फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Foreigners who were HIV drank

एचआईवी लेकर लौटे परदेशी पिया

Tue, 17 May 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई Updated Tue, 17 May 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
Foreigners who were HIV drank
एचआईवी से संक्रमित - फोटो : logo

हरदोई। परिवार का भरण पोषण के लिए परदेश गए पिया एचआईवी पाजिटिव लेकर लौट रहे है इसका खुलासा जांच पड़ताल के बाद हुआ। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। जिले में प्रतिमाह बढ़ रही रोगियों की संख्या को देख महकमे में ही नहीं राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के  जिम्मेदारों के माथे पर भी बल पड़ गए हैं।  

विज्ञापन


कोई दो राय नहीं कि एड्स के  खिलाफ मुहिम तो वर्षो से चल रही है लेकिन अज्ञानता हर बार उसके बीच में आ जाती है शायद यही कारण रहा कि जिले में मिलने वाले एचआईवी पाजीटिव रोगियों की संख्या सिरे से खत्म होती नहीं नजर आ रही बल्कि कहीं न कहीं लगातार बढ़ती नजर आ रही है। इस वर्ष  139 पुरुष और 159 महिलाओं की जांच अब तक हुई जिसमें तीन पुरुष व दो महिलाओं में एचआईवी पाजिटिव पाया गया है।
विज्ञापन


जिन पुरुषों में एचआईवी पाजिटिव पाया गया वह परिवार के भरण पोषण के लिए रुपया कमाने घर से बाहर गए हुए थे वापस आने पर जब तबियत खराब हुई तो परिजनों ने उनकी जांच करवाई जिसमें बीमारी का खुलासा हुआ। इस संबंध में आईसीटीसी के परामर्शदाता प्रहलाद गौड़ ने बताया कि जिस तरह प्रत्येक माह एचआईवी पाजिटिव रोगियों की संख्या बढ़ रही है उससे लग रहा है कि पूरे साल एचआईवी पाजिटिव रोगियों की संख्या पिछले साल से भी अधिक संभावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गर्भवती में अधिक पाए जा रहे एचआईवी पाजिटिव रोगी
हरदोई। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के परिवार परामर्श जिला समन्वयक प्रहलाद गौड़ ने बताया कि  एचआईवी पाजिटिव ग्रस्त महिलाओं से ली गई यह बात स्पष्ट हुई कि जिन महिलाओं में यह पाया गया उनके पति बाहर काम करते हैं। वहीं जानकार वर्तमान की इस स्थिति को भविष्य का संकट बता रहे है।

एचआईवी पाजिटिव एड्स नहीं एड्स की प्राथमिक अवस्था है
हरदोई। एचआईवी पाजिटिव (ह्यूमन इम्यूनोडिफिसिन्सी सिंड्रोम) एड्स (एक्वार्ड इम्यूनोडिफिसिन्सी सिंड्रोम) की प्राथमिक अवस्था है। जिला चिकित्सालय स्थित आईसीटीसी के परामर्शदाता प्रहलाद बताते है कि  एचआईवी पाजिटिव एड्स नहीं है लेकिन इससे एड्स होता है। एचआईवी पाजिटिव व्यक्ति के रक्त को मेडिकल कालेज सेंटर पर जांच के लिए भेजा जाता है। रक्त में सीडी लिम्फोसाइट्स की संख्या अगर सामान्य होती है तो दवा चलती है। वहीं जिन गर्भवती महिलाओं को एचआईवी पाजिटिव होता है उनके शिशु को बचाने के लिए प्रसव के समय दवाई दी जाती है।

बेरोजगारी दूर करने गया था
हरदोई। अप्रैल माह में चिंहित हुए एचआईवी पीड़ित का कहना है कि वह छह माह पूर्व ही गाजियाबाद गया था नौकरी करने। पता नहीं कब क्या हुआ और यह वहां का रोग यहां लेकर चला आया। उसने पत्नी का टेस्ट कराया है।


शायद सिरिंज ने जीवन किया बर्बाद
हरदोई। जिले के एक क्षेत्र की रहने वाली 38 वर्षीय महिला भी एचआईवी पाजीटिव की लपेटे में है लेकिन उसके पति जिले में ही मेहनत कर रोजी रोटी चलाते हैं। लेकिन परामर्शदाता के समक्ष एचआईवी का कारण वह नहीं बता पाई। सिरिंज आदि को वह कारण बता रही। लेकिन इस रोग की आहट से ही वह व उसका पूरा परिवार सदमें में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed