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पावर प्लांट की दरकार, करोड़ों बेकार...!
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हरदोई। बिजली संकट के कारण पंचायत भवनों में बने कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) का लाभ लोगों का नहीं मिल पा रहा है। नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क योजना के तहत जिले के 13 ब्लाकों की 833 ग्राम पंचायतों तक नेटवर्क पहुंच गया है। इस पर लगभग 85 करोड़ खर्च हो चुके हैं लेकिन बिजली गुल होने और वैकल्पिक व्यवस्था न होने से सेवा ठप हो जाती है। कनेक्टिविटी के लिए पावर प्लांटों की दरकार है।
ग्राम पंचायतों पर आनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने, वाईफाई सुविधा देने और वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए पंचायत भवनों में ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की व्यवस्था लागू की गई है।
नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क योजना से जिले की सभी ग्राम पंचायतों को कनेेक्ट किया जाना है। ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने के साथ ऑप्टिकल नेटवर्क टर्मिनल लगाने की बात बीएसएनएल के जिम्मेदार कह रहे हैं। अभी छह ब्लाकों की ग्राम पंचायतों तक ये कार्य होना है। लेकिन जहां ये सुविधा है, वहीं बिजली संकट के कारण लोगों को सीएससी का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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इसलिए ठप हो जाती कनेक्टिविटी
पंचायतों को ओएफसी से कनेक्ट कर हाईस्पीड इंटरनेट देने के लिए करीब 40 टेलीफोन एक्सचेंजों को ऑप्टिकल लोकल टर्मिनल (ओएलटी) से जोड़ा गया है। अब ओएलटी के नियमित रूप से कार्य करने के लिए मुख्य एक्सचेंज में बिजली की आवश्यकता होती है। इन एक्सचेंजों में न तो सोलर प्लांट हैं न ही पावर प्लांट। बिजली जाते ही एक्सचेंज ठप हो जाते हैं।
बिछाई गई ओएफसी
जिले के 13 ब्लाकों की 833 ग्राम पंचायतों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए लगभग 1700 किमी ओएफसी बिछाई गई। विभागीय लोगों के मुताबिक प्रति किलोमीटर औसतन पांच लाख का खर्च आया है। ब्लाक बावन, बिलग्राम, टड़ियावां, अहिरोरी, हरपालपुर, बेंहदर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों तक लगभग 750 किमी ओएफसी बिछाने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है।
वर्जन
- पावर प्लांटों के लिए जिले से तीन बार डिमांड मुख्यालय भेजी जा चुकी है। बिजली आपूर्ति पर ही एक्सचेंजों की निर्भरता है, ऐसे में बिजली जाने पर सेवाएं ठप हो जाती हैं। इस संबंध में फिर से पत्र सर्किल आफिस भेजा जा रहा है। -आलोक कुमार, टीडीएम, बीएसएनएल
- बीएसएनएल की कनेक्टिविटी की समस्या के कारण ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर अन्य नेटवर्क के जरिये भी जोड़े गए हैं। पावर की समस्या न हो इसके लिए इनवर्टर लगाए गए हैं। अब तक 900 ग्राम पंचायतों में ये व्यवस्था कर दी गई है, शेष ग्राम पंचायतों के लिए कार्य चल रहा है। -सीपी सिंह, एडीपीआरओ, पंचायत राज विभाग
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ग्राम पंचायतों पर आनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने, वाईफाई सुविधा देने और वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए पंचायत भवनों में ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की व्यवस्था लागू की गई है।
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नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क योजना से जिले की सभी ग्राम पंचायतों को कनेेक्ट किया जाना है। ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने के साथ ऑप्टिकल नेटवर्क टर्मिनल लगाने की बात बीएसएनएल के जिम्मेदार कह रहे हैं। अभी छह ब्लाकों की ग्राम पंचायतों तक ये कार्य होना है। लेकिन जहां ये सुविधा है, वहीं बिजली संकट के कारण लोगों को सीएससी का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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इसलिए ठप हो जाती कनेक्टिविटी
पंचायतों को ओएफसी से कनेक्ट कर हाईस्पीड इंटरनेट देने के लिए करीब 40 टेलीफोन एक्सचेंजों को ऑप्टिकल लोकल टर्मिनल (ओएलटी) से जोड़ा गया है। अब ओएलटी के नियमित रूप से कार्य करने के लिए मुख्य एक्सचेंज में बिजली की आवश्यकता होती है। इन एक्सचेंजों में न तो सोलर प्लांट हैं न ही पावर प्लांट। बिजली जाते ही एक्सचेंज ठप हो जाते हैं।
बिछाई गई ओएफसी
जिले के 13 ब्लाकों की 833 ग्राम पंचायतों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए लगभग 1700 किमी ओएफसी बिछाई गई। विभागीय लोगों के मुताबिक प्रति किलोमीटर औसतन पांच लाख का खर्च आया है। ब्लाक बावन, बिलग्राम, टड़ियावां, अहिरोरी, हरपालपुर, बेंहदर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों तक लगभग 750 किमी ओएफसी बिछाने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है।
वर्जन
- पावर प्लांटों के लिए जिले से तीन बार डिमांड मुख्यालय भेजी जा चुकी है। बिजली आपूर्ति पर ही एक्सचेंजों की निर्भरता है, ऐसे में बिजली जाने पर सेवाएं ठप हो जाती हैं। इस संबंध में फिर से पत्र सर्किल आफिस भेजा जा रहा है। -आलोक कुमार, टीडीएम, बीएसएनएल
- बीएसएनएल की कनेक्टिविटी की समस्या के कारण ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर अन्य नेटवर्क के जरिये भी जोड़े गए हैं। पावर की समस्या न हो इसके लिए इनवर्टर लगाए गए हैं। अब तक 900 ग्राम पंचायतों में ये व्यवस्था कर दी गई है, शेष ग्राम पंचायतों के लिए कार्य चल रहा है। -सीपी सिंह, एडीपीआरओ, पंचायत राज विभाग