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पीएचसी में नहीं जाते डॉक्टर,फार्मासिस्ट देखते मरीज
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पीएचसी में मरीज से जानकारी लेते फार्मासिस्ट लाल सिंह। संवाद
- फोटो : HARDOI
मल्लावां। ब्लॉक के नसीरपुर में संचालित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बदहाल है। यहां डॉक्टर व स्टाफ के न पहुंचने से ग्रामीणों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। फार्मासिस्ट मरीजों को दवाएं दे रहे हैं। ग्रामीण गंभीर मरीजों को लेकर 10 किलामीटर दूर मल्लावां सीएचसी ले जाने पर मजबूर हैं।
मल्लावां के नसीरपुर में 10 वर्ष पूर्व न्यू पीएचसी का निर्माण हुआ था। मरीजों के लिए दो बेडों की व्यवस्था थी। पीएचसी में लैब व प्रसव की सुविधाएं थीं। जिसके लिए एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब कर्मी, एक वार्ड ब्वाय, दो एएनएम, नर्स व सफाईकर्मी तैनात हैं। पीएचसी से इलाके की 20 हजार आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद थी। लेकिन विभागीय अनदेखी के कारण लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। आलम यह है कि पीएचसी में तैनात डॉक्टर नहीं जा रहे हैं। इसकेे अलावा अन्य स्टाफ अभी-कभार ड्य़ूटी करने पहुंच रहा है। ऐसे में फार्मासिस्ट के सहारे पीएचसी चल रही है।
डॉक्टर की आरोग्य मेले में ड्यूटी लगती है। डॉक्टर को तीन दिन लगातार पीएचसी में ड्यूटी करनी है। अगर डॉक्टर व अन्य कर्मचारी ड्यूटी करने नहीं पहुंच रहे हैं, तो जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अरविंद मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक, मल्लावां
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कनेक्शन नहीं, शोपीस बने विद्युत उपकरण
ग्रामीणों के मुताबिक पीएचसी बने 10 वर्ष बीत चुके हैं। पीएचसी में विद्युत व्यवस्था के लिए वायरिंग की गई थी। लेकिन अभी तक विद्युत कनेक्शन नहीं हो सका है। जिससे विद्युत उपकरण शोपीस बने हैं।
स्टैंड लगा पर नहीं रखी पानी की टंकी
पीएचसी में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। पीएचसी में पानी की टंकी लगनी थी। जिसके लिए पीएचसी परिसर में स्टैंड बना दिया गया। लेकिन अभी तक पानी की टंकी नहीं रखी जा सकी है।
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मल्लावां के नसीरपुर में 10 वर्ष पूर्व न्यू पीएचसी का निर्माण हुआ था। मरीजों के लिए दो बेडों की व्यवस्था थी। पीएचसी में लैब व प्रसव की सुविधाएं थीं। जिसके लिए एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट, लैब कर्मी, एक वार्ड ब्वाय, दो एएनएम, नर्स व सफाईकर्मी तैनात हैं। पीएचसी से इलाके की 20 हजार आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद थी। लेकिन विभागीय अनदेखी के कारण लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। आलम यह है कि पीएचसी में तैनात डॉक्टर नहीं जा रहे हैं। इसकेे अलावा अन्य स्टाफ अभी-कभार ड्य़ूटी करने पहुंच रहा है। ऐसे में फार्मासिस्ट के सहारे पीएचसी चल रही है।
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डॉक्टर की आरोग्य मेले में ड्यूटी लगती है। डॉक्टर को तीन दिन लगातार पीएचसी में ड्यूटी करनी है। अगर डॉक्टर व अन्य कर्मचारी ड्यूटी करने नहीं पहुंच रहे हैं, तो जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अरविंद मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक, मल्लावां
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कनेक्शन नहीं, शोपीस बने विद्युत उपकरण
ग्रामीणों के मुताबिक पीएचसी बने 10 वर्ष बीत चुके हैं। पीएचसी में विद्युत व्यवस्था के लिए वायरिंग की गई थी। लेकिन अभी तक विद्युत कनेक्शन नहीं हो सका है। जिससे विद्युत उपकरण शोपीस बने हैं।
स्टैंड लगा पर नहीं रखी पानी की टंकी
पीएचसी में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। पीएचसी में पानी की टंकी लगनी थी। जिसके लिए पीएचसी परिसर में स्टैंड बना दिया गया। लेकिन अभी तक पानी की टंकी नहीं रखी जा सकी है।