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विरोधियों को फंसाने की साजिश में साथी की हत्या कर शव फेंका
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आरोपी कोटेदार सभाजीत सिंह उर्फ गुड्डू से पूछताछ करते एसपी अजय कुमार। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में ग्राम शिवथाना के कोटेदार और उसके चालक के अपहरण की पूरी घटना का खुलासा पुलिस ने बुधवार को कर दिया। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने और कई घटनाओं का राज दफन करने के लिए कोटेदार ने ही अपने चालक की हत्या कर लखनऊ जनपद के मलिहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम रहीमाबाद के निकट शव फेंक दिया था। पुलिस ने शव भी बरामद कर लिया है। खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शिवथाना निवासी यदुनंदन सिंह ने 27 नवंबर को बेनीगंज कोतवाली में कोटेदार पुत्र सभाजीत सिंह उर्फ गुड्डू और उसके चालक गयादीन का अपहरण किए जाने की आशंका जताई थी। भाजपा नेता राजकुमार शुक्ला के कारोबारी पुत्र जितेंद्र कुमार शुक्ला, ग्राम प्रधान अर्चना शुक्ला, ग्राम प्रधानपति सुधीर कुमार, गांव निवासी सुधाकर तिवारी और अजीत तिवारी व साहबलाल को नामजद कर अपहरण और हत्या की आशंका में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सभाजीत की बाइक शिवथाना से भिठरिया जाने वाले मार्ग पर खड़ी मिली थी। पूरे मामले में एसपी ने खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की थीं। सीओ सिटी विकास जायसवाल को विशेष तौर पर इसमें लगाया गया था।
28 नवंबर की रात सभाजीत सिंह कानपुर जनपद के बिल्हौर थाना क्षेत्र की अरौल चौकी क्षेत्र में संदिग्ध हालात में घूमता मिला था और यूपी 112 की पीआरवी ने उसे बिल्हौर पुलिस तक पहुंचाया था। पता चलने पर सीओ सिटी की टीम उसे हरदोई ले आई थी। मंगलवार रात पूरी घटना को लेकर सभाजीत सिंह से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने एसपी अजय कुमार और सीओ सिटी विकास जायसवाल के सामने सच उगल दिया। एसपी ने बताया कि सभाजीत ने गयादीन की हत्या की बात स्वीकार की है। सभाजीत के साथ सीओ सिटी की टीम मौके पर भेजी गई। सभाजीत ने बताया कि उसने गयादीन को गोली मार दी थी।
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मौके पर शव नहीं मिला, लेकिन खोखा, गयादीन के जूते और खून पड़ा मिला। इस पर मलिहाबाद पुलिस से संपर्क किया गया तो पता चला कि अज्ञात शव की शिनाख्त न हो पाने के कारण मोर्चरी में रखवा दिया गया था। सभाजीत से शव की शिनाख्त कराई गई। उसे हिरासत में ले लिया गया। गयादीन के परिजनों ने भी उसकी शिनाख्त कर ली। एसपी अजय कुमार ने बताया कि सभाजीत को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
जेल जाने से बच गए बेगुनाह
27 नवंबर को घटना का पता चलने पर एसपी अजय कुमार घटनास्थल पर सीओ सिटी विकास जायसवाल को साथ लेकर गए थे। प्राथमिक जांच में ही पूरा घटनाक्रम संदेह के घेरे में आ गया था। वहीं एसपी ने बयान जारी किया था कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है, लेकिन किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। इसके बाद विवेचना हुई तो सारा खेल खुल गया और छह बेगुनाह जेल जाने से बच गए।
गिरोह है सक्रिय, जल्द करेंगे अहम खुलासे
एसपी अजय कुमार ने बताया कि बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में एक विशेष गिरोह सक्रिय है। यह लोग अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने के लिए पूरी योजना बनाते हैं। दूसरों के लिए भी यह कार्य सुपारी लेकर करते हैं। एसपी का दावा है कि कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनमें घटना को अंजाम किसी और ने दिया व फंसा दूसरे लोग दिए गए। जल्द ही इस गिरोह का खुलासा करने का दावा भी एसपी ने किया।
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बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शिवथाना निवासी यदुनंदन सिंह ने 27 नवंबर को बेनीगंज कोतवाली में कोटेदार पुत्र सभाजीत सिंह उर्फ गुड्डू और उसके चालक गयादीन का अपहरण किए जाने की आशंका जताई थी। भाजपा नेता राजकुमार शुक्ला के कारोबारी पुत्र जितेंद्र कुमार शुक्ला, ग्राम प्रधान अर्चना शुक्ला, ग्राम प्रधानपति सुधीर कुमार, गांव निवासी सुधाकर तिवारी और अजीत तिवारी व साहबलाल को नामजद कर अपहरण और हत्या की आशंका में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सभाजीत की बाइक शिवथाना से भिठरिया जाने वाले मार्ग पर खड़ी मिली थी। पूरे मामले में एसपी ने खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की थीं। सीओ सिटी विकास जायसवाल को विशेष तौर पर इसमें लगाया गया था।
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28 नवंबर की रात सभाजीत सिंह कानपुर जनपद के बिल्हौर थाना क्षेत्र की अरौल चौकी क्षेत्र में संदिग्ध हालात में घूमता मिला था और यूपी 112 की पीआरवी ने उसे बिल्हौर पुलिस तक पहुंचाया था। पता चलने पर सीओ सिटी की टीम उसे हरदोई ले आई थी। मंगलवार रात पूरी घटना को लेकर सभाजीत सिंह से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने एसपी अजय कुमार और सीओ सिटी विकास जायसवाल के सामने सच उगल दिया। एसपी ने बताया कि सभाजीत ने गयादीन की हत्या की बात स्वीकार की है। सभाजीत के साथ सीओ सिटी की टीम मौके पर भेजी गई। सभाजीत ने बताया कि उसने गयादीन को गोली मार दी थी।
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मौके पर शव नहीं मिला, लेकिन खोखा, गयादीन के जूते और खून पड़ा मिला। इस पर मलिहाबाद पुलिस से संपर्क किया गया तो पता चला कि अज्ञात शव की शिनाख्त न हो पाने के कारण मोर्चरी में रखवा दिया गया था। सभाजीत से शव की शिनाख्त कराई गई। उसे हिरासत में ले लिया गया। गयादीन के परिजनों ने भी उसकी शिनाख्त कर ली। एसपी अजय कुमार ने बताया कि सभाजीत को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
जेल जाने से बच गए बेगुनाह
27 नवंबर को घटना का पता चलने पर एसपी अजय कुमार घटनास्थल पर सीओ सिटी विकास जायसवाल को साथ लेकर गए थे। प्राथमिक जांच में ही पूरा घटनाक्रम संदेह के घेरे में आ गया था। वहीं एसपी ने बयान जारी किया था कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है, लेकिन किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। इसके बाद विवेचना हुई तो सारा खेल खुल गया और छह बेगुनाह जेल जाने से बच गए।
गिरोह है सक्रिय, जल्द करेंगे अहम खुलासे
एसपी अजय कुमार ने बताया कि बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में एक विशेष गिरोह सक्रिय है। यह लोग अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने के लिए पूरी योजना बनाते हैं। दूसरों के लिए भी यह कार्य सुपारी लेकर करते हैं। एसपी का दावा है कि कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिनमें घटना को अंजाम किसी और ने दिया व फंसा दूसरे लोग दिए गए। जल्द ही इस गिरोह का खुलासा करने का दावा भी एसपी ने किया।