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गंगा उफनाई, दो स्कूल पानी से घिरे
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Wed, 19 Aug 2015 12:16 AM IST
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का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने
के साथ कटान भी तेज हो गया, जिससे कटरी परसोला स्थित दो परिषदीय स्कूलों का
आधा हिस्सा नदी में कट गया।
उधर, गंगा के उफनाने से नदी के किनारे बसे लोगों ने अपने मकान खाली कर उसका मलबा निकालना भी शुरू कर दिया है। इससे कटरी क्षेत्र में हड़कंप मचा है। उधर, एसडीएम पीपी तिवारी ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है। एहतियात के तौर पर सभी लेखपालों को अलर्ट रहने और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, गंगा के तेज कटान से ग्राम सभा कटरी परसोला के मजरा रामेश्वरपुरवा में दर्जनों मकान पानी में समां गए। गांव का जूनियर हाईस्कूल पूरी तरह से गंगा में समां चुका है, केवल स्कूल के आगे का हिस्सा बचा हुआ है, वह भी कटने की कगार पर है। वहीं प्राइमरी विद्यालय का अतिरिक्त कक्ष पानी में लगभग आधा कट चुका है।
इसके अलावा पहाड़ी पर बसे गांव महानंदी पुरवा, रामेश्वरपुरवा, गंनीपुरवा में दर्जनों मकान कट चुके हैं और कई मकान कटने की कगार पर हैं, पर तहसील से अभी तक कोई अधिकारी और कर्मचारी मौैके पर नहीं पहुंचे। जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वह अपना सामान कन्नौज रोड पर जमा कर रहे हैं।
अभी तक उनके बसने के लिए सरकार की तरफ से कोई जमीन नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि इसी तरह से कटान जारी रहा तो कन्नौज रोड पर बसा गांव परसोला भी चपेट में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कटान रोकने के लिए व्यवस्था की है, तो वह व्यवस्था यहां क्यों नहीं उपलब्ध कराई जाती है।
धनीराम ने बताया कि उनके पुत्रों ने दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी कर एक साल पहले मकान बनवाया था। बताया कि आज स्थिति यह है कि गंगा के कटान की वजह से अपने हाथों से ही अपने आशियाने को तोड़ना पड़ रहा है। अब उनके सामने कई समस्याएं खड़ी हो गई है। उन्होंने बताया कि उनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।
उधर, गंगा के उफनाने से नदी के किनारे बसे लोगों ने अपने मकान खाली कर उसका मलबा निकालना भी शुरू कर दिया है। इससे कटरी क्षेत्र में हड़कंप मचा है। उधर, एसडीएम पीपी तिवारी ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है। एहतियात के तौर पर सभी लेखपालों को अलर्ट रहने और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, गंगा के तेज कटान से ग्राम सभा कटरी परसोला के मजरा रामेश्वरपुरवा में दर्जनों मकान पानी में समां गए। गांव का जूनियर हाईस्कूल पूरी तरह से गंगा में समां चुका है, केवल स्कूल के आगे का हिस्सा बचा हुआ है, वह भी कटने की कगार पर है। वहीं प्राइमरी विद्यालय का अतिरिक्त कक्ष पानी में लगभग आधा कट चुका है।
इसके अलावा पहाड़ी पर बसे गांव महानंदी पुरवा, रामेश्वरपुरवा, गंनीपुरवा में दर्जनों मकान कट चुके हैं और कई मकान कटने की कगार पर हैं, पर तहसील से अभी तक कोई अधिकारी और कर्मचारी मौैके पर नहीं पहुंचे। जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वह अपना सामान कन्नौज रोड पर जमा कर रहे हैं।
अभी तक उनके बसने के लिए सरकार की तरफ से कोई जमीन नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि इसी तरह से कटान जारी रहा तो कन्नौज रोड पर बसा गांव परसोला भी चपेट में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कटान रोकने के लिए व्यवस्था की है, तो वह व्यवस्था यहां क्यों नहीं उपलब्ध कराई जाती है।
धनीराम ने बताया कि उनके पुत्रों ने दिल्ली में रहकर मेहनत मजदूरी कर एक साल पहले मकान बनवाया था। बताया कि आज स्थिति यह है कि गंगा के कटान की वजह से अपने हाथों से ही अपने आशियाने को तोड़ना पड़ रहा है। अब उनके सामने कई समस्याएं खड़ी हो गई है। उन्होंने बताया कि उनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।