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स्वास्थ्य केंद्र बन गए रेफर सेंटर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 09 Dec 2015 11:58 PM IST
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हरदोई। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का भले ही विभाग दम भर रहा हो मगर स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजोें को सुविधा के नाम सिर्फ रेफर पर्ची पकड़ा दी जाती है। उसे भी वहां के चिकित्सक नहीं सफाई कर्मी ही बना रहे हैं। चिकित्सक व अन्य स्टाफ स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं मिलते हैं। उनके स्वास्थ्य केंद्रों पर निवास करने के सारे आदेश हवा हवाई साबित हो रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र से जिला मुख्यालय आते आते कई मरीज दम तोड़ रहे हैं। मगर जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों की कुछ इस प्रकार है हकीकत-
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सवायजपुर
स्वास्थ्य केंद्र पर एक स्थाई और दो संविदा चिकित्सक, दो स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वाय व दो लैब टेकिभनशियन तैनात हैं। यहां पर माह में 15 सौ पर्चे बनाए गए और 1070 मरीजों की जांच की गई। वहीं, 65 प्रसव भी कराए गए। यहां पर मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। उनको अस्पताल में भर्ती करने के स्थान पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इससे जिला अस्पताल तक पहुंचने में मरीजों की जान तक चली जाती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम
चिकित्सक व पूरा स्टाफ तैनात है। यहां पर आने वाले भी भर्ती नहीं किए जाते। अधिकतर मरीजों को जिला अस्पताल का रास्ता बता दिया जाता है। रात में तो स्टाफ भी नजर नहीं आता है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र शाहाबाद
यहां पर मरीजों को भर्ती कर उनके इलाज की सुविधा उपलब्ध है। रात मेें तो दूर दिन में भी मरीजों को नहीं रोका जाता। दिन में जहां चिकित्सक व स्टाफ रेफर कर देता है। वहीं रात में सफाई कर्मी रेफर कर देते हैं।
जिला अस्पताल में भी नहीं रुकते मरीज
हरदोई। जिला अस्पताल में मरीजों की हालत गंभीर होने पर रात में सिर्फ आकस्मिक चिकित्सक के अलावा कोई नहीं मिलता है। यहां काल पर सर्जन भी नहीं आते हैं। अधिकतर चिकित्सक शाम दो बजे की ट्रेन पकड़ कर निकल लेते है। इसलिए यहां पर भी रेफर की परंपरा जारी है। मरीज के आते ही उसका रेफर पत्र तैयार कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के रुकने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा, यदि चिकित्सक व ड्यूटी स्टाफ अनुपस्थित मिला तो कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को उपलब्ध सुविधाएं दिलाने का प्रयास किया जाएगा- आरपी रावत, सीएमओ
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सवायजपुर
स्वास्थ्य केंद्र पर एक स्थाई और दो संविदा चिकित्सक, दो स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वाय व दो लैब टेकिभनशियन तैनात हैं। यहां पर माह में 15 सौ पर्चे बनाए गए और 1070 मरीजों की जांच की गई। वहीं, 65 प्रसव भी कराए गए। यहां पर मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। उनको अस्पताल में भर्ती करने के स्थान पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इससे जिला अस्पताल तक पहुंचने में मरीजों की जान तक चली जाती है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम
चिकित्सक व पूरा स्टाफ तैनात है। यहां पर आने वाले भी भर्ती नहीं किए जाते। अधिकतर मरीजों को जिला अस्पताल का रास्ता बता दिया जाता है। रात में तो स्टाफ भी नजर नहीं आता है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र शाहाबाद
यहां पर मरीजों को भर्ती कर उनके इलाज की सुविधा उपलब्ध है। रात मेें तो दूर दिन में भी मरीजों को नहीं रोका जाता। दिन में जहां चिकित्सक व स्टाफ रेफर कर देता है। वहीं रात में सफाई कर्मी रेफर कर देते हैं।
जिला अस्पताल में भी नहीं रुकते मरीज
हरदोई। जिला अस्पताल में मरीजों की हालत गंभीर होने पर रात में सिर्फ आकस्मिक चिकित्सक के अलावा कोई नहीं मिलता है। यहां काल पर सर्जन भी नहीं आते हैं। अधिकतर चिकित्सक शाम दो बजे की ट्रेन पकड़ कर निकल लेते है। इसलिए यहां पर भी रेफर की परंपरा जारी है। मरीज के आते ही उसका रेफर पत्र तैयार कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के रुकने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा, यदि चिकित्सक व ड्यूटी स्टाफ अनुपस्थित मिला तो कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को उपलब्ध सुविधाएं दिलाने का प्रयास किया जाएगा- आरपी रावत, सीएमओ