इस बार 10 दिन पूर्व पड़ा पहला कोहरा
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हरदोई। गत वर्ष की अपेक्षा इस बार अधिक सर्दियां होने की संभावना है। यही नहीं पिछले साल की अपेक्षा इस बार कोहरे ने 10 दिन पूर्व दस्तक देकर इसके संकेत भी दे दिए हैं।
जिले की वैद्यशाला के मौसम वैज्ञानिक जयशंकर मिश्रा ने बताया कि जिले के मौसम का रिकार्ड बताता है कि पिछले साल पहला कोहरा छह दिसंबर को पड़ा था उस दिन अधिकतम तापमान 27 डिग्री व न्यूनतम 11 डिग्री था लेकिन इस बार सर्दी के मौसम की पहली दस्तक 27 नवंबर को ही हो गई है।
जिससे सुबह 10 बजे के बाद तक जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। उन्होंने बताया कि रविवार को तापमान अधिकतम 27 डिग्री और न्यूनतम 14.2 डिग्री रहा। उन्होंने बताया कि इस बार उम्मीद की जा रही है कि जल्द सर्दियां शुरु हो जाएगी। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग का अनुमान है कि अब कोहरा रुककर इसी तरह गिरना शुरू कर देगा।
अभी गुलाबी ठंड का मौसम है। बादलों के बनने के साथ ही जल्द बारिश होगी जिसके बाद मौसम में नमी आएगी और जल्द ठंड पड़ने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। बहरहाल रविवार को कोहरा पड़ने से जनजीवन सुबह पूरी तरह से प्रभावित रहा। वाहन चालकों को सड़क पर न दिखने से उन्हे लाइट जलाकर वाहनों को गुजारना पड़ा तो कोहरे को देख हर आयु वर्ग के लोगों ने ठंड का अनुभव किया।
रविवार की सुबह कोहरे की चादर ओढ़कर आई। सुबह सात बजे तक शहरी इलाकों में भी घना कोहरा छाया रहा। आठ बजे के बाद हालांकि धूप निकल आई लेकिन सर्दी बढ़ने की आहट से गर्म कपड़ों के बाजार में ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई। सदर बाजार रुई व्यापारी जितेंद्र का कहना है कि पानीपत हरियाणा से रुई जिले में आती है।
ठंड में करीब 80 मशीनें रुई की धुनाई व भराई करने लगती हैं। उनका कहना है कि यदि दिसंबर व जनवरी में ठीक से सर्दी पड़े तो औसतन 2400 क्विंटल रुई की खपत हो जाती है। जिससे करीब ढाई करोड़ का व्यापार होने की पूरी उम्मीद है। कपास की रुई 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जा रही है।
सिनेमा रोड स्थित रेडीमेड विक्रेता नवीन कुमार ने बताया कि शहर में ही सात से आठ गरम कपड़ों की बड़ी दुकानें एवं करीब एक दर्जन अन्य दुकाने हैं। इन दुकानों से सर्दियों के मौसम में रोजाना करीब छह लाख की बिक्री हो जाती है। बस बिल्डिंग स्थित ऊन विक्रेता मनीष सिंह का कहना है कि ऊन का व्यवसाय लगभग कम होता जा रहा है। शहर में इस बार सिर्फ सात दुकानें है जिन पर प्रत्येक पर ढाई लाख का व्यवसाय हो जाता है।
दुकानदार कमलेश ने बताया कि सर्दी में प्रतिदिन वह 30 से 40 ट्रे अंडों की बिक्री करते हैं। इस बार ठंड अधिक पड़ने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि शहर में ही 1500 से अधिक ट्रे अंडों की बेच दी जाती है। करीब प्रतिदिन दो लाख के अंडे जिले में खाए जाते हैं। इसके अलावा नॉनवेज भी तीन से चार लाख की खपत होती है। कुल मिलाकर दिसंबर व जनवरी में 12 करोड़ के अंडे ही बिक जाते हैं।
मौसम वैज्ञानिक जयशंकर मिश्रा का कहना है कि रविवार को पड़े कोहरे ने न सिर्फ उम्मीद जताई है बल्कि मौसम का अनुमान भी लग रहा है कि दिसंबर के प्रथम सप्ताह से सर्दी बढ़ेगी। उनका कहना है कि कोहरा पड़ने के लिए नमी की भी आवश्यकता है। बारिश की संभावनाएं भी बनी हुई हैं जिसके बाद दिसंबर से सर्दी बढ़ने की प्रबल संभावना है।