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मनरेगा की खराब स्थिति पर कोथावां बीडीओ को आरोप पत्र
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हरदोई। कोथावां विकास खंड में मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों की स्थिति बेहद खराब है। हाल यह है कि मनरेगा से शुरू कराए गए 2835 कार्य अब तक पूरे ही नहीं हो पाए हैं। शनिवार देर शाम कोथावां विकास खंड में मनरेगा की स्थिति को लेकर मनरेगा उपायुक्त ने समीक्षा की, तो हालत पतली मिली। देर रात कोथावां के खंड विकास अधिकारी को आरोप पत्र जारी का एक सप्ताह में स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
पिछले कुछ दिनों से लगातार उच्चाधिकारियों को अलग अलग माध्यमों से पता चल रहा था कि मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों में कोथावां की स्थिति खराब है। इस पर शनिवार देर शाम मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने समीक्षा की, तो स्थिति जानकर दंग रह गए। वर्ष 2018-19 से वर्ष 2020-21 तक कुल 2835 कार्य अधूरे पड़े हैं और बीडीओ ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। ब्लाक से 16 मेट मनरेगा के तहत चयनित हैं, लेकिन तीन माह से अधिक समय बीतने के बाद भी किसी भी महिला मेट को एक भी दिन का कार्य उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी तरह कोथावां विकास खंड की 55 ग्राम पंचायतों से 32 ग्राम पंचायतों में ही कार्य हो रहा है। 23 ग्राम पंचायतों में कार्य तो चल रहा है, लेकिन महज 730 श्रमिक ही कार्य कर रहे हैं। फीडिंग के लिए मस्टर रोल भी लंबित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 2021-22 में 355 लाभार्थियों को पहली किस्त मिल चुकी है, लेकिन फिर भी इन्हें मनरेगा से कार्य करने के लिए ई-मस्टर रोल जारी नहीं किए गए हैं। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि खंड विकास अधिकारी उमेश कुमार अग्रवाल को आरोप पत्र भेजा गया है। एक सप्ताह में स्पष्टीकरण न मिलने पर इसे उच्चाधिकारियों के पास अनुमोदन के लिए भेज दिया जाएगा।
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पिछले कुछ दिनों से लगातार उच्चाधिकारियों को अलग अलग माध्यमों से पता चल रहा था कि मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों में कोथावां की स्थिति खराब है। इस पर शनिवार देर शाम मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने समीक्षा की, तो स्थिति जानकर दंग रह गए। वर्ष 2018-19 से वर्ष 2020-21 तक कुल 2835 कार्य अधूरे पड़े हैं और बीडीओ ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। ब्लाक से 16 मेट मनरेगा के तहत चयनित हैं, लेकिन तीन माह से अधिक समय बीतने के बाद भी किसी भी महिला मेट को एक भी दिन का कार्य उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी तरह कोथावां विकास खंड की 55 ग्राम पंचायतों से 32 ग्राम पंचायतों में ही कार्य हो रहा है। 23 ग्राम पंचायतों में कार्य तो चल रहा है, लेकिन महज 730 श्रमिक ही कार्य कर रहे हैं। फीडिंग के लिए मस्टर रोल भी लंबित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 2021-22 में 355 लाभार्थियों को पहली किस्त मिल चुकी है, लेकिन फिर भी इन्हें मनरेगा से कार्य करने के लिए ई-मस्टर रोल जारी नहीं किए गए हैं। मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि खंड विकास अधिकारी उमेश कुमार अग्रवाल को आरोप पत्र भेजा गया है। एक सप्ताह में स्पष्टीकरण न मिलने पर इसे उच्चाधिकारियों के पास अनुमोदन के लिए भेज दिया जाएगा।
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