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जमुना की लहरों ने दिए खेल जगत को नायाब मोती

Sat, 09 Apr 2022 10:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2022 10:24 PM IST
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hardoi news,The waves of Jamuna gave unique pearls to the sports world
फोटो-01-चंडीगढ़ के एक खेल समारोह में सम्मान प्राप्त करतीं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जमुना गुरुंग - फोटो : HARDOI
हरदोई। जिले की जमुना गुरुंग की लहरें खेल जगत के अधरों पर हुनर के मोती छोड़ती रही है। यह सिलसिला लगभग 20 वर्षों से जारी है। पांच दर्जन से ज्यादा खिलाड़ियों को मंच देने और तीन दर्जन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का श्रेय उनके नाम है। जमुना के शिष्यों में बेटियों को प्राथमिकता मिलती है।
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वह खुद 16 बार स्ट्रांग वूमेन ऑफ यूपी और चार बार बेस्ट लिफ्टर ऑफ यूपी का खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। वर्तमान में जमुना स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) में बतौर कोच अपनी सेवा दे रही हैं।
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पॉवर लिफ्टिंग की अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ी जमुना गुरुंग को जीवन की मुश्किलों ने भार सहने की हिम्मत दी। गुरुंग बताती हैं कि जीवन की कठिनाइयों के बाद भी कोई भी भार उठाना उनके लिए कठिन नहीं था।
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पिता स्व.डंमर बहादुर सिंह एक्स आर्मी मैन थे। सेवा से निवृत्त होने के बाद उन्हें हरदोई की शुगर मिल में सर्विस मिली। यहीं उनका जन्म हुआ और वह बढ़ी हुईं।
खेलों में रुचि की वजह से उन्होंने स्कूली दिनों से ही खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करना शुरू कर दिया। खेल में करियर के सामाजिक और आर्थिक दोनों ही रास्ते बंद थे।
उन्होंने इस दोराहे पर आकर पीछे हटाने की बजाय समाज की परवाह छोड़कर आगे बढ़ने का फैसला किया। आत्मबल के साथ पहचान बनाने की यात्रा में उन्होंने पहले बीपीएड और भारोत्तोलन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद 1995 में अपने करियर का पहला नेशनल वेटलिफ्टिंग गेम खेला।
ऐसे बढ़ा जमुना का खेल सफर
1995 में आंध्र प्रदेश के विजय नगरम में हुई वेटलिफ्टिंग की नेशनल प्रतियोगिता में पहली बार जमुना ने प्रतिभाग किया। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद एक 14 नेशनल वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया।
इन खेलों में उन्हें दो बार पहला नंबर मिला। तीन द्वितीय पदक और एक बार तृतीय पदक मिला। वर्ष 2000 में दिल्ली में हुए अंतर राष्ट्रीय पॉवर लिफ्टिंग गेम्स में उन्हें तीसरा स्थान हासिल हुआ। यह उनके खेल करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। जब वह अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ी बनकर कामयाबी के क्षितिज में चमकीं तो दुनिया ने उन्हें सिर-आंखों पर बैठा लिया।

खिताब बनते रहे गले का मेडल
जमुना गुरुंग को स्ट्रांग वूमेन ऑफ यूपी, बेस्ट लिफ्टर ऑफ यूपी के अवार्ड के साथ ही स्ट्रांग वूमेन ऑफ नार्दन इंडिया का भी अवार्ड मिला। खेल प्रशिक्षण की सबसे बड़ी संस्था भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) से खेल प्रशिक्षक का डिप्लोमा करने के बाद वर्ष 2006 से 2017 तक अलग-अलग स्थानों पर खेल प्रशिक्षक के रूप मेें खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार की। इस दौरान उन्होंने तीन दर्जन राष्ट्रीय और अंतर राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए।
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