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अंधड़ के साथ बूंदाबांदी, पारा गिरा
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई।
Updated Wed, 02 Dec 2015 12:08 AM IST
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मौसम का रुख अचानक मंगलवार की दोपहर बाद बदल गया। देखते ही देखते आसमान में छाए बादलों ने सूरज को ढक लिया। तेज हवाओं के साथ अंधड़ चलने से अंधेरा सा छा गया। इसी बीच शुरू हुई बूंदाबांदी से पारा लुढ़कने लगा। करीब 25 मिनट तक चले अंधड़ से शहर का यातायात ठहर सा गया। शहर में जगह-जगह होर्डिंग-बैनर उखड़ कर सड़क पर आ गिरे। कृषि अधिकारी ने बताया कि हल्की बारिश से फसलों के लिए अच्छी है।
तेज और अतिवृष्टि के आगाज की गर्जना सुन खेती किसानी से जुडे़ लोग बेचैन हो उठे। देर शाम बाद जब बूंदाबांदी ने तेज बारिश का रूप नही लिया तो किसानों ने राहत महसूस की। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। शहर एवं आस पास इलाकों में मामूली बूंदाबंादी होने से पारा लुढ़क गया।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि मौसम का यह बदलाव गेहूं, सरसों और आलू की फसलों के लिए काफी अच्छा है। मौसम के इस बदलाव से पार में गिरावट आने का सिलसिला शुरू हुआ है। पारे का गिरना रबी की फसलों के लिए ठीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि बारिश होने पर हाल में बोई गई फसलाें को नुकसान हो सकता था पर बारिश की मात्रा 1 मिलीमीटर के आसपास रहने का अनुमान है। लिहाजा फसलों को नुकसान होने की संभावना नहीं है।
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तेज और अतिवृष्टि के आगाज की गर्जना सुन खेती किसानी से जुडे़ लोग बेचैन हो उठे। देर शाम बाद जब बूंदाबांदी ने तेज बारिश का रूप नही लिया तो किसानों ने राहत महसूस की। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। शहर एवं आस पास इलाकों में मामूली बूंदाबंादी होने से पारा लुढ़क गया।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि मौसम का यह बदलाव गेहूं, सरसों और आलू की फसलों के लिए काफी अच्छा है। मौसम के इस बदलाव से पार में गिरावट आने का सिलसिला शुरू हुआ है। पारे का गिरना रबी की फसलों के लिए ठीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि बारिश होने पर हाल में बोई गई फसलाें को नुकसान हो सकता था पर बारिश की मात्रा 1 मिलीमीटर के आसपास रहने का अनुमान है। लिहाजा फसलों को नुकसान होने की संभावना नहीं है।
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