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खतरे के निशान से बस 25 सेंटीमीटर दूर गंगा
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फोटो-22- बिलग्राम क्षेत्र में बहती गंगा नदी। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले पांच दिनों में गंगा का जलस्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ा है। गंगा में खतरे का निशान 137.10 मीटर है। वहीं सोमवार को गंगा का पानी 136.85 मीटर तक पहुंच गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के किनारे वाले इलाकों में कटान तेज हो गया है। वहीं रामगंगा व गर्रा नदी के जलस्तर में बढ़त होनी शुरू हो गई है। इसको लेकर अफसर अलर्ट पर हैं।
गंगा नदी जिले के बड़े हिस्से से होकर बहती है। रामगंगा व गर्रा नदी भी बड़े क्षेत्र से निकलती है। इधर कुछ दिनों से हरिद्वार व नरौरा बांध से गंगा नदी में लगभग हर रोज एक से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसका असर भी दिखने लगा है। गंगा नदी खतरे के निशान से मात्र 25 सेंटीमीटर दूर रह गई है। पानी बढ़ने के बाद गंगा किनारे बसे गांव व खेतों में कटान की रफ्तार तेज हो गई है। इसको लेकर अफसर भी अलर्ट हैं। करीब आधा दर्जन गांवों में कटान तेज होने की उम्मीद है।
इधर गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद सहयोगी नदी रामगंगा व गर्रा के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। हालांकि यह दोनों नदियां अभी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे से बह रही हैं। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता अखिलेश गौतम ने बताया कि नदी के किनारे कटान वाले क्षेत्र पूर्व में ही चिह्नित किए जा चुके हैं, वहां कटान रोकने के लिए काम कराया जा चुका है। जहां भी कटान बढ़ने की सूचना मिल रही है। वहां पर टीमें काम कर रही हैं।
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हरदोई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कटरी बिछुइया व कटरी छिबरामऊ में पूर्व में काम कराया जा चुका है। सवायजपुर के ग्राम मानीमऊ में गर्रा नदी से कटान होने की सूचना पर वहां मनरेगा के तहत कटान रोधक काम कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अखिलेश गौतम ने बताया कि सवायजपुर तहसील के ग्राम झौहाना, लोनार, बूटामऊ, असलापुर में कटाव निरोध कार्य पूर्व में ही करा दिया गया है, जहां कटान पूरी तरह से नियंत्रण में है। अन्य जगहों पर भी कटान की स्थिति नियंत्रण में है। वहीं बिलग्राम के मक्कूपुरवा व चिरंजूपुरवा गांव में कटान हो रहा है। वहां भी काम कराया जा रहा है।
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गंगा नदी जिले के बड़े हिस्से से होकर बहती है। रामगंगा व गर्रा नदी भी बड़े क्षेत्र से निकलती है। इधर कुछ दिनों से हरिद्वार व नरौरा बांध से गंगा नदी में लगभग हर रोज एक से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसका असर भी दिखने लगा है। गंगा नदी खतरे के निशान से मात्र 25 सेंटीमीटर दूर रह गई है। पानी बढ़ने के बाद गंगा किनारे बसे गांव व खेतों में कटान की रफ्तार तेज हो गई है। इसको लेकर अफसर भी अलर्ट हैं। करीब आधा दर्जन गांवों में कटान तेज होने की उम्मीद है।
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इधर गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद सहयोगी नदी रामगंगा व गर्रा के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। हालांकि यह दोनों नदियां अभी चेतावनी बिंदु से काफी नीचे से बह रही हैं। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता अखिलेश गौतम ने बताया कि नदी के किनारे कटान वाले क्षेत्र पूर्व में ही चिह्नित किए जा चुके हैं, वहां कटान रोकने के लिए काम कराया जा चुका है। जहां भी कटान बढ़ने की सूचना मिल रही है। वहां पर टीमें काम कर रही हैं।
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हरदोई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कटरी बिछुइया व कटरी छिबरामऊ में पूर्व में काम कराया जा चुका है। सवायजपुर के ग्राम मानीमऊ में गर्रा नदी से कटान होने की सूचना पर वहां मनरेगा के तहत कटान रोधक काम कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अखिलेश गौतम ने बताया कि सवायजपुर तहसील के ग्राम झौहाना, लोनार, बूटामऊ, असलापुर में कटाव निरोध कार्य पूर्व में ही करा दिया गया है, जहां कटान पूरी तरह से नियंत्रण में है। अन्य जगहों पर भी कटान की स्थिति नियंत्रण में है। वहीं बिलग्राम के मक्कूपुरवा व चिरंजूपुरवा गांव में कटान हो रहा है। वहां भी काम कराया जा रहा है।