उनकी जिंदगानी बनी रहे।
दो वर्ष पूर्व जिले में अमर उजाला व भक्ति वेदांता के साझा प्रयास से ही लगे कैंसर परामर्श शिविर में वेदांता के चिकित्सक विश्वमोहन व डॉक्टर नेत्रपाल ने यहां शिविर के दौरान जो रोगियों में लक्षण पाए उनको कैंसर विशेषज्ञ डा. विष्णु अग्रवाल से भी साझा किया।
दूरभाष द्वारा दी गई जानकारी पर डा. विष्णु का कहना है कि रोगियों के डाटा के मुताबिक उनका अनुमान स्पष्ट है कि जिले में जितने भी कैंसर रोगी होंगे, उनमें 60 फीसदी मुंह के कैंसर के होंगे और उन सबकी वजह चंद मिनटों का शौक तंबाकू व सिगरेट है।
उनका कहना है कि जिले में युवा तो युवा बुजुर्ग तक तंबाकू के शौकीन रहे हैं, जिसके बाद आज गुटखा तो नहीं ही खा पा रहे हैं आम जीवन जीने को और सांस लेने तक को तरस रहे हैं। उनको इस जिले के लोगों से यही कहना है कि गुटखा कम खाएं और अपने साथ अपने परिवार की जिंदगी भी बचाएं।
इसके अलावा 20 प्रतिशत से अधिक ब्रेस्ट कैंसर के रोगी भी मिले। इसके अलावा लिप कैंसर, आंत कैंसर के रोगी भी हैं। ओकोलाजिस्ट डा. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि वह स्वयं तो यहां मौजूद रहेंगे ही उनके साथ कैंसर विशेषज्ञ डा. विष्णु मोहन, डा. अमोल व सहायक नेत्रपात्र मौजूद रहेेंगे।
जिले के पीड़ितों का परीक्षण करने के साथ उनको परामर्श भी देंगे। इसको लेकर तिथि व स्थान का निर्धारण कर दिया गया है। एक दिवसीय फ्र ी कैंसर शिविर नौ फरवरी को न्यू सिविल लाइन, अस्पताल रोड स्थित बाला जी हास्पिटल में लगेगा। मरीजों का परीक्षण सुबह 10 बजे से शुरू करा दिया जाएगा। शिविर में बाला जी हास्पिटल भी सहयोग कर रहा है।