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डीपीआरओ और बीडीओ समेत तीन का वेतन रोका, सचिव निलंबित
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ककेड़ी में निरीक्षण के दौरान जानकारी लेतीं सीडीओ आकांक्षा राना। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। सांडी विकास खंड के ग्राम ककेड़ी में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ठोस, तरल, अपशिष्ट प्रबंधन की परियोजनाओं की हकीकत परखने पहुंचीं। अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में वहां कोई कार्य न कराए जाने पर नाराजगी जताई। डीपीआरओ, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक और बीडीओ का वेतन रोक दिया। एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी, तो सचिव को निलंबित कर दिया।
जनपद में सभी 19 विकास खंडों से दो-दो ग्राम पंचायतों का चयन ठोस, तरस, अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किया गया है। गांवों का चयन दो माह पहले ही हो चुका है। इस कार्य को लेकर सीडीओ आकांक्षा राना खासी गंभीर हैं, लेकिन मातहत लापरवाही कर रहे हैं। निरीक्षण के लिए ककेड़ी पहुंचीं सीडीओ को खाद के चार गड्ढों की खुदाई का कार्य गुरुवार से ही शुरू कराए जाने की बात पता चली। 15 अगस्त को दो-दो कूड़ा गाड़ी ग्राम पंचायतों को घर-घर दस्तक देकर कूड़ा एकत्र करने और गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग करने के निर्देश भी दिए गए थे। इस दिशा में भी गांव में कोई कार्य नहीं हुआ। इस पर सीडीओ ने ग्राम सचिव राममूर्ति वर्मा को निलंबित करने के निर्देश डीपीआरओ को दिए।
एडीओ पंचायत रजनीकांत त्रिवेदी को शिथिल पर्यवेक्षण का दोषी मानते हुए विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश डीपीआरओ को दिए। डीडीओ सांडी मंदीप सिंह के वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगा दी है। इतना ही नहीं सीडीओ ने जनपद की सभी 38 ग्राम पंचायतों में ठोस, तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य पूरा होने तक डीपीआरओ गिरीश चंद्र और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक हिमांशु मिश्रा का वेतन भी रोक दिया है।
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जनपद में सभी 19 विकास खंडों से दो-दो ग्राम पंचायतों का चयन ठोस, तरस, अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किया गया है। गांवों का चयन दो माह पहले ही हो चुका है। इस कार्य को लेकर सीडीओ आकांक्षा राना खासी गंभीर हैं, लेकिन मातहत लापरवाही कर रहे हैं। निरीक्षण के लिए ककेड़ी पहुंचीं सीडीओ को खाद के चार गड्ढों की खुदाई का कार्य गुरुवार से ही शुरू कराए जाने की बात पता चली। 15 अगस्त को दो-दो कूड़ा गाड़ी ग्राम पंचायतों को घर-घर दस्तक देकर कूड़ा एकत्र करने और गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग करने के निर्देश भी दिए गए थे। इस दिशा में भी गांव में कोई कार्य नहीं हुआ। इस पर सीडीओ ने ग्राम सचिव राममूर्ति वर्मा को निलंबित करने के निर्देश डीपीआरओ को दिए।
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एडीओ पंचायत रजनीकांत त्रिवेदी को शिथिल पर्यवेक्षण का दोषी मानते हुए विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश डीपीआरओ को दिए। डीडीओ सांडी मंदीप सिंह के वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगा दी है। इतना ही नहीं सीडीओ ने जनपद की सभी 38 ग्राम पंचायतों में ठोस, तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य पूरा होने तक डीपीआरओ गिरीश चंद्र और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक हिमांशु मिश्रा का वेतन भी रोक दिया है।
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