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शिवपाल के करीबी पारुल और राजेश सपा से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:50 PM IST
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पारुल दीक्षित।
- फोटो : amarujala
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हरदोई। सपा के पूर्व प्रदेश सचिव पारुल दीक्षित और राजेश यादव को सपा जिलाध्यक्ष ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। दोनों पर पार्टी विरोधी काम करने का आरोप लगाया गया है।
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पारुल दीक्षित और राजेश यादव को शिवपाल सिंह यादव का करीबी माना जाता है। सपा नेतृत्व में घमासान के समय पारुल खुलकर शिवपाल और मुलायम सिंह यादव के साथ खड़े थे। तीन दशक तक लगातार जिला कमेटी में रहे परुल को पिछले साल शिवपाल सिंह ने प्रदेश सचिव बनाया था।
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राजेश यादव जिलाध्यक्ष के अलावा लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश सचिव रह चुके हैं। उन्हें शिवपाल यादव का कट्टर समर्थक कहा जाता है। शिवपाल के प्रदेश सचिव रहते उन्होंने अपने समर्थक रामू कश्यप को जिलाध्यक्ष बनवा लिया था।
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पिछले दिनों वह इटावा में शिवपाल सिंह के नामांकन भी गए थे। गुरुवार को जिलाध्यक्ष शराफत अली ने दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे, इस कारण प्रदेश अध्यक्ष की अनुमति से उन्हें छह साल के लिए सपा से निकाला जा रहा है।
इस संबंध में पारुल दीक्षित ने कहा कि मैंने मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव के सानिध्य में राजनीति शुरू की थी। मुलायम, शिवपाल और अखिलेश हमारे नेता हैं और मैं सपा का सच्चा सिपाही हूं। नेताजी को अपशब्द कहने वाले को चुनाव मे ंसबक सिखाऊंगा और हरदोई सदर की सीट पर हार का तोहफा नेताजी को भेंट करूंगा।