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किसान के नामिनी भी केंद्र पर बेंच सकेंगे गेहूं
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हरदोई। गेहूं खरीद व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नए नियमों के तहत अब किसान की अनुपस्थिति में उसके द्वारा नामित नॉमिनी भी केंद्र पर अधिकृत रूप से गेहूं बेेच सकेगा। किसानों को नॉमिनी निर्धारित करने का अधिकार/विकल्प पंजीकरण के समय मिलेगा। यही नहीं अब 12 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों का पंजीकरण/खरीद जिला खरीद अधिकारी की आईडी से सत्यापित किया जाएगा।
जनपद में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो रही है। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सरकार ने ई-पॉस मशीन से खरीद कराए जाने का आदेश दिया है। अभी तक उपज बेचने के दौरान पंजीकृत किसान की केंद्र पर उपस्थिति अनिवार्य रहती थी, अधिक वक्त लगने पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
शासन से इसमें बदलाव किया गया है। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि अब किसान के साथ ही उसके द्वारा निर्धारित नॉमिनी भी केंद्र पर अधिकृत रूप से मौजूद रहकर उपज बेच सकता है। किसानों को पंजीकरण कराते वक्त ही परिवार के किसी एक सदस्य को नॉमिनी बनाने का विकल्प मिलेगा।
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विकल्प भरने के साथ ही पोर्टल पर नॉमिनी का आधार कार्ड भी फीड होगा। बताया कि इससे इतर एसडीएम द्वारा नाम सत्यापन, चकबंदी ग्राम के किसान, हिस्सेदारी, बंटाइदारी व 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वाले किसानों का पंजीयन सत्यापन अपनी डीएससी द्वारा लॉक किया जाएगा।
एडीएम ने बताया कि पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए विभाग की वेबसाइट का भूलेख की वेबसाइट से लिंक कराया गया है। इसके बाद पंजीकरण प्रपत्र में भूमि विवरण जोड़ने के विकल्प में भूलेख पोर्टल से केवल उसी भूमि को जोड़ा जा सकेगा, जो कृषि योग्य होगी।
बताया कि किसान/नॉमिनी का मोबाइल नंबर, खाता संख्या व आधार नंबर यूनिक रखा गया है। इसलिए इन तीनों का इस्तेमाल सीजन में केवल एक बार ही किया जा सकेगा।
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जनपद में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो रही है। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सरकार ने ई-पॉस मशीन से खरीद कराए जाने का आदेश दिया है। अभी तक उपज बेचने के दौरान पंजीकृत किसान की केंद्र पर उपस्थिति अनिवार्य रहती थी, अधिक वक्त लगने पर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
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शासन से इसमें बदलाव किया गया है। एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि अब किसान के साथ ही उसके द्वारा निर्धारित नॉमिनी भी केंद्र पर अधिकृत रूप से मौजूद रहकर उपज बेच सकता है। किसानों को पंजीकरण कराते वक्त ही परिवार के किसी एक सदस्य को नॉमिनी बनाने का विकल्प मिलेगा।
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विकल्प भरने के साथ ही पोर्टल पर नॉमिनी का आधार कार्ड भी फीड होगा। बताया कि इससे इतर एसडीएम द्वारा नाम सत्यापन, चकबंदी ग्राम के किसान, हिस्सेदारी, बंटाइदारी व 100 क्विंटल से अधिक गेहूं बेचने वाले किसानों का पंजीयन सत्यापन अपनी डीएससी द्वारा लॉक किया जाएगा।
एडीएम ने बताया कि पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए विभाग की वेबसाइट का भूलेख की वेबसाइट से लिंक कराया गया है। इसके बाद पंजीकरण प्रपत्र में भूमि विवरण जोड़ने के विकल्प में भूलेख पोर्टल से केवल उसी भूमि को जोड़ा जा सकेगा, जो कृषि योग्य होगी।
बताया कि किसान/नॉमिनी का मोबाइल नंबर, खाता संख्या व आधार नंबर यूनिक रखा गया है। इसलिए इन तीनों का इस्तेमाल सीजन में केवल एक बार ही किया जा सकेगा।