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Hardoi News: मुंडेर के पास 136 हेक्टेयर में बनेगा औद्योगिक गलियारा
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मुंडेर के पास 136 हेक्टेयर में बनेगा औद्योगिक गलियारा
औद्योगिक विकास के साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी
जिले की आर्थिक स्थिति में होगा सुधार, प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी होगी
हरदोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर तहसील सवायजपुर में मुंडेर के पास करीब 136 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर औद्योगिक गलियारा विकसित कराया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने भूमि का अधिग्रहण भी करा लिया है।
इसमें से करीब 116 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि का बैनामा किसानों से समझौते के आधार पर कराया गया है जबकि अन्य भूमि का पुनर्ग्रहण किया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारा की स्थापना से जिले में औद्योगिक विकास के साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी होगी। इस औद्योगिक गलियारा की स्थापना की आधारशिला भी प्रधानमंत्री की तरफ से रखे जाने की संभावना है।
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फर्रुखाबाद प्रवेश नियंत्रित परियोजना के शिलान्यास की उम्मीद
हरदोई। प्रधानमंत्री के 29 अप्रैल को संभावित गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह में गंगा एक्सप्रेसवे से निकलने वाले फर्रुखाबाद प्रवेश नियंत्रित परियोजना के भी शिलान्यास की उम्मीद है।
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इस परियोजना में जिले की तहसील सवायजपुर के छह गांव से 54 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि 915 किसानेां से ली जानी है। प्रशासन ने करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि का 450 किसानों से बैनामा करा लिया है। वहीं अन्य किसानों से भी तेजी से बैनामा कराए जाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को फर्रुखाबाद के बाहर-बाहर ही लखनऊ एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में आसानी रहेगी।
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छह से आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा गंगा एक्सप्रेसवे
हरदोई/उन्नाव। देश के अब तक के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे का करीब 100 किलोमीटर भाग हरदोई में आता है। इसमें तहसील शाहाबाद, सवायजपुर और बिलग्राम के गांवों से भूमि ली गई है। गंगा एक्सप्रेसवे अभी छह लेन है। इसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।
मेरठ से प्रयागराज तक के 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे हरदोई के साथ ही हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ जनपद को भी जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू हो जाने से लोगों को मेरठ से प्रयागराज तक सफर में आसानी होगी और समय की भी बचत होगी। इससे पहले 21 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री ने शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था।
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम 29 को संभावित है लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से उनका कोई कार्यक्रम नहीं आया है। संभावित कार्यक्रम को लेकर ही यूपीडा और पीडब्ल्यूडी को तैयारियों के लिए कहा गया है।
-अनुनय झा, जिलाधिकारी
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बन रहा है अधिकारियों का ड्यूटी चार्ट, मुख्यमंत्री लेंगे तैयारियों का जायजा
जिले को जल्द मिलेगी गंगा और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सौगात
उन्नाव/सोनिक। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ के बीच 64 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड/ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (एनई-6) बनकर तैयार हो गया है। प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों दोनों एक्सप्रेसवे, कुछ कॉरिडोर और अन्य विकास कार्यों का इसी महीने के आखिरी या मई के पहले सप्ताह में लोकार्पण कराने की तैयारी में है। प्रशासन ने स्थल चिह्नित कर संस्तुति के लिए भेजा है। सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम को लेकर ड्यूटी चार्ट भी तैयार किया जा रहा है। स्थल तय होने के बाद मुख्यमंत्री भी तैयारियों का जायजा लेने आ सकते हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे की उन्नाव में 105 और हरदोई में 99 किलोमीटर लंबाई होने से दोनों जिलों के बीच किसी स्थान पर लोकार्पण समारोह आयोजित किया जा सकता है। उन्नाव जिला प्रशासन ने लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बांगरमऊ तहसील के तमोलिया खुर्द गांव के पास स्थान देखा है। अधिकारियों के अनुसार यहां वाहन पार्किंग के लिए भी उपयुक्त स्थान है।
