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रामलीला का मंचन देख दर्शक भाव विभोर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 09 Dec 2015 11:52 PM IST
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मल्लावां (हरदोई)। श्री बजरंगबली रामलीला कमेटी के तत्वावधान में सातवें दिन माता सीता की खोज, अक्षय वध और लंका दहन लीला का कलाकारों ने मंचन किया। इसे देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
मंचन में दिखाया गया कि प्रभु श्रीराम और सुग्रीव द्वारा सभी वानर सेना मां जानकी की खोज करते हुए समुद्र के तट पर पहुंचते हैं। वहां गिद्धराज जटायु का भाई संपाती मिलता है और वह माता सीता का पता बताता है। जब उसने बताया कि सीता इस सौ योजन समुद्र के पार लंका की अशोक वाटिका में है। वहीं जामवंत की सलाह पर श्रीराम, हनुमान जी को लंका में माता सीता की खोज में भेजते हैं और वहीं पर उनकी मुलाकात विभीषण से होती है। अशोक वाटिका पहुंचकर हनुमान जी, अंगूठी डालकर माता सीता को अपने आने का संदेश देते हैं। माता सीता से मिलकर वह श्रीराम की दशा का वर्णन करते हैं इसके बाद भूख लगने पर वह माता सीता से पूछकर बाग मेें जाकर फल खाने लगते हैं। मंचन में मेघनाथ ने ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर हनुमान जी को बंधक बना रावण की सभा में पेश करते हैं। वहीं हनुमान व रावण का संवाद होता है। रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूछ में आग लगा दी जाती है और हनुमान जी पूरी लंका दहन कर देते हैं।
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मंचन में दिखाया गया कि प्रभु श्रीराम और सुग्रीव द्वारा सभी वानर सेना मां जानकी की खोज करते हुए समुद्र के तट पर पहुंचते हैं। वहां गिद्धराज जटायु का भाई संपाती मिलता है और वह माता सीता का पता बताता है। जब उसने बताया कि सीता इस सौ योजन समुद्र के पार लंका की अशोक वाटिका में है। वहीं जामवंत की सलाह पर श्रीराम, हनुमान जी को लंका में माता सीता की खोज में भेजते हैं और वहीं पर उनकी मुलाकात विभीषण से होती है। अशोक वाटिका पहुंचकर हनुमान जी, अंगूठी डालकर माता सीता को अपने आने का संदेश देते हैं। माता सीता से मिलकर वह श्रीराम की दशा का वर्णन करते हैं इसके बाद भूख लगने पर वह माता सीता से पूछकर बाग मेें जाकर फल खाने लगते हैं। मंचन में मेघनाथ ने ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर हनुमान जी को बंधक बना रावण की सभा में पेश करते हैं। वहीं हनुमान व रावण का संवाद होता है। रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूछ में आग लगा दी जाती है और हनुमान जी पूरी लंका दहन कर देते हैं।
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