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धनतेरस आज, सज गए बाजार

Mon, 09 Nov 2015 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Mon, 09 Nov 2015 12:06 AM IST
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Dhanteras today, market grew lively

सन्नाटे से गुजर रहे बाजार धनतेरस में ग्राहकों की उम्मीद लगाए हैं। घर में कुछ नया लाने की मान्यता के चलते इस दिन हर परिवार खरीदारी करने को निकलता है। दुकानदार अपने प्रतिष्ठानों को सजाने का काम पूरा करने में जुटे रहे। रविवार को देर रात तक दुकानों में सामान व्यवस्थित करने का काम चलता रहा।

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खास तौर पर सर्राफा दुकानों को सजाने के लिए कुछ ज्यादा ही मेहनत की गई है। रविवार को धनतेरस की पूर्व संध्या पर बाजार रंग बिरंगी रोशनी में दुल्हन सा सजा नजर आया। चाट टिक्की वाले तक धनतेरस की तैयारी करते दिखे। दुकानदारों का कहना है कि चूंकि इस बार महंगाई पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा है।
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यह है मान्यता
समुद्र मंथन के अंत में भगवान धनवंतरि अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे, उस दिन भी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी थी। तभी से धनवंतरि भगवान का प्रकटोत्सव मान लिया गया है। तभी से इस दिन को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। भगवान धनवंतरि को भगवान विष्णु का अवतार ही माना जाता है।
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इस तरह करें पूजा
पं. उमाकांत शास्त्री ने कहा कि विधिवत पूजन व्यापारियों व आम आदमी के लिए लाभ देने वाला होता है। सुबह उठकर स्नान के बाद भगवान धनवंतरि की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें। स्वयं पूर्वाभिमुख होकर बैठ जाए। पूजन स्थल पर आसन देने की भावना से चावल चढ़ाए।

आचमन के लिए जल छोड़े। चित्र पर गंध, अबीर, गुलाल पुष्प, रोली आदि चढ़ाए। चांदी के पात्र में खीर का नैवेद्य लगाए। इसके बाद जल छोड़े। मुख शुद्धि के लिए पान, लौंग, सुपाड़ी चढ़ाए। शंखपुष्पी, तुलसी सहित कई औषधियों को चढ़ाने से लोग निरोगी होते हैं।

शाम 5.34 से लक्ष्मी पूजन शुभ
शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि धनतेरस के दिन लक्ष्मी जी की पूजा का विशेष समय सोमवार शाम पांच बजकर 34 मिनट से सात बजकर 11 मिनट तक है।

चांदी के गणेश लक्ष्मी की मांग
सिनेमा रोड स्थित सर्राफा व्यवसायी अमित गुप्ता बघौली वाले ने बताया कि दीवाली को लेकर इस बार चांदी के गणेश-लक्ष्मी लेने वालों में गजब का उत्साह है। हाथों हाथ इनकी बिक्री हो रही है। चांदी के गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां पांच हजार से लेकर 30 हजार तक उपलब्ध हैं तो इसके अलावा गणेश लक्ष्मी वाले फ्रेम भी ग्राहकों के द्वारा मांगे जा रहे हैं। इनकी कीमत दो हजार से लेकर 15 हजार तक है।


आठ सौ तक मिट्टी के भी गणेश लक्ष्मी
मिट्टी के गणेश लक्ष्मी को लेकर भी इस बार लोगों को अच्छी कीमत चुकानी पड़ सकती है। बाजार में मांग और हर वर्ग के अनुसार गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां उपलब्ध है। मिट्टी की जहां 50 रुपये की हैं तो सजी धजी मूर्तियां आठ सौ तक में बिक रही हैं। विक्रेताओं का कहना है कि बड़ी मूर्तियां जिनको आभूषण से लेकर वस्त्र आदि पहनाए गए है उनकी कीमत अच्छी ली जा रही है। उनकी मांग है।

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