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टड़ियावां प्रथम पर सपा की शहंशाही बसपा हारी
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 03 Nov 2015 01:36 AM IST
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टड़ियावां प्रथम की सीट पर सपा की शहंशाही दिखाई दी। यहां बसपा धराशायी हो गई। कुल पड़े वोटों पर जनता के 60 फीसदी वोटों पर सपा ने कब्जा जमा जमाया। बसपा को 37 फीसदी तो तीसरे प्रत्याशी तीन फीसदी वोट पाए।
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टड़ियावंा प्रथम पर सपा समर्थित प्रत्याशी व जिला पंचायत अध्यक्ष कामिनी अग्रवाल ने दावा किया था।
जाहिर सी बात है कि इस सीट पर सपा ने अपना पूरा जोर लगा रखा था। बसपा की तरफ से पूजा सिंह को उतारा गया। मतदान वाले दिन इस सीट पर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। परिणाम सोमवार को जब निकला तो कामिनी अग्रवाल को 14 हजार 671 वोट मिले तो वहीं बसपा प्रत्याशी पूजा सिंह को 8971 मत प्राप्त हुए।
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तीसरे नंबर पर रही मिल्की को 584 वोट मिले। इस सीट पर तीन प्रत्याशी ही भाग्य आजमा रहे थे। इतने बड़े अंतर से जीत हासिल करने के बाद कामिनी को मतगणना स्थल से लेकर उनके आवास तक बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
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दो सीटों पर कांग्रेस खा गई मात
शख्सियत को ठोक बजा कर टिकट देने की बात करने वाले कांग्रेसी दिग्गजों को इस चुनाव में झटका लगा। जिले में दो सीटों पर जीत हासिल करने वाले प्रत्याशी दुर्भाग्य यह कि अब कांग्रेस के नहीं रहे। हालांकि कांग्रेस इन्हे अपने खेमे में लेने के लिए लपक रही है।
सुरसा तृतीय जिला पंचायत सदस्य की बात करें तो यहां कुछ ऐसा ही देखने को मिला। ओमेंद्र कुमार ने पहले कांग्रेस से टिकट मांगा लेकिन नहीं मिला। बाद में निर्दलीय लड़ना उचित समझा। इधर कांग्रेस ने नेतम भारती को टिकट दे दिया। चर्चा है कि वे वह सपा के खेमे में चली गई और उसी पार्टी के नेताओं के पोस्टर व बैनरों पर चुनाव लड़ा। सपा के कुछ स्थानीय नेताओं ने उनका प्रचार भी किया, हालांकि वे जीत नहीं पाईं।
उन्हें जनता ने 4395 वोट दिए जबकि ओमेंद्र कुमार वर्मा को 5526 वोट मिले। अब कांग्रेसी यह कहते घूम रहे हैं कि वे कांग्रेस के प्रत्याशी थे। कुछ ऐसा ही पिहानी चतुर्थ सीट पर भी कांग्रेस के साथ हुआ। पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद ने अपनी पौत्रवधू अनीता के लिए टिकट मांगा। उन्हें टिकट नहीं मिला और कांग्रेस ने किसी और को उतार दिया जो चौथे नंबर पर रहा। रामेश्वर की पौत्रवधू अनीता को जनता ने 4326 वोट देकर जीता दिया।
हरियावां द्वितीय पर सपा को खुशी और गम
जिला पंचायत की हरियावां द्वितीय सीट के नतीजों को देखकर सपा में खुशी और गम की स्थिति रही। इस सीट पर किसी दूसरी पार्टी की नहीं बल्कि सपा की ही आपस में टक्कर थी। एक प्रत्याशी के रूप में पारुल दीक्षित (सपा उपाध्यक्ष) जनता के बीच थे तो दूसरी तरफ से राजीव कुमार सिंह टेनी सपा से जुड़े और सपा नेताओं के काफी करीबी रहे।
दोनों तरफ से ताकत झोंकी गई। अंत में सपा ही जीती और सपा ही हारी। खास बात यह है कि इस सीट का परिणाम जानने को लेकर पूरे जिले में चकचक रही। राजीव कुमार सिंह टेनी ने 7828 वोट पाए, जबकि पारुल दीक्षित ने 7121 वोट पाए।