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हाईकोर्ट ने शासन से चार सप्ताह में मांगा जवाब
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संडीला (हरदोई)। करीब एक माह पूर्व लॉकडाउन के दौरान श्रमिक स्पेशल ट्रेन में भोजन और पानी बांटने वाले 112 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज किए जाने के मामले में पीड़ित पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अधिवक्ता अभिषेक दीक्षित ने बताया कि मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह व शासन को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
लॉकडाउन के दौरान सरकार ने गैर प्रांतों में फंसे श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं। 24 मई को कर्नाटक से बिहार जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन लाइन क्लीयर न होने पर बरौनी रेलवे क्रासिंग पर रोक दी गई थी। ट्रेन काफी देर तक खड़ी रही तो इसमें सवार श्रमिक भूख व प्यास से परेशान हो गए। इस पर आसपास के लोगों ने श्रमिकों को खाने-पीने का सामान मुहैया कराया था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने 12 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़ितों द्वारा कस्बा निवासी अधिवक्ता अभिषेक दीक्षित के माध्यम से हाईकोर्ट में इस संबंध में याचिका दायर की गई। वकील अभिषेक दीक्षित ने बताया कि हाईकोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई कर सूबे के प्रमुख सचिव गृह व शासन से जवाब मांगा है।
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लॉकडाउन के दौरान सरकार ने गैर प्रांतों में फंसे श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं। 24 मई को कर्नाटक से बिहार जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन लाइन क्लीयर न होने पर बरौनी रेलवे क्रासिंग पर रोक दी गई थी। ट्रेन काफी देर तक खड़ी रही तो इसमें सवार श्रमिक भूख व प्यास से परेशान हो गए। इस पर आसपास के लोगों ने श्रमिकों को खाने-पीने का सामान मुहैया कराया था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने 12 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़ितों द्वारा कस्बा निवासी अधिवक्ता अभिषेक दीक्षित के माध्यम से हाईकोर्ट में इस संबंध में याचिका दायर की गई। वकील अभिषेक दीक्षित ने बताया कि हाईकोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई कर सूबे के प्रमुख सचिव गृह व शासन से जवाब मांगा है।
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