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रघुनाथपुर तेंदुवा में मिले बाघ के लौटने के पद चिह्न !
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई।
Updated Sun, 06 Dec 2015 12:37 AM IST
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जिले के लोगों के लिए दहशत बना बाघ शुक्रवार की रात गोमती नदी पार कर सीतापुर इलाके में प्रवेश कर गया था लेकिन मिश्रिख रेंज के गांव रघुनाथपुर तेंदुवा गांव में मिले पगमार्क के आधार पर बाघ के वापस हरदोई लौटने की ओर इशारा कर रहे है।
ज्ञात हो कि शुक्रवार तक बाघ की आखिरी लोकेशन जनिगांव स्थित गन्ने के खेत में थी। शनिवार सुबह वन विभाग की टीम जब काम्बिंग की गई तो बाघ के नरापुर, बडसरा, बडेरा, हर्रैया गांव से होते हुए गोमती नदी पार कर सीतापुर के मिश्रिख रेंज में प्रवेश करने की पुष्टि मिले पंजों के निशान के आधार पर हुई। इसकी सूचना टीम द्वारा सीतापुर की वन विभाग की टीम को दी गयी।
मिश्रिख रेंजर अरुण कुमार सिंह ने सतेंद्र बहादुर सिंह, शिवनारायण शुक्ला, अनिल यादव सहित नदी से सटे गांवों में काम्बिंग शुरू की तो रामगढ चीनी मिल के निकट नदी से सटे गांव रघुनाथपुर तेंदुवा गांव में बाघ के पंजों के निशान पाये गये। रेंजर अरुण सिंह ने बताया कि बाघ के कछौना रेंज से मिश्रिख में प्रवेश करने और फिर से कछौना वापस लौटने के पद चिह्न मिलने की चर्चा है। वन विभाग के रेंजर एके सिंह ने कहा कि फिलहाल बाघ के हरदोई वापस लौटने की पुष्टि नहीं हुई है ।
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ज्ञात हो कि शुक्रवार तक बाघ की आखिरी लोकेशन जनिगांव स्थित गन्ने के खेत में थी। शनिवार सुबह वन विभाग की टीम जब काम्बिंग की गई तो बाघ के नरापुर, बडसरा, बडेरा, हर्रैया गांव से होते हुए गोमती नदी पार कर सीतापुर के मिश्रिख रेंज में प्रवेश करने की पुष्टि मिले पंजों के निशान के आधार पर हुई। इसकी सूचना टीम द्वारा सीतापुर की वन विभाग की टीम को दी गयी।
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मिश्रिख रेंजर अरुण कुमार सिंह ने सतेंद्र बहादुर सिंह, शिवनारायण शुक्ला, अनिल यादव सहित नदी से सटे गांवों में काम्बिंग शुरू की तो रामगढ चीनी मिल के निकट नदी से सटे गांव रघुनाथपुर तेंदुवा गांव में बाघ के पंजों के निशान पाये गये। रेंजर अरुण सिंह ने बताया कि बाघ के कछौना रेंज से मिश्रिख में प्रवेश करने और फिर से कछौना वापस लौटने के पद चिह्न मिलने की चर्चा है। वन विभाग के रेंजर एके सिंह ने कहा कि फिलहाल बाघ के हरदोई वापस लौटने की पुष्टि नहीं हुई है ।
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