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धरने पर गुजरा ग्रामीणों का दिन
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 22 Mar 2015 12:40 AM IST
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पात्र होने के बाद भी लोहिया आवास दिलाने, ग्राम
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प्रधान और उनके साथियों की गिरफ्तारी की मांग न पूरी होने के क्षुब्ध
टड़ियावां के ग्राम गढ़ी के ग्रामीणों सोमवार से कलक्ट्रेट परिसर में शुरू
हुआ धरना प्रदर्शन छठे दिन शनिवार को भी जारी रहा।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन के संवेदनहीन होने का आरोप लगाया है। कलक्ट्रेट परिसर में धरने को संबोधिात करते हुए गढ़ी के ग्रामीणों में शामिल सालिकराम व राजेश कुमार आदि ने बताया कि जनवरी में लोहिया आवास दिलाए जाने एवं गांव के प्रधान व उनके साथियाें के खिलाफ कार्रवाई कराए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था।
जिसके बाद मुख्य विकास अधिकारी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया था, पर दो माह का समय बीत जाने के बाद भी अब तक न तो आवास ही मिल सके हैं और न ही नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई ही की जा सकी है, जिससे गांव में खुलेआम अभियुक्त ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी देते घूम रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार धरना शुरू हो गया है और तक जारी रहेगा जब तक उनको न्याय नहीं मिल जाता। कहा कि पात्रों को आवास दिलाए जाए और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल में पहुंचाया जाए, तभी ग्रामीण यहां से अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर गांव लौटेंगे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छह दिन हो गए, लेकिन उन्हें अब तक किसी अधिकारी द्वारा कोई आश्वासन नहीं मिला है। इस मौके पर उमेश कुमार, राजकुमार, रामगोपाल, सुनीता, मनोज कुमार, राममित्र और लालाराम आदि ग्रामीण मौजूद थे।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन के संवेदनहीन होने का आरोप लगाया है। कलक्ट्रेट परिसर में धरने को संबोधिात करते हुए गढ़ी के ग्रामीणों में शामिल सालिकराम व राजेश कुमार आदि ने बताया कि जनवरी में लोहिया आवास दिलाए जाने एवं गांव के प्रधान व उनके साथियाें के खिलाफ कार्रवाई कराए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था।
जिसके बाद मुख्य विकास अधिकारी के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया था, पर दो माह का समय बीत जाने के बाद भी अब तक न तो आवास ही मिल सके हैं और न ही नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई ही की जा सकी है, जिससे गांव में खुलेआम अभियुक्त ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी देते घूम रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार धरना शुरू हो गया है और तक जारी रहेगा जब तक उनको न्याय नहीं मिल जाता। कहा कि पात्रों को आवास दिलाए जाए और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल में पहुंचाया जाए, तभी ग्रामीण यहां से अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर गांव लौटेंगे।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छह दिन हो गए, लेकिन उन्हें अब तक किसी अधिकारी द्वारा कोई आश्वासन नहीं मिला है। इस मौके पर उमेश कुमार, राजकुमार, रामगोपाल, सुनीता, मनोज कुमार, राममित्र और लालाराम आदि ग्रामीण मौजूद थे।