फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   The district began disintegrating socialist kin

जिले में बिखरने लगा समाजवादी कुनबा

Wed, 15 Jun 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई Updated Wed, 15 Jun 2016 11:38 PM IST
विज्ञापन
The district began disintegrating socialist kin
लखनऊ में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य के समक्ष सदस्यता ग्रहण करते अजय वाजपेयी। - फोटो : अमर उजाला

हरदोई। जिले में समाजवादी कुनबा बिखरने लगा है। विधायकों के साथ संगठन में बडे़ पदों पर बैठे नेताओं के रिश्तेदार भी पार्टी छोड़ दूसरे दलों में शामिल हो रहे हैं। सपा के राष्ट्रीय महासचिव और एमएलसी डा. अशोक बाजपेयी के छोटे भाई अजय बाजपेयी उर्फ भुल्लन ने बुधवार को लखनऊ में भाजपा का दामन थाम लिया। अभी दो दिन पहले ही विधायक श्याम प्रकाश भाजपा में जाने के संकेत दे चुके हैं।

विज्ञापन


राज्यसभा और विधानपरिषद चुनाव में क्रास वोटिंग के कारण श्याम प्रकाश को सपा से निलंबित कर दिया गया है। श्याम प्रकाश के अलावा सपा के तीन और विधायक भाजपा के पक्ष में वोटिंग करने को तैयार थे। इन विधायकों से अन्य डील तो फाइनल हो गई थी लेकिन भाजपा टिकट का वादा नहीं कर रही थी। इस कारण तीनों विधायकों ने ऐन वक्त पर अपना इरादा बदल दिया था।
विज्ञापन


दरअसल भाजपा आला कमान ने प्रदेश में विधायकों की जमीनी ताकत का पता लगाने के लिए एक सर्वे कराया है। इस सर्वे में जो विधायक जीतने की स्थिति में बताए गए हैं, उन्हीं को टिकट का आश्वासन दिया जा रहा है। सपा के तीनों विधायकों की भले ही भाजपा से डील फाइनल नहीं हो पाई लेकिन यह तय हो गया कि उनका मन सपा से खट्टा हो चुका है। इससे वह कभी भी सपा से छिटककर दूसरे दलों में जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाई को तवज्जो न मिलने की टीस
अजय वाजपेयी के भाई अशोक वाजपेयी को मुलायम का करीबी कहा जाता है लेकिन प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार में उन्हें तवज्जो नहीं मिल रही है। वरिष्ठ और ब्राह्मण समाज का निर्विवाद चेहरा होने के बावजूद अशोक वाजपेयी को मंत्री नहीं बनाया गया। लोकसभा चुनाव में लखनऊ से नाम फाइनल होने के बाद उन्हें टिकट नहीं दिया गया। इसके बाद राज्यसभा में उनके नाम की चर्चा हुई वहां भी किनारे कर दिए गए। पहले चक्र में एमएलसी भी नहीं बनाए गए।

इसी बीच प्रदेश स्तर पर अशोक वाजपेयी के भाजपा में जाने की चर्चा शुरू हो गई तब ऐन वक्त उन्हें मनोनीत एमएलसी बनवाया गया। अशोक भले ही भाजपा में नहीं गए लेकिन उसी समय भुल्लन की नजदीकी भगवा दल से हो गई थी। पिछले दिनों उन्होंने शहर के एक होटल में पत्रकारों को भोज देकर भाजपा में जाने का संकेत दे भी दिया था। भुल्लन अपने भाई के पुराने चुनावी क्षेत्र शाहाबाद से चुनाव लड़ना चाहते हैं। इस सीट पर भाजपा से करीब आठ दावेदार हैं।


तो किसका प्रचार करेंगे अशोक?
सपा के राष्ट्रीय महासचिव अशोक वाजपेयी के भाई अजय भाजपा से टिकट मांग रहे हैं। अगर भाजपा उन्हें टिकट देती है तो अशोक वाजपेयी भाई के विरोध में प्रचार करेंगे, या फिर लोकसभा चुनाव में जिस तरह श्याम प्रकाश ने भाजपा के टिकट पर लड़े अंशुल वर्मा को आशीर्वाद दिया था वैसा ही अशोक भी करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed