फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   hardoi news

तिरंगे में लिपट आए बेटे को देख भावुक हुआ भरखनी

Fri, 10 Dec 2021 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Dec 2021 12:27 AM IST
विज्ञापन
hardoi news
फोटो-38-दिवंगत सैनिक को श्रद्धांजलि देते सेना कैप्टन अनुराग। संवाद - फोटो : HARDOI
हरदोई। पंजाब के फिरोजपुर कैंट में तबीयत बिगड़ने से हुई मौत के बाद दिवंगत नायक का शव गुरुवार की सुबह सैन्य टुकड़ी लेकर गांव पहुंची। तिरंगे में लिपटे शव को देखकर पिता, माता व पत्नी जहां बेसुध हो गए वहीं पूरा का पूरा गांव भरखनी भी भावुक हो उठा। भाई व बेटे ने घटियाघाट में अंतिम संस्कार किया। इधर उनके अंतिम दर्शन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनसैलाब उमड़ा रहा।
विज्ञापन

पाली थाना क्षेत्र के ग्राम भरखनी निवासी दिवाकर वाजपेयी उर्फ छुन्ना (33) सेना में नायक के पद पर तैनात थे। वह पंजाब के फिरोजपुर कैंट में 165 मीडियम रेजीमेंट में तैनात थे। सिक्किम में लांस नायक भाई प्रवीण ने बताया कि मंगलवार की शाम हेडक्वार्टर से अधिकारियों द्वारा फोन कर सूचना दी गई कि मंगलवार को रेड एलर्ट केे दौरान वह बाघा बार्डर की ओर ड्यूटी पर जा रहे थे। तभी उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। जिससे कुछ देर में ही उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें जानकारी दी गई कि वह लीवर की बीमारी से ग्रसित थे जिसके कारण हार्ट फेल हो गया। उनकी बटालियन के कैप्टन अनुराग के नेतृत्व में सैन्य टुकड़ी गुरुवार की सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर उनका पार्थिव शव लेकर घर पहुंची। जहां सैनिकों द्वारा उनकी अंतिम यात्रा भी निकाली गई और पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
विज्ञापन

अंतिम संस्कार फर्रुखाबाद के घटियाघाट पर हुआ। मुखाग्नि बड़े भाई ध्रु्व कुमार व बेटे लव ने दी। इस दौरान एसडीएम सवायजपुर स्वाती शुक्ला, सीओ हरपालपुर परशुराम, थानाध्यक्ष पाली संदीप सिंह, सपा नेता पद्मराग सिंह, सूरज सिंह सोमवंशी व विमल मिश्रा ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की व अंतिम दर्शन किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेसुध मां बोली, कोई रोये न बेटा सो रहा
हरदोई। तिरंगे मेें लिपटे शव के पहुंचते ही मृतक की पत्नी शालिनी व मां गीता एक दूसरे से लिपटकर रोने लगीं और बेसुध सी हो गईं। परिजनों ने जब उन्हें हटाने का प्रयास किया तो मां बोलीं कोई न रोये, उनका बेटा अभी सो रहा है।

पिता बोले, मुझे देखने आया था आज ऐसे आया
हरदोई। पिता बालमुकुंद पिछले कुछ दिनों से गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। जिनको देखने के लिए दिवाकर आठ जून को छुट्टी लेकर घर आए थे और 10 जुलाई को चले गए। उसके बाद आज जब तिरंगे में लिपटे हुआ उनका पार्थिव शव आया तो पिता बोले ऐसा पता होता तो उसको कभी जाने ही नहीं देता।
बेटे लव ने दी सलामी तो सभी की आंखें भर आईं
हरदोई। मुखाग्नि से पूर्व बेटे लव ने जब अपने पिता को सैल्यूट किया तो वहां मौजूद सभी बड़े-छोटों की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed