{"_id":"61bb8d755e26af37a36a7926","slug":"manrega-hardoi-news-knp669957636","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा मजदूरी डकारने के मामले में सीडीओ ने दिए जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा मजदूरी डकारने के मामले में सीडीओ ने दिए जांच के आदेश
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फोटो-34-15 दिसंबर के अंक में अमर उजाला में प्रकाशित खबर। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। बेंहदर विकास खंड की ग्राम पंचायत सरेहरी में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के नौ लाभार्थियों को मनरेगा के तहत दी जाने वाली मजदूरी में खेल का मामला तूल पकड़ गया है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर सीडीओ आकांक्षा राना ने पूरे मामले पर मनरेगा उपायुक्त से आख्या मांगी है। 18 दिसंबर तक हर हाल में जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी देने का नियम है। बेंहदर विकास खंड की ग्राम पंचायत सरेहरी में नौ लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी भेजने में पंचायत मित्र ने खेल कर दिया। पंचायत मित्र ने आठ लाभार्थियों की मजदूरी अपनी पत्नी के बैंक खाते में और एक लाभार्थी की मजदूरी अपने पिता के खाते में स्थानांतरित कर ली। कुल 25,725 रुपये की मजदूरी का भुगतान पंचायत मित्र ने अपनी पत्नी और पिता के बैंक खातों में कर दिया था।
बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस पूरे खेल का खुलासा किया था। अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेकर सीडीओ ने पूरे मामले की जांच मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल को सौंपी है। इस बारे में जारी आदेश में सीडीओ ने मनरेगा उपायुक्त से कहा है कि तीन दिन में पूरे प्रकरण की जांच कर स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराएं। मनरेगा उपायुक्त ने बताया कि जांच के आदेश मिल गए हैं। समय से ही जांच कर रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी देने का नियम है। बेंहदर विकास खंड की ग्राम पंचायत सरेहरी में नौ लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी भेजने में पंचायत मित्र ने खेल कर दिया। पंचायत मित्र ने आठ लाभार्थियों की मजदूरी अपनी पत्नी के बैंक खाते में और एक लाभार्थी की मजदूरी अपने पिता के खाते में स्थानांतरित कर ली। कुल 25,725 रुपये की मजदूरी का भुगतान पंचायत मित्र ने अपनी पत्नी और पिता के बैंक खातों में कर दिया था।
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बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस पूरे खेल का खुलासा किया था। अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेकर सीडीओ ने पूरे मामले की जांच मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल को सौंपी है। इस बारे में जारी आदेश में सीडीओ ने मनरेगा उपायुक्त से कहा है कि तीन दिन में पूरे प्रकरण की जांच कर स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराएं। मनरेगा उपायुक्त ने बताया कि जांच के आदेश मिल गए हैं। समय से ही जांच कर रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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