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मनरेगा उपायुक्त को नहीं मिले अहिरोरी के पौधरोपण संबंधी अभिलेख
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हरदोई। अहिरोरी विकास खंड के 15 गांवों में पौधरोपण के नाम पर हुए खेल पर पर्दा डालने की कोशिशें तेज हो गईं हैं। संबंधित गांवों में तैनात सचिवों पर अभिलेखों में बैक डेट में हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उधर दूसरी ओर पौधरोपण से संबंधित अभिलेख मनरेगा उपायुक्त के सामने 28 नवंबर को प्रस्तुत नहीं किए गए।
अहिरोरी में मनरेगा के तहत 15 गांवों में पौधरोपण का दावा कर पौधों की खरीद के नाम पर साढ़े छह लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। अमर उजाला ने इस गोलमाल का खुलासा प्रमुखता से 24 नवंबर को किया था। डीएम और सीडीओ ने प्रकरण संज्ञान में लेकर मनरेगा उपायुक्त से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने अहिरोरी बीडीओ अमरेश सिंह चौहान और एडीओ आईएसबी राजीव पांडेय से जवाब तलब किया है।
28 नवंबर तक स्पष्टीकरण देने और पौधरोपण से संबंधित पत्रावलियां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए थे। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि ब्लाक से पौधरोपण से संबंधित पत्रावलियां अभी उपलब्ध नहीं कराई गईं हैं। स्पष्टीकरण भी न मिलने की बात उन्होंने कही। उधर दूसरी ओर संबंधित ग्राम सचिवों पर पौधरोपण संबंधी अभिलेखों पर बैक डेट में हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। दरअसल ग्राम सचिवों ने जिम्मेदारों को ज्ञापन देकर पौधरोपण और किए गए भुगतान के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही थी। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल का कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी हो रही है, जो दोषी होगा उसी पर कार्रवाई होगी।
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अहिरोरी में मनरेगा के तहत 15 गांवों में पौधरोपण का दावा कर पौधों की खरीद के नाम पर साढ़े छह लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। अमर उजाला ने इस गोलमाल का खुलासा प्रमुखता से 24 नवंबर को किया था। डीएम और सीडीओ ने प्रकरण संज्ञान में लेकर मनरेगा उपायुक्त से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने अहिरोरी बीडीओ अमरेश सिंह चौहान और एडीओ आईएसबी राजीव पांडेय से जवाब तलब किया है।
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28 नवंबर तक स्पष्टीकरण देने और पौधरोपण से संबंधित पत्रावलियां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए थे। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि ब्लाक से पौधरोपण से संबंधित पत्रावलियां अभी उपलब्ध नहीं कराई गईं हैं। स्पष्टीकरण भी न मिलने की बात उन्होंने कही। उधर दूसरी ओर संबंधित ग्राम सचिवों पर पौधरोपण संबंधी अभिलेखों पर बैक डेट में हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। दरअसल ग्राम सचिवों ने जिम्मेदारों को ज्ञापन देकर पौधरोपण और किए गए भुगतान के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही थी। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल का कहना है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी हो रही है, जो दोषी होगा उसी पर कार्रवाई होगी।
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