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होमगार्ड घोटाले से जनपद दूर, मंडलीय कमांडेंट ने दी क्लीन चिट
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जिला कमांडेंट होमगार्ड राघवेंद्र शुक्ला। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : HARDOI
होमगार्ड घोटाले की जद में भले ही जनपद न आया लेकिन जिले के होमगार्ड विभाग को परीक्षाओं के उन्हीं दौर से गुजरना पड़ा, जिनसे प्रदेश के अन्य जिलों को गुजारा गया। क्रॉस चेकिंग व कई बार सत्यापन के बाद आखिरकार मंगलवार को मंडलीय कमांडेंट ने जिले को क्लीन चिट दे दी गई।
होमगार्ड विभाग में जवानों को ड्यूटी देकर फर्जी मस्टर रोल तैयार करवाए जाने का खुलासा होने के बाद कई जिले के विभागीय अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। इसके बाद पूरे प्रदेश में जांच बैठा दी गई। गठित समिति ने अपने-अपने तरीके से जांच की व सत्यापन को लेकर कई तरह से जिला स्तर से भी अभिलेखों की मांग की।
इस जनपद में भी पिछले काफी दिनों से जांच का दौर चल रहा था जो मंगलवार को थम गया। मंडलीय कमांडेंट के निर्देश पर जिला कमांडेंट को कई बिंदुओं पर पुनर्सत्यापन कर उसकी रिपोर्ट मांगी गई थी।
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जिला कमांडेंट राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि उन्हें पहले तो मस्टर रोल की फिर से जांच करानी थी, जिसे उन्होंने रेंडम तरीके से करवाई और उसकी क्रॉस चेकिंग भी कराई और मस्टर रोल हेडक्वार्टर उपलब्ध करा दिए। इसके अलावा एक बिंदु जांच का यह भी दिया गया था कि कहीं किसी का मानदेय किसी दूसरे खाते में तो नहीं जा रहा इसकी भी जांच कराकर ई पेमेंट का पूरा ब्योरा हेडक्वार्टर भिजवा दिया गया।
जिसके बाद वहां से भी टीम ने अपने स्तर से जांच की। हो सकता है यहां भी अधिकारी आकर कहीं से जांच कर गए हो लेकिन इस जनपद में भी एक भी निगेटिव प्वाइंट नहीं मिला। जिसके बाद मंडलीय कमांडेंट घनश्याम चतुर्वेदी ने जिले को इस घोटाले से दूर रखते हुए क्लीन चिट दे दी।
जिले में 1600 के करीब सक्रिय जवान
जिले में 1600 के करीब सक्रिय होमगार्ड जवान हैं। जिनको विभाग थानों में या अन्य विभागीय कार्यालयों में ड्यूटी उपलब्ध कराता है। सत्यापन में इन्हीं सबके ड्यूटी स्थलों से लेकर खातों तक का सत्यापन कराया गया।
पाक साफ था जिला पर जांच तो होनी ही थी- कमांडेंट
जिला कमांडेंट होमगार्ड राघवेंद्र शुक्ला का कहना है कि उन्हें पता था कि यहां किसी भी स्तर से कोई कमी नहीं है लेकिन जांच तो पूरे प्रदेश में हो रही थी।
यहां भी होनी ही थी पर जांच के नाम पर हर विभाग डरता है यहां भी सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मियों व मिलकर क्रास चेकिंग व पुनर्सत्यापन में सहयोग किया। जब क्लीन चिट मिली तो पूरे विभाग को राहत महसूस हुई है।
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होमगार्ड विभाग में जवानों को ड्यूटी देकर फर्जी मस्टर रोल तैयार करवाए जाने का खुलासा होने के बाद कई जिले के विभागीय अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। इसके बाद पूरे प्रदेश में जांच बैठा दी गई। गठित समिति ने अपने-अपने तरीके से जांच की व सत्यापन को लेकर कई तरह से जिला स्तर से भी अभिलेखों की मांग की।
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इस जनपद में भी पिछले काफी दिनों से जांच का दौर चल रहा था जो मंगलवार को थम गया। मंडलीय कमांडेंट के निर्देश पर जिला कमांडेंट को कई बिंदुओं पर पुनर्सत्यापन कर उसकी रिपोर्ट मांगी गई थी।
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जिला कमांडेंट राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि उन्हें पहले तो मस्टर रोल की फिर से जांच करानी थी, जिसे उन्होंने रेंडम तरीके से करवाई और उसकी क्रॉस चेकिंग भी कराई और मस्टर रोल हेडक्वार्टर उपलब्ध करा दिए। इसके अलावा एक बिंदु जांच का यह भी दिया गया था कि कहीं किसी का मानदेय किसी दूसरे खाते में तो नहीं जा रहा इसकी भी जांच कराकर ई पेमेंट का पूरा ब्योरा हेडक्वार्टर भिजवा दिया गया।
जिसके बाद वहां से भी टीम ने अपने स्तर से जांच की। हो सकता है यहां भी अधिकारी आकर कहीं से जांच कर गए हो लेकिन इस जनपद में भी एक भी निगेटिव प्वाइंट नहीं मिला। जिसके बाद मंडलीय कमांडेंट घनश्याम चतुर्वेदी ने जिले को इस घोटाले से दूर रखते हुए क्लीन चिट दे दी।
जिले में 1600 के करीब सक्रिय जवान
जिले में 1600 के करीब सक्रिय होमगार्ड जवान हैं। जिनको विभाग थानों में या अन्य विभागीय कार्यालयों में ड्यूटी उपलब्ध कराता है। सत्यापन में इन्हीं सबके ड्यूटी स्थलों से लेकर खातों तक का सत्यापन कराया गया।
पाक साफ था जिला पर जांच तो होनी ही थी- कमांडेंट
जिला कमांडेंट होमगार्ड राघवेंद्र शुक्ला का कहना है कि उन्हें पता था कि यहां किसी भी स्तर से कोई कमी नहीं है लेकिन जांच तो पूरे प्रदेश में हो रही थी।
यहां भी होनी ही थी पर जांच के नाम पर हर विभाग डरता है यहां भी सभी विभागीय अधिकारियों व कर्मियों व मिलकर क्रास चेकिंग व पुनर्सत्यापन में सहयोग किया। जब क्लीन चिट मिली तो पूरे विभाग को राहत महसूस हुई है।