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एफसीआई से नहीं आया पैसा, किसानों का फंसा 73 करोड़
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फोटो- 34- मंडी स्थित धान क्रय केन्द्र की फाइल फोटो
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। जिले में सरकारी धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने के करीब है लेकिन धान बेचने वाले सैकड़ों किसानों का अभी भुगतान बकाया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 2500 से अधिक किसानों का एजेंसियों पर लगभग 73 करोड़ का भुगतान बकाया है। धान खरीद की नोडल एजेंसी के अधिकारी का कहना है कि एफसीआई से पैसा न आ पाने के कारण भुगतान में देरी हुई है। जल्द ही भुगतान कराया जाएगा।
क्रय केंद्रों द्वारा की जाने वाली खरीद के अनाज को भारतीय खाद्य निगम(एफसीआई) के गोदामों में भेजा जाता है। जहां इसका भंडारण रहता है, यहां से ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली(पीडीएस) के लिए अनाज उपलब्ध कराया जाता है। धान खरीद करने वाली एजेंसियां धान को चावल मिलों को भेजकर कुटाई कर चावल की आपूर्ति एफसीआई गोदाम में करती हैं।
हरदोई। इस वर्ष जिले के लिए शासन की ओर से 23 लाख 96 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था। जिसके सापेक्ष अभी तक साढ़े बाइस लाख मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। जो कि लक्ष्य के सापेक्ष करीब 94 प्रतिशत है। इस बार शासन ने सामान्य धान के लिए 1940 रुपये और ए ग्रेड के धान के लिए 1960 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीद कराई है।
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विभिन्न क्रय एजेंसियों के करीब 95 सेंटरों के माध्यम से 30 हजार 5 सौ 55 किसानों से करीब 22500 एमटी धान खरीदा गया है। जिसका मूल्य लगभग 43 सौ करोड़ है। इसमें करीब 36 सौ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है मगर अभी करीब 25 से अधिक किसानों का 73 करोड़ रुपये का भुगतान विभिन्न क्रय एजेंसियों पर बकाया है।
लक्ष्य के सापेक्ष करीब 94 फीसदी धान खरीद हो चुकी है। खरीदे गए धान के भुगतान में 43710.44 लाख रुपये सापेक्ष 36324.25 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। करीब 7386 लाख का भुगतान किसानों का बकाया है। एफसीआई से पैसा न आ पाने के कारण क्रय एजेंसियों द्वारा समय से शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया जा सका है।
एफसीआई और क्रय एजेंसियों से बात की जा रही है। जल्द बकाया भुगतान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन सेंटरों एवं एजेंसियों के लक्ष्य पूरा हो चुके हैं हो सकता है वहां सेंटर न चल रहे हों वो इसकी जानकारी करेंगे।
अनुराग पांडेय, डिप्टी आरएमओ, खाद्य विभाग,
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क्रय केंद्रों द्वारा की जाने वाली खरीद के अनाज को भारतीय खाद्य निगम(एफसीआई) के गोदामों में भेजा जाता है। जहां इसका भंडारण रहता है, यहां से ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली(पीडीएस) के लिए अनाज उपलब्ध कराया जाता है। धान खरीