{"_id":"b9019b7c7d6c41e153bd2efdc4f9cba2","slug":"district-carpet-and-milk-cluster-gift-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले को कालीन व दुग्ध क्लस्टर का तोहफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले को कालीन व दुग्ध क्लस्टर का तोहफा
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई।
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले को एक नहीं बल्कि दो बड़े उद्योगों को स्थापित कराए जाने का तोहफा मिला है। उतर प्रदेश सरकार की सिफारिशों पर केंद्र सरकार ने शाहाबाद में कालीन व मलिहामऊ में दुग्ध कलस्टर स्थापित कराने को हरी झंडी दी है। बड़ी बात यह है कि जिले का दुग्ध क्लस्टर उत्तर प्रदेश का पहला क्लस्टर होगा।
मंत्री बनने के बाद से ही जिले के स्वतंत्र प्रभार मंत्री ने जिले के लिए तोहफों का पिटारा खोलना शुरू कर दिया है। उनके प्रयासों के बाद उत्तर प्रदेश में पांच और इस जिले में दो क्लस्टर को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में कालीन क्लस्टर शाहाबाद व दुग्ध क्लस्टर मलिहामऊ की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वतंत्र प्रभार मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि दुग्ध उत्पाद क्लस्टर के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल का गठन कर लिया गया है। जिसके तहत दुग्ध उद्योग व्यवसाय से जुड़े 30 लोगों को भी शामिल कर लिया गया है। जोकि उद्योग विभाग एवं रजिस्टार चिट फंड एवं सोसाइटी उत्तर प्रदेश में पंजीकृत किए जा चुके हैं।
जागृति डेरी प्रोजेक्ट संस्थान द्वारा मलिहामऊ में दुग्ध क्लस्टर स्थापित होगा। शुरूआती लागत छह करोड़ है। इसी तरह कालीन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शाहाबाद में कारपेट क्लस्टर स्थापित होगा। यहां भी 30 लोगों को जोड़ लिया गया है। तीन करोड़ की लागत से शुरूआत होगी। सारी अनुमतियां प्राप्त हो गई हैं। इन दोनों ही उद्योगों से प्रदेश ही नहीं भारत के मानचित्र पर जिला दिखाई देगा। सैकड़ों की संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। पशुपालकों को उनके दुग्ध की अच्छी कीमत मिलेगी। शाहाबाद में बुनकरों को रोजगार मिलेगा। इधर स्वीकृति मिलने के बाद जिले में स्वतंत्र प्रभार मंत्री नितिन अग्रवाल व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल को बधाइयां मिलने का क्रम शुरू हो गया।
विज्ञापन
10 हजार लोगों को दुग्ध उत्पाद क्लस्टर में सीधे लाभ
क्लस्टर विकास योजना में दुग्ध उत्पाद क्लस्टर स्थापित होने से सीधे 10 हजार व्यक्तियों को लाभ होगा। उपायुक्त उद्योग केंद्र एसके मिश्रा ने बताया कि क्लस्टर में निवेश का 70 प्रतिशत भारत सरकार व30 प्रतिशत सीएफसी कामन फैसलटी निर्माण के रूप में निवेश करेगी। एक एकड़ भूमि भी दी जा चुकी है।
हजारों हाथों के हुनर को मिलेगा सही मूल्य
कालीन क्लस्टर स्थापित होने से शाहाबाद में बुनकर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। अभी वहां के बुनकर किराए पर काम रहे हैं। उनका हुनर कौड़ियों के दामों में खरीदा जा रहा है। फायदा दूसरे लोग उठा रहे हैं लेकिन इसके बाद सीधे तौर पर इन बुनकरों को फायदा होगा। जिले की पहचान अलग बनेगी। उपायुक्त ने बताया कि एक एकड़ भूमि लिखित में प्राप्त हो गई है।
रोजगार के अवसर सृजित होते रहेंगे - नितिन
स्वतंत्र प्रभार मंत्री नितिन अग्रवाल का कहना है कि जिले के लिए जब भी कुछ करने के अवसर आएंगे उसके लिए वह चूकेंगे नहीं। अभी नए उद्योगों के लिए वह प्रयासरत हैं। जल्द ही आगे भी बहुत कुछ अच्छा सुनने को मिलता रहेगा। रोजगार के अवसर सृजित होते रहेंगे।
