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वैज्ञानिक विधि से बढ़ा सकते कृषि की उपज
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Tue, 25 Aug 2015 12:22 AM IST
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कुइयां गांव में आयोजित कृषि गोष्ठी एवं मेले के
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दौरान किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने फसल, बुआई और बीमारियों से बचाने
संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लाक प्रमुख जयप्रकाश
गुप्ता जेपी ने किया।
गोष्ठी का उद्घाटन करते हुए प्रमुख ने कहा कि कृषि में वैज्ञानिक विधि अपनाते हुए हम पैदावार बढ़ा सकते हैैं। कहा कि किसानों को समय-समय पर ऐसे आयोजनों से जानकारी देने के अच्छे परिणाम निकलकर आ सकते हैं। साथ ही किसानों के लिए सरकारी योजनाओं पर चर्चा करते हुए जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत बताई।
कृषि विशेषज्ञों मणिनाथ पांडेय ने अच्छी खेती के लिए गर्मी के मौसम में गहरी जुताई करने की सलाह दी। वर्षा जल को रोकने व भू क्षरण रोकने को मेड़ मजबूत और ऊंची रखने की सलाह दी। उन्होंने गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिए जैव उर्वरक व जैविक खादों के उपयोग की भी सलाह दी।
वरिष्ठ शोध सहायक कालीचरन वर्मा ने मित्र कीटों की फसल सुरक्षा में भूमिका बताते हुए पहचान बताई। साथ ही शत्रु कीटों की पहचान व इनसे फसल की सुरक्षा के तरीकों पर भी चर्चा की। कटाई बाद फसल प्रबंधन के बारे में बताते हुए कहा कि फसल के भंडारण वैज्ञानिक ढंग से करने पर चूहा, कीड़ा व नमी से बचा सकता है।
उन्होंने उत्पादन बढ़ाने व फसल बचाने के तरीके भी बताए। ब्लाक प्रमुख जेपी ने किसानों को कृषि पंचांग भेंट किया। इस दौरान सुदीप तिवारी, सत्येंद्र, धीरज गुप्ता, सरनाम सिंह, प्रभु सिंह यादव, नन्हें सिंह लेहना, उदयवीर व शंकरलाल आदि मौजूद थे।
गोष्ठी का उद्घाटन करते हुए प्रमुख ने कहा कि कृषि में वैज्ञानिक विधि अपनाते हुए हम पैदावार बढ़ा सकते हैैं। कहा कि किसानों को समय-समय पर ऐसे आयोजनों से जानकारी देने के अच्छे परिणाम निकलकर आ सकते हैं। साथ ही किसानों के लिए सरकारी योजनाओं पर चर्चा करते हुए जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत बताई।
कृषि विशेषज्ञों मणिनाथ पांडेय ने अच्छी खेती के लिए गर्मी के मौसम में गहरी जुताई करने की सलाह दी। वर्षा जल को रोकने व भू क्षरण रोकने को मेड़ मजबूत और ऊंची रखने की सलाह दी। उन्होंने गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिए जैव उर्वरक व जैविक खादों के उपयोग की भी सलाह दी।
वरिष्ठ शोध सहायक कालीचरन वर्मा ने मित्र कीटों की फसल सुरक्षा में भूमिका बताते हुए पहचान बताई। साथ ही शत्रु कीटों की पहचान व इनसे फसल की सुरक्षा के तरीकों पर भी चर्चा की। कटाई बाद फसल प्रबंधन के बारे में बताते हुए कहा कि फसल के भंडारण वैज्ञानिक ढंग से करने पर चूहा, कीड़ा व नमी से बचा सकता है।
उन्होंने उत्पादन बढ़ाने व फसल बचाने के तरीके भी बताए। ब्लाक प्रमुख जेपी ने किसानों को कृषि पंचांग भेंट किया। इस दौरान सुदीप तिवारी, सत्येंद्र, धीरज गुप्ता, सरनाम सिंह, प्रभु सिंह यादव, नन्हें सिंह लेहना, उदयवीर व शंकरलाल आदि मौजूद थे।