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गंगा, रामगंगा और गर्रा गुर्राईं
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Tue, 14 Jul 2015 11:48 PM IST
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नरौरा बांध से बारिश का छोड़े जा रहे पानी का असर अब
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गंगा, रामगंगा नदी में दिखने लगा है। दोनों ही नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे
बढ़ना शुरू हो गया। वहीं बीते दिनों हुई बारिश व आसपास की नदियों का पानी
गर्रा में आने से इस नदी का भी जलस्तर बढ़ गया।
उधर, वैसे तो जिले में अभी फिलहाल बाढ़ के हालात नहीं है और न ही लोग अभी इस ओर सोच रहे हैं, फिर भी अगर यहां बाढ़ आती है, तो सबसे ज्यादा नुकसान पांच नदियों से घिरे कटियारी क्षेत्र को होगा। उधर, अगर संसाधनों के मामले में देखा जाए, तो इस मामले में जिला प्रशासन के हाथ खाली ही हैं और वहीं एक स्टीमर मोटर वोट तथा नावों एवं डोगा के सहारे इस साल भी संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियां है।
हालांकि , जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतने एवं बचाव कार्यों के लिए सेना एवं पीएसी की मदद लेने की भी तैयारियां शुरू कर दी हैं, पर वर्षों से जिले में संसाधनों का इजाफा न हो पाना व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगा रहा है। इस साल भी संसाधन जुटाने के नाम पर कोई खास चीज नजर नहीं आ रही है।
ज्ञात हो कि बाढ़ आने पर सबसे ज्यादा सवायजपुर तथा बिलग्राम तहसील क्षेत्र के गांव प्रभावित होते है और हरदोई सदर तहसील तथा शाहाबाद तहसील क्षेत्र आंशिक रूप से प्रभावित होते है। 400 से अधिक गांव और मजरे एवं 4 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित होती है।
इनमें भी सबसे ज्यादा गांव सांडी, हरपालपुर, बिलग्राम, मल्लावां, माधौगंज ब्लाक क्षेत्र के प्रभावित होते हैं। कटियारी क्षेत्र गर्रा, गंभीरी, गंगा, रामगंगा, नीलम नदियों से यह इलाके प्रभावित होते हैं। इसके अलावा सबसे ज्यादा बाढ़ से तबाही बारामऊ, ढकपुरा, मुरवा शहाबुद्दीनपुर, आलमपुर, अरबल, चंद्रमपुर, कटरी छोछपुर, दहेलिया, नोनखारा, बेड़ीजोर, बेहथर, बेहटालाखी, बेहटा मुड़िया आदि गांवों के क्षेत्रों में होती है।
इस बार भी अगर बाढ़ आती हैं, तो प्रशासन के सामने बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले गांवों एवं मजरों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चुनौती होगी। उधर, नरौरा बांध से छोड़े जा रहे पानी का असर अब गंगा, रामगंगा नदी में दिखने लगा है।
दोनों ही नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो गया है, जिससे इन नदियों के क्षेत्रों में पड़ने वाले गांवों में दहशत का माहौल भी होने लगा है। इसके अलावा बीते दिनों हुई बारिश और आसपास की नदियों का पानी गर्रा में आने से इस नदी का भी जलस्तर बढ़ गया।
यदि गर्रा की गुर्राहट बढ़ी तो हरपालपुर, बावन और आंशिक शाहाबाद का क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित होगा। इस बाबत एसडीएम शाहाबाद मंशाराम ने बताया गर्रा का जलस्तर अभी अधिक नहीं बढ़ा है, फिर भी वह जलस्तर पर निगरानी की जा रही है।
उधर, वैसे तो जिले में अभी फिलहाल बाढ़ के हालात नहीं है और न ही लोग अभी इस ओर सोच रहे हैं, फिर भी अगर यहां बाढ़ आती है, तो सबसे ज्यादा नुकसान पांच नदियों से घिरे कटियारी क्षेत्र को होगा। उधर, अगर संसाधनों के मामले में देखा जाए, तो इस मामले में जिला प्रशासन के हाथ खाली ही हैं और वहीं एक स्टीमर मोटर वोट तथा नावों एवं डोगा के सहारे इस साल भी संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियां है।
हालांकि , जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतने एवं बचाव कार्यों के लिए सेना एवं पीएसी की मदद लेने की भी तैयारियां शुरू कर दी हैं, पर वर्षों से जिले में संसाधनों का इजाफा न हो पाना व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगा रहा है। इस साल भी संसाधन जुटाने के नाम पर कोई खास चीज नजर नहीं आ रही है।
ज्ञात हो कि बाढ़ आने पर सबसे ज्यादा सवायजपुर तथा बिलग्राम तहसील क्षेत्र के गांव प्रभावित होते है और हरदोई सदर तहसील तथा शाहाबाद तहसील क्षेत्र आंशिक रूप से प्रभावित होते है। 400 से अधिक गांव और मजरे एवं 4 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित होती है।
इनमें भी सबसे ज्यादा गांव सांडी, हरपालपुर, बिलग्राम, मल्लावां, माधौगंज ब्लाक क्षेत्र के प्रभावित होते हैं। कटियारी क्षेत्र गर्रा, गंभीरी, गंगा, रामगंगा, नीलम नदियों से यह इलाके प्रभावित होते हैं। इसके अलावा सबसे ज्यादा बाढ़ से तबाही बारामऊ, ढकपुरा, मुरवा शहाबुद्दीनपुर, आलमपुर, अरबल, चंद्रमपुर, कटरी छोछपुर, दहेलिया, नोनखारा, बेड़ीजोर, बेहथर, बेहटालाखी, बेहटा मुड़िया आदि गांवों के क्षेत्रों में होती है।
इस बार भी अगर बाढ़ आती हैं, तो प्रशासन के सामने बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले गांवों एवं मजरों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चुनौती होगी। उधर, नरौरा बांध से छोड़े जा रहे पानी का असर अब गंगा, रामगंगा नदी में दिखने लगा है।
दोनों ही नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो गया है, जिससे इन नदियों के क्षेत्रों में पड़ने वाले गांवों में दहशत का माहौल भी होने लगा है। इसके अलावा बीते दिनों हुई बारिश और आसपास की नदियों का पानी गर्रा में आने से इस नदी का भी जलस्तर बढ़ गया।
यदि गर्रा की गुर्राहट बढ़ी तो हरपालपुर, बावन और आंशिक शाहाबाद का क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित होगा। इस बाबत एसडीएम शाहाबाद मंशाराम ने बताया गर्रा का जलस्तर अभी अधिक नहीं बढ़ा है, फिर भी वह जलस्तर पर निगरानी की जा रही है।