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एक बाइक पर सवारी चार,बस बनकर आई काल
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फोटो-38- रोते बिलखते परिजन
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। यातायात नियमों की अनदेखी चार जिंदगियों पर भारी पड़ गई। एक बाइक पर सवार चार जिंदगियों को काल बनकर आई बस ने रौंद दिया। बाइक चालक की जरा सी लापरवाही के कारण हादसा हो गया।
वाहन चालकों की जरा सी लापरवाही उनकी जिंदगियां निगली रही हैं। सुरसा क्षेत्र के ककुंबर गांव निवासी आशीष (28) ने यातायात नियमों का पालन करने में भूल कर दी।
एक बाइक पर अपने साथ चाची सुषमा (38), मौसी सरला (58), चचेरी बहन रुही को लेकर निकला। रास्ते मेें सामने से आई निजी बस ने टक्कर मार दी, जिससे पल भर में चारों की जान चली गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक बाइक पर चार सवारियां थीं। अचानक बस सामने से आने पर बाइक सवार अनियंत्रित हो गया। उन्हें बचाने के प्रयास में बस टक्कर मारते हुए उल्टी दिशा में जाकर पलट गई।
फिलहाल पुलिस हादसे की वजह की जांच कर रही है। एएसपी पूर्वी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तरफ से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पलक झपकते बुझ गया चिराग
हादसे में पलक झपकते कमलेश के घर का चिराग बुझ गया। आशीष तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था। वह पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था। हादसे में उसकी मौत से वृद्ध पिता पर पूरे घर का भार आ गया है। बेटे के शव को कंधा देने से पहले उसके कंधे कांप रहे हैं।
मां के साथ सदा लिए सो गई रूही
हादसे अक्सर गहरा जख्म दे जाते हैं। रामवीर की तीन बेटियों में छोटी रूही उसकी सबसे प्यारी बेटी थी। जिसे वह कभी अपनी आंखों के सामने से दूर नहीं होने देता था। मां के साथ जाने की जिद कर गई। हादसे में वह भी मां सुषमा के साथ गोद में सदा के लिए सो गई।
घर पहुंचने की जल्दी में गई जिंदगी
मायके से घर जल्दी पहुंचने की चिंता सरला के लिए चिता बन गई। वह भतीजे की वरीक्षा में पहले ही पहुंच गई थी। बहन सुषमा के पास ही उसका गांव है। घर जल्दी पहुंचने के लिए सरला भी उसकी के साथ बाइक पर सवार हो गई। घर पहुंचने की जल्दबाजी में उसकी जिंदगी चली गई। हादसे मेें मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मचा है।
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वाहन चालकों की जरा सी लापरवाही उनकी जिंदगियां निगली रही हैं। सुरसा क्षेत्र के ककुंबर गांव निवासी आशीष (28) ने यातायात नियमों का पालन करने में भूल कर दी।
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एक बाइक पर अपने साथ चाची सुषमा (38), मौसी सरला (58), चचेरी बहन रुही को लेकर निकला। रास्ते मेें सामने से आई निजी बस ने टक्कर मार दी, जिससे पल भर में चारों की जान चली गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक बाइक पर चार सवारियां थीं। अचानक बस सामने से आने पर बाइक सवार अनियंत्रित हो गया। उन्हें बचाने के प्रयास में बस टक्कर मारते हुए उल्टी दिशा में जाकर पलट गई।
फिलहाल पुलिस हादसे की वजह की जांच कर रही है। एएसपी पूर्वी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तरफ से तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पलक झपकते बुझ गया चिराग
हादसे में पलक झपकते कमलेश के घर का चिराग बुझ गया। आशीष तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था। वह पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था। हादसे में उसकी मौत से वृद्ध पिता पर पूरे घर का भार आ गया है। बेटे के शव को कंधा देने से पहले उसके कंधे कांप रहे हैं।
मां के साथ सदा लिए सो गई रूही
हादसे अक्सर गहरा जख्म दे जाते हैं। रामवीर की तीन बेटियों में छोटी रूही उसकी सबसे प्यारी बेटी थी। जिसे वह कभी अपनी आंखों के सामने से दूर नहीं होने देता था। मां के साथ जाने की जिद कर गई। हादसे में वह भी मां सुषमा के साथ गोद में सदा के लिए सो गई।
घर पहुंचने की जल्दी में गई जिंदगी
मायके से घर जल्दी पहुंचने की चिंता सरला के लिए चिता बन गई। वह भतीजे की वरीक्षा में पहले ही पहुंच गई थी। बहन सुषमा के पास ही उसका गांव है। घर जल्दी पहुंचने के लिए सरला भी उसकी के साथ बाइक पर सवार हो गई। घर पहुंचने की जल्दबाजी में उसकी जिंदगी चली गई। हादसे मेें मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मचा है।