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मेरठ से प्रयागराज की दूरी आठ घंटे में होगी पूरी
उन्नाव। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो चुका है। यूपीडा अधिकारियों का दावा है कि अब केवल लोकार्पण ही बाकी है। इस एक्सप्रेसवे से मेरठ से प्रयागराज की दूरी आठ घंटे में पूरी होगी।
कानपुर से लखनऊ का सफर 45 मिनट में
कानपुर-लखनऊ के बीच एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (एनई-6) भी बनकर तैयार है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री, इस एक्सप्रेसवे का भी लोकार्पण करेंगे।
उन्नाव में आजाद मार्ग चौराहा के पास वाहन चालक इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे और लखनऊ में बनी या अमौसी के पास उतर सकेंगे। हाईवे से (एनएच-27) से कानपुर से लखनऊ पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लगता है लेकिन एक्सप्रेसवे पर 120 किमी की रफ्तार वाहनों के लिए सुरक्षित होने से कानपुर से लखनऊ की दूरी 45 मिनट में पूरी हो सकेगी।
एक पखवाड़े में ही गंगा एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कराने की तैयारी है। शासन की मांग पर कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर भेजा गया है। शासन के निर्देशानुसार आगे की तैयारी की जाएगी। लोकार्पण कब और किसे करना है, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं।-गौरांग राठी, जिलाधिकारी
गंगा एक्सप्रेसवे पर एक नजर
लागत लगभग 36,200 करोड़
कुल लंबाई 594 किलोमीटर
दोनों लेन की चौड़ाई 130 मीटर
जनपद में लंबाई 105 किलोमीटर
जिले की सभी छह तहसीलों से निकला है
जिले में 76,1314 हेक्टेयर जमीन शामिल
चढ़ने-उतरने की सुविधा
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोनिक में।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लिए नेवरना में।
-बांगरमऊ के शादीपुर गांव के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से इंटरचेंज
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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक नजर
- कुल लंबाई-64 किलोमीटर
- उन्नाव में लंबाई-45.3
- लागत-3100 करोड़ रुपये
चढ़ने-उतरने की सुविधा
- उन्नाव-लालगंज हाईवे पर अचलगंज कोरारी गांव के पास।
- लखनऊ-कानपुर हाईवे पर आजाद मार्ग चौराहे के पास।
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औद्योगिक विकास के साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी
जिले की आर्थिक स्थिति में होगा सुधार, प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी होगी
हरदोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर तहसील सवायजपुर में मुंडेर के पास करीब 136 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर औद्योगिक गलियारा विकसित कराया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने भूमि का अधिग्रहण भी करा लिया है।
इसमें से करीब 116 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि का बैनामा किसानों से समझौते के आधार पर कराया गया है जबकि अन्य भूमि का पुनर्ग्रहण किया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे के पास औद्योगिक गलियारा की स्थापना से जिले में औद्योगिक विकास के साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी होगी। इस औद्योगिक गलियारा की स्थापना की आधारशिला भी प्रधानमंत्री की तरफ से रखे जाने की संभावना है।
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फर्रुखाबाद प्रवेश नियंत्रित परियोजना के शिलान्यास की उम्मीद
हरदोई। प्रधानमंत्री के 29 अप्रैल को संभावित गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण समारोह में गंगा एक्सप्रेसवे से निकलने वाले फर्रुखाबाद प्रवेश नियंत्रित परियोजना के भी शिलान्यास की उम्मीद है।
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इस परियोजना में जिले की तहसील सवायजपुर के छह गांव से 54 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि 915 किसानेां से ली जानी है। प्रशासन ने करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि का 450 किसानों से बैनामा करा लिया है। वहीं अन्य किसानों से भी तेजी से बैनामा कराए जाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों को फर्रुखाबाद के बाहर-बाहर ही लखनऊ एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में आसानी रहेगी।
छह से आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा गंगा एक्सप्रेसवे
हरदोई/उन्नाव। देश के अब तक के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे का करीब 100 किलोमीटर भाग हरदोई में आता है। इसमें तहसील शाहाबाद, सवायजपुर और बिलग्राम के गांवों से भूमि ली गई है। गंगा एक्सप्रेसवे अभी छह लेन है। इसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।
मेरठ से प्रयागराज तक के 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे हरदोई के साथ ही हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ जनपद को भी जोड़ता है। इस एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू हो जाने से लोगों को मेरठ से प्रयागराज तक सफर में आसानी होगी और समय की भी बचत होगी। इससे पहले 21 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री ने शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था।
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम 29 को संभावित है लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से उनका कोई कार्यक्रम नहीं आया है। संभावित कार्यक्रम को लेकर ही यूपीडा और पीडब्ल्यूडी को तैयारियों के लिए कहा गया है।
-अनुनय झा, जिलाधिकारी
बन रहा है अधिकारियों का ड्यूटी चार्ट, मुख्यमंत्री लेंगे तैयारियों का जायजा
जिले को जल्द मिलेगी गंगा और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सौगात
उन्नाव/सोनिक। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ के बीच 64 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड/ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (एनई-6) बनकर तैयार हो गया है। प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों दोनों एक्सप्रेसवे, कुछ कॉरिडोर और अन्य विकास कार्यों का इसी महीने के आखिरी या मई के पहले सप्ताह में लोकार्पण कराने की तैयारी में है। प्रशासन ने स्थल चिह्नित कर संस्तुति के लिए भेजा है। सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम को लेकर ड्यूटी चार्ट भी तैयार किया जा रहा है। स्थल तय होने के बाद मुख्यमंत्री भी तैयारियों का जायजा लेने आ सकते हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे की उन्नाव में 105 और हरदोई में 99 किलोमीटर लंबाई होने से दोनों जिलों के बीच किसी स्थान पर लोकार्पण समारोह आयोजित किया जा सकता है। उन्नाव जिला प्रशासन ने लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बांगरमऊ तहसील के तमोलिया खुर्द गांव के पास स्थान देखा है। अधिकारियों के अनुसार यहां वाहन पार्किंग के लिए भी उपयुक्त स्थान है।
मेरठ से प्रयागराज की दूरी आठ घंटे में होगी पूरी
उन्नाव। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो चुका है। यूपीडा अधिकारियों का दावा है कि अब केवल लोकार्पण ही बाकी है। इस एक्सप्रेसवे से मेरठ से प्रयागराज की दूरी आठ घंटे में पूरी होगी।
कानपुर से लखनऊ का सफर 45 मिनट में
कानपुर-लखनऊ के बीच एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (एनई-6) भी बनकर तैयार है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री, इस एक्सप्रेसवे का भी लोकार्पण करेंगे।
उन्नाव में आजाद मार्ग चौराहा के पास वाहन चालक इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे और लखनऊ में बनी या अमौसी के पास उतर सकेंगे। हाईवे से (एनएच-27) से कानपुर से लखनऊ पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लगता है लेकिन एक्सप्रेसवे पर 120 किमी की रफ्तार वाहनों के लिए सुरक्षित होने से कानपुर से लखनऊ की दूरी 45 मिनट में पूरी हो सकेगी।
एक पखवाड़े में ही गंगा एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कराने की तैयारी है। शासन की मांग पर कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर भेजा गया है। शासन के निर्देशानुसार आगे की तैयारी की जाएगी। लोकार्पण कब और किसे करना है, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं।-गौरांग राठी, जिलाधिकारी
गंगा एक्सप्रेसवे पर एक नजर
लागत लगभग 36,200 करोड़
कुल लंबाई 594 किलोमीटर
दोनों लेन की चौड़ाई 130 मीटर
जनपद में लंबाई 105 किलोमीटर
जिले की सभी छह तहसीलों से निकला है
जिले में 76,1314 हेक्टेयर जमीन शामिल
चढ़ने-उतरने की सुविधा
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर सोनिक में।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लिए नेवरना में।
-बांगरमऊ के शादीपुर गांव के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से इंटरचेंज
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक नजर
- कुल लंबाई-64 किलोमीटर
- उन्नाव में लंबाई-45.3
- लागत-3100 करोड़ रुपये
चढ़ने-उतरने की सुविधा
- उन्नाव-लालगंज हाईवे पर अचलगंज कोरारी गांव के पास।
- लखनऊ-कानपुर हाईवे पर आजाद मार्ग चौराहे के पास।