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रावण के अत्याचार से मचा हाहाकार

Mon, 28 Feb 2022 10:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Feb 2022 10:50 PM IST
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Ravana's tyranny created an outcry
हरदोई। नुमाइश मैदान में चल रहे रामलीला मंचन में सोमवार को जालंधर वध के साथ तुलसी विवाह के प्रसंग का मंचन किया गया। वृंदावन से आए कलाकारों ने अदाकारी से समां बांध दिया।
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सोमवार को मंचन के दौरान राजा प्रताप भानु को श्राप, फिर रावण, कुंभकरण एवं विभीषण के जन्म से लेकर तपस्या एवं लंका प्राप्ति के साथ मेघनाथ आदि संतति के जन्म एवं इंद्रलोक पर आक्रमण व रावण के अत्याचारों के प्रसंगों का मंचन किया गया।
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मंचन में दर्शाया गया कि रावण के अत्याचारों से हाहाकार मच जाता है और हर तरफ लोग भगवान को याद करने लगते हैं। सबसे पहले दिखाया गया कि राक्षस गुरु की सलाह पर असुर राज जालंधर ने शक्तियां प्राप्त करने के लिए तपस्या की।
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शक्तियां मिलने के बाद जलंधर ने बैकुंठ पर आक्रमण किया। लक्ष्मी ने जलंधर से कहा कि हम दोनों ही जल से पैदा हुए हैं, इसलिए भाई-बहन हैं। लक्ष्मी की बातों से जलंधर प्रभावित हुआ और लक्ष्मी को बहन मानकर बैकुंठ से चला गया।
एक दिन जालंधर ने माता पार्वती पर कुदृष्टि डाली तो महादेव को जलंधर से युद्ध करना पड़ा। जालंधर की पत्नी वृंदा के सतीत्व से भगवान शिव के प्रहार जालंधर पर असर नहीं कर रहे थे।
इस पर विष्णु भगवान ने जालंधर का रूप बनाकर वृंदा के सतीत्व को भंग किया, जिससे शिव ने जालंधर का अंत कर दिया। इसकी जानकारी होने पर वृंदा ने विष्णु भगवान को श्राप दिया कि पत्थर के हो जाओ और तब भगवान पत्थर का रूप लेकर सालिगराम कहलाए।
वृंदा सती होकर राख हुई, जिससे तुलसी की उत्पति हुई और तुलसी विवाह की परंपरा शुरू हुई। भगवान ने वरदान दिया कि तुलसी के बिना मेरी पूूजा पूर्ण नहीं मानी जाएगी।
मंचन की कड़ी में राजा प्रताप भानु कथा रावण-कुंभकरण, विभीषण के जन्म व उनकी तपस्या प्रसंग का मंचन हुआ।
प्रतापी राजा प्रताप भानु ब्राह्मणों के शाप से शापित होकर रावण के रूप में कुंभकरण व विभीषण के साथ जन्म लेते हैं। कठिन तपस्या के बाद वरदान पाकर रावण और कुंभकरण राक्षस कुल के अनुसार अत्याचार करने लगते हैं, जबकि विभीषण भगवान की भक्ति में रम जाते हैं।
रावण मंदोदरी से विवाह के बाद संतति के रूप में मेघनाथ आदि पुत्रों को प्राप्त करता है। मेघनाथ भी तप से शक्तियां प्राप्त कर इंद्रलोक पर विजय पा लेता है। इसके साथ ही लंकापति रावण का अत्याचार बढ़ने लगता है, तो देवताओं से लेकर लोगों के बीच हाहाकार मचने लगता है।
आज होगा राम अवतार, बजेगी बधाइयां
रामलीला कमेटी के प्रबंधक पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष राम प्रकाश शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को रामलीला मंचन की कड़ी में पृथ्वी पुकार, राम अवतार, अयोध्या में बधाई बजने की लीला का मंचन होने के साथ महर्षि विश्वामित्र का अयोध्या आगमन एवं महाराज दशरथ से कथन व राम लखन को असुरों के नाश के लिए साथ भेजने के प्रसंग का मंचन होगा।

रामलीला मंचन कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर दो बजे से शुरू होकर देर शाम तक चलता है। नुमाइश मैदान में चल रही लीला मंचन कार्यक्रम के साथ हर वर्ष की तरह इस बार भी वृहद मेला लगा हुआ है।
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