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जिले को नहीं मिली ‘प्रभु’ की कृपा

Thu, 25 Feb 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Thu, 25 Feb 2016 11:45 PM IST
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rail Budget

हरदोई। रेल बजट एक बार फिर जनपद के लोगों के उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कई सुनहरे सपनों की पटरी पर अपनी रेल दौड़ा दी लेकिन सांडी तक रेलवे लाइन और नई ट्रेन की आशा पर निराशा की हरी झंडी दिखा दी। हालांकि कुछ घोषणाओं ने आम यात्रियों को राहत दी। जिसमें यात्री और माल भाड़ा में बढ़ोत्तरी नहीं की गई। इसके अलावा सीनियर सिटीजन के लिए निचली सीट में आरक्षण बढ़ाकर फायदा दिया।

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संसद में गुरुवार को केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपना दूसरा बजट प्रस्तुत किया। जिसमें भी जनपद के यात्रियों के लिए कुछ बेहतर नहीं था। जनपद के लोगों ने इस बार तमाम नान स्टाप ट्रेनों के ठहराव की उम्मीद लगाई थी लेकिन जनपद से होकर गुजरने वाली किसी भी नान स्टाप ट्रेन का ठहराव नहीं किया गया। जिनमें शहीद एक्सप्रेस, हिमगिरी एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों की मांग बीते काफी समय से की जा रही है, इसी प्रकार शाहाबाद, संडीला के यात्री भी ट्रेन के ठहराव की मांग करते आ रहे थे। लेकिन जनपद की पूरी तरह से उपेक्षा रेल बजट में की गई।
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इतना ही यात्री पैसेंजर ट्रेनों में बोगियां बढ़ाने या फिर लंबी दूरी की ट्रेनों में जनरल बोगियां बढ़ाने की मांग की गई लेकिन लोगों को निराशा ही हाथ लगी। हरदोई रेलवे स्टेशन पर आरक्षण व टिकट काउंटर बढ़ाने की भी मांग की जा रही थी लेकिन इस ओर भी ध्यान नहीं दिया गया। उधर, सांडी में रेलवे लाइन शुरू किए जाने को रेल लाओ संघर्ष समिति ने काफी आंदोलन भी किया। रेलवे के बड़े अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक अपनी बात पहुंचाई लेकिन रेल बजट में कोई सांडी को रेलवे लाइन की सौगात नहीं मिलने से लोगों को मायूसी हाथ लगी। सीनियर सिटीजन को निचली सीट में 50 फीसदी आरक्षण और यात्री व माल भाड़ा में बढ़ोत्तरी न होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
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महिला डिब्बों में सुरक्षा नहीं, बीच की बर्थ को प्राथमिकता
हरदोई। रेल मंत्री ने अपने बजट में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरक्षित बोगियों में महिलाओं को बीच की बर्थ देने को प्राथमिकता में शामिल किया है।  वहीं, ट्रेनों के महिला डिब्बों में पुरुषों के अनधिकृत प्रवेश पर पूरी तरह से लगाम लगा पाने के लिए उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। महिला कोच में भी तमाम ट्रेनों में पुरुष सिपाहियों की ही तैनाती की जाती है, जो महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल है। फिलहाल अब आरक्षित डिब्बों में महिलाओं को बीच की बर्थ दिए जाने की पहल होगी।

मेमू के फेरों पर भी मिली निराशा
हरदोई। कांग्रेस की सरकार के दौरान जनपद को रेल बजट में मेमू ट्रेन की सौगात मिली थी। यह सुबह सात बजे लखनऊ जाती है और रात को 11 बजे हरदोई आती है। सिर्फ एक फेरा से लोगों को काफी निराशा हुई। इसके कुछ समय बाद मेमू ट्रेन को शाहजहांपुर से कर दिया गया। हालांकि इसके बाद भी जनपद के लोगों को उम्मीद थी कि फेरे बढ़ेंगे लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।

रेल बजट से हुए नउम्मीद
पुलकित शर्मा ने बताया कि रेल बजट में जनपद के काफी उम्मीदें थी लेकिन वह पूरी नहीं हुईं। ट्रेनोें के ठहराव को लेकर काफी मांग पत्र दिए गए लेकिन किसी भी मांग पत्र पर विचार नहीं हुआ। जबकि जनपद आए डीआरएम ने खुद लोगों से रेल बजट पर सुझाव मांगे थे।


भाजपा के सांसदों ने भी किया निराश
रेल आंदोलन संघर्ष समिति के संयोजक डा. पंकज त्रिवेदी ने कहा कि जिले की जनता ने संसद में दो भाजपा के सांसद जिताकर भेजे लेकिन उन्होंने भी हरदोई से माधौंगज तक रेल लाइन विछाए जाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रेल लाइन के डलवाने के लिए अपने खून से पत्र लिखा था उस पर भी प्रधानमंत्री जी ने ध्यान नहीं दिया। इससे क्षेत्र की जनता मायूस हो गई है।

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