प्रदेश में पांच क्लस्टर हुए चयनित
प्रदेश में पांच क्लस्टर चयनित हुए हैं जिनमें आगरा में मेकेनिकल पार्ट, फैजाबाद में होजरी एवं बदायूं में एक क्लस्टर स्थापित करने की अनुमति मिली है शेष दो हरदोई के लिए हैं।
विज्ञापन
मंत्री बनने के बाद से ही जिले के स्वतंत्र प्रभार मंत्री ने जिले के लिए तोहफों का पिटारा खोलना शुरू कर दिया है। उनके प्रयासों के बाद उत्तर प्रदेश में पांच और इस जिले में दो क्लस्टर को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में कालीन क्लस्टर शाहाबाद व दुग्ध क्लस्टर मलिहामऊ की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वतंत्र प्रभार मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि दुग्ध उत्पाद क्लस्टर के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल का गठन कर लिया गया है। जिसके तहत दुग्ध उद्योग व्यवसाय से जुड़े 30 लोगों को भी शामिल कर लिया गया है। जोकि उद्योग विभाग एवं रजिस्टार चिट फंड एवं सोसाइटी उत्तर प्रदेश में पंजीकृत किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
जागृति डेरी प्रोजेक्ट संस्थान द्वारा मलिहामऊ में दुग्ध क्लस्टर स्थापित होगा। शुरूआती लागत छह करोड़ है। इसी तरह कालीन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शाहाबाद में कारपेट क्लस्टर स्थापित होगा। यहां भी 30 लोगों को जोड़ लिया गया है। तीन करोड़ की लागत से शुरूआत होगी। सारी अनुमतियां प्राप्त हो गई हैं। इन दोनों ही उद्योगों से प्रदेश ही नहीं भारत के मानचित्र पर जिला दिखाई देगा। सैकड़ों की संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। पशुपालकों को उनके दुग्ध की अच्छी कीमत मिलेगी। शाहाबाद में बुनकरों को रोजगार मिलेगा। इधर स्वीकृति मिलने के बाद जिले में स्वतंत्र प्रभार मंत्री नितिन अग्रवाल व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल को बधाइयां मिलने का क्रम शुरू हो गया।
विज्ञापन
10 हजार लोगों को दुग्ध उत्पाद क्लस्टर में सीधे लाभ
क्लस्टर विकास योजना में दुग्ध उत्पाद क्लस्टर स्थापित होने से सीधे 10 हजार व्यक्तियों को लाभ होगा। उपायुक्त उद्योग केंद्र एसके मिश्रा ने बताया कि क्लस्टर में निवेश का 70 प्रतिशत भारत सरकार व30 प्रतिशत सीएफसी कामन फैसलटी निर्माण के रूप में निवेश करेगी। एक एकड़ भूमि भी दी जा चुकी है।
हजारों हाथों के हुनर को मिलेगा सही मूल्य
कालीन क्लस्टर स्थापित होने से शाहाबाद में बुनकर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। अभी वहां के बुनकर किराए पर काम रहे हैं। उनका हुनर कौड़ियों के दामों में खरीदा जा रहा है। फायदा दूसरे लोग उठा रहे हैं लेकिन इसके बाद सीधे तौर पर इन बुनकरों को फायदा होगा। जिले की पहचान अलग बनेगी। उपायुक्त ने बताया कि एक एकड़ भूमि लिखित में प्राप्त हो गई है।
रोजगार के अवसर सृजित होते रहेंगे - नितिन
स्वतंत्र प्रभार मंत्री नितिन अग्रवाल का कहना है कि जिले के लिए जब भी कुछ करने के अवसर आएंगे उसके लिए वह चूकेंगे नहीं। अभी नए उद्योगों के लिए वह प्रयासरत हैं। जल्द ही आगे भी बहुत कुछ अच्छा सुनने को मिलता रहेगा। रोजगार के अवसर सृजित होते रहेंगे।
प्रदेश में पांच क्लस्टर हुए चयनित
प्रदेश में पांच क्लस्टर चयनित हुए हैं जिनमें आगरा में मेकेनिकल पार्ट, फैजाबाद में होजरी एवं बदायूं में एक क्लस्टर स्थापित करने की अनुमति मिली है शेष दो हरदोई के लिए हैं।