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‘सेवा में ही प्रभु का होता वास’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 03 May 2015 12:23 AM IST
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शहर के सांडी रोड स्थित मंदिर में शनिवार को भगवान
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नृसिंह की जयंती बड़े ही श्रद्धाभाव से मनाई गई। नृसिंह भगवान मंदिर में
विशेष पूजन अर्चन के उपरांत आचार्य द्वारा प्रवचनों को सुनाया गया।
प्रवचन सुनने के बाद लोग भक्ति भावना से परिपूर्ण नजर आए। प्रवचनों के बाद भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। प्राचीन श्रवण देवी मंदिर के निकट नृसिंह भगवान मंदिर में शनिवार को बड़े ही श्रद्धाभाव से नृसिंह जयंती मनाई गई। नृसिंह मंदिर में आचार्य संतोष भाई के वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा पूर्व सांसद गंगा बक्श सिंह ने पूजन व आरती की, जिसके बाद अन्य गणमान्य लोगों ने पूजन किया।
नृसिंह जयंती के पर्व पर आचार्य संतोष भाई ने प्रवचनों को सुनाया। उन्हाेंने कहा कि भक्त के हृदय में भगवान का प्रागट्य ही सेवा का भाव बनता है। भगवान भक्त की एक प्रार्थना सुनकर पत्थर के खंभे में से प्रकट हो गए, जिससे सिद्ध है कि सेवा में ही प्रभु का वास होता है।
बुराई पर अच्छाई की विजय भगवान की कृपा से ही होती है। आचार्य के प्रवचनों के बाद भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। नृसिंह जयंती पर इंद्रेश्वर नाथ गुप्ता, पहलूमल नानवानी, ओम प्रकाश गुप्ता व बाल शास्त्री आदि मौजूद थे।
प्रवचन सुनने के बाद लोग भक्ति भावना से परिपूर्ण नजर आए। प्रवचनों के बाद भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। प्राचीन श्रवण देवी मंदिर के निकट नृसिंह भगवान मंदिर में शनिवार को बड़े ही श्रद्धाभाव से नृसिंह जयंती मनाई गई। नृसिंह मंदिर में आचार्य संतोष भाई के वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा पूर्व सांसद गंगा बक्श सिंह ने पूजन व आरती की, जिसके बाद अन्य गणमान्य लोगों ने पूजन किया।
नृसिंह जयंती के पर्व पर आचार्य संतोष भाई ने प्रवचनों को सुनाया। उन्हाेंने कहा कि भक्त के हृदय में भगवान का प्रागट्य ही सेवा का भाव बनता है। भगवान भक्त की एक प्रार्थना सुनकर पत्थर के खंभे में से प्रकट हो गए, जिससे सिद्ध है कि सेवा में ही प्रभु का वास होता है।
बुराई पर अच्छाई की विजय भगवान की कृपा से ही होती है। आचार्य के प्रवचनों के बाद भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया। नृसिंह जयंती पर इंद्रेश्वर नाथ गुप्ता, पहलूमल नानवानी, ओम प्रकाश गुप्ता व बाल शास्त्री आदि मौजूद थे।