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अल्ट्रासाउंड जांच की जगह मिल रही तारीख
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हरदोई। दो अस्पतालों के मरीजों के जुटने से जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बेपटरी है। हाल यह है कि जांच कराने के लिए आ रहे ज्यादातर मरीजों को सिर्फ तारीखें दी जा रही हैं। रोजाना मरीजों को दौड़ लगानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद भी जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाओं का मरीजों को समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मशीनें उपलब्ध है।
दोनों जगहों की जिम्मेदारी एक रेडियोलॉजिस्ट पर थी। सात माह पूर्व जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच ठप हो गई है। जिसके बाद से अकेले महिला अस्पताल में दोनों अस्पतालों के मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं।
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इससे अल्ट्रासाउंड जांच की संख्या दोगुनी हो गई है। यहां पर रोजाना औसतन 40 से 50 मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच की जा रही है। जबकि स्टाफ व उपकरण की तुलना में मरीजों की संख्या ज्यादा होने से जांचे नहीं हो पा रहीं हैं।
ऐसे में कक्ष में तैनात कर्मचारी मरीजों को सप्ताह बाद आने की तारीख देकर लौट रहे हैं। कई मरीजों के हफ्तेभर बाद भी दी गई तारीख पर पहुंचने पर जांच नहीं होती है। जिससे भाग दौड़ करने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच की रही है। दो अस्पतालों के मरीजों के अल्ट्रासाउंड होने से समस्याएं आ रहीं हैं। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हफ्तेभर बाद आने के लिए कहा
शहर के मोहल्ला कन्हईपुरवा निवासी सुधारानी (39) को पेट दर्द की शिकायत है। उन्होंने जिला अस्पताल में सर्जन को दिखाया था। सर्जन ने अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए लिखा।
गुरुवार को वह महिला अस्पताल में जांच कराने पहुंचीं तो एक सप्ताह आगे की तारीख देकर आने के लिए कहा गया।
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद भी जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाओं का मरीजों को समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मशीनें उपलब्ध है।
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दोनों जगहों की जिम्मेदारी एक रेडियोलॉजिस्ट पर थी। सात माह पूर्व जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच ठप हो गई है। जिसके बाद से अकेले महिला अस्पताल में दोनों अस्पतालों के मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं।
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इससे अल्ट्रासाउंड जांच की संख्या दोगुनी हो गई है। यहां पर रोजाना औसतन 40 से 50 मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच की जा रही है। जबकि स्टाफ व उपकरण की तुलना में मरीजों की संख्या ज्यादा होने से जांचे नहीं हो पा रहीं हैं।
ऐसे में कक्ष में तैनात कर्मचारी मरीजों को सप्ताह बाद आने की तारीख देकर लौट रहे हैं। कई मरीजों के हफ्तेभर बाद भी दी गई तारीख पर पहुंचने पर जांच नहीं होती है। जिससे भाग दौड़ करने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच की रही है। दो अस्पतालों के मरीजों के अल्ट्रासाउंड होने से समस्याएं आ रहीं हैं। जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हफ्तेभर बाद आने के लिए कहा
शहर के मोहल्ला कन्हईपुरवा निवासी सुधारानी (39) को पेट दर्द की शिकायत है। उन्होंने जिला अस्पताल में सर्जन को दिखाया था। सर्जन ने अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए लिखा।
गुरुवार को वह महिला अस्पताल में जांच कराने पहुंचीं तो एक सप्ताह आगे की तारीख देकर आने के लिए कहा गया।