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चकबंदी रोकने को ग्रामीणों का चढ़ा पारा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 19 Jun 2015 12:10 AM IST
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गांव में चकबंदी प्रक्रिया को रोकने और चकबंदी
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अधिकारियों द्वारा की गई अनियमितताओं की जांच कराने की मांग को लेकर
गुरुवार को हिंदू नगर परगना पंडरवा के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट परिसर में
जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उधर, अयारी में
चकबंदी निरस्त कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में नारेबाजी
की और डीएम को ज्ञापन सौंप चकबंदी प्रक्रिया रोकने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए शाहाबाद के ग्राम हिंदू नगर परगना पंडरवा धनीराम राठौर और राम सागर ने कहा कि चकबंदी अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित चकों के अनुसार कब्जा परिवर्तन पैमाइश कार्रवाई की जा रही है, जबकि ग्रामीणों को लेखपाल या कानूनगो या चकबंदी विभाग के जिम्मेदारों में से किसी के द्वारा भी बनाए गए चकों का नक्शा अवलोकन नहीं करवाया गया और न ही यह बताया गया कि ग्रामीणों का चक किन किन नंबरों पर बनाया गया है।
ग्रामीणोें ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में पैमाइश के समय लेखपाल और चकबंदी अधिकारियों द्वारा अपने-अपने चक सुधरवाने के लिए सुविधा शुल्क की मांग की जाती है और न देने वालों को ऊसर व बंजर चक दिए जाने की धमकी दी जा रही है।
कहा कि ऐसी स्थिति में पैमाइश को तत्काल रोकने की जरूरत है। चकबंदी अधिकारियों को जब इस बात का उलाहना दिया जाता है, तो उनका कहना होता है कि अधिकारियों के दबाव में इस प्रकार के कार्य करवाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इस दौरान जोरदार नारेबाजी की तथा जिलाधिकारी रमेश मिश्र को ज्ञापन सौंप कर चकबंदी तत्काल बंद कराने एवं चकबंदी कर्मचारियों द्वारा की जा रही अनियमितताआें की जांच करा कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर भगवान दीन, संतोष सिंह, महिपाल, बाबूराम, आशाराम, रमा प्रसाद, प्रेम कुमार, अनिल कुमार, मुनेश्वर, देशराज, मोतीलाल, विश्राम आदि मौजूद थे। उधर, ग्राम सभा अयारी के गोविंद प्रकाश, दिनेश, रामेंद्र कुमार, वीरपाल आदि ने बताया कि उनकी ग्रामसभा में चकबंदी होने की कोई जरूरत नहीं है।
ग्रामसभा में पहले से ही छह तालाब मौजूद हैं। खलिहान, खाद के गड्ढे, चारागाह तथा प्राथमिक व जूनियर स्कूलों के पास भी ग्राम सभा की भूमि पर्याप्त मात्रा में है। खेतों के मध्य मेड़ों को लेकर भी कोई विवाद नहीं है। यदि इसके बाद भी गांव में चकबंदी हुई तो छोटे किसानों को बड़ा नुकसान होगा।
आरोप लगाया कि कुछ चंद लोग चकबंदी कराकर अपना हित साधना चाहते हैं। यदि चकबंदी हुई तो गांव में शांति भंग होने की भी पूरी उम्मीद है। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और डीएम रमेश मिश्र को ज्ञापन सौंपकर चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए शाहाबाद के ग्राम हिंदू नगर परगना पंडरवा धनीराम राठौर और राम सागर ने कहा कि चकबंदी अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित चकों के अनुसार कब्जा परिवर्तन पैमाइश कार्रवाई की जा रही है, जबकि ग्रामीणों को लेखपाल या कानूनगो या चकबंदी विभाग के जिम्मेदारों में से किसी के द्वारा भी बनाए गए चकों का नक्शा अवलोकन नहीं करवाया गया और न ही यह बताया गया कि ग्रामीणों का चक किन किन नंबरों पर बनाया गया है।
ग्रामीणोें ने यह भी आरोप लगाया कि गांव में पैमाइश के समय लेखपाल और चकबंदी अधिकारियों द्वारा अपने-अपने चक सुधरवाने के लिए सुविधा शुल्क की मांग की जाती है और न देने वालों को ऊसर व बंजर चक दिए जाने की धमकी दी जा रही है।
कहा कि ऐसी स्थिति में पैमाइश को तत्काल रोकने की जरूरत है। चकबंदी अधिकारियों को जब इस बात का उलाहना दिया जाता है, तो उनका कहना होता है कि अधिकारियों के दबाव में इस प्रकार के कार्य करवाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इस दौरान जोरदार नारेबाजी की तथा जिलाधिकारी रमेश मिश्र को ज्ञापन सौंप कर चकबंदी तत्काल बंद कराने एवं चकबंदी कर्मचारियों द्वारा की जा रही अनियमितताआें की जांच करा कार्रवाई की मांग की।
इस मौके पर भगवान दीन, संतोष सिंह, महिपाल, बाबूराम, आशाराम, रमा प्रसाद, प्रेम कुमार, अनिल कुमार, मुनेश्वर, देशराज, मोतीलाल, विश्राम आदि मौजूद थे। उधर, ग्राम सभा अयारी के गोविंद प्रकाश, दिनेश, रामेंद्र कुमार, वीरपाल आदि ने बताया कि उनकी ग्रामसभा में चकबंदी होने की कोई जरूरत नहीं है।
ग्रामसभा में पहले से ही छह तालाब मौजूद हैं। खलिहान, खाद के गड्ढे, चारागाह तथा प्राथमिक व जूनियर स्कूलों के पास भी ग्राम सभा की भूमि पर्याप्त मात्रा में है। खेतों के मध्य मेड़ों को लेकर भी कोई विवाद नहीं है। यदि इसके बाद भी गांव में चकबंदी हुई तो छोटे किसानों को बड़ा नुकसान होगा।
आरोप लगाया कि कुछ चंद लोग चकबंदी कराकर अपना हित साधना चाहते हैं। यदि चकबंदी हुई तो गांव में शांति भंग होने की भी पूरी उम्मीद है। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और डीएम रमेश मिश्र को ज्ञापन सौंपकर चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराने की मांग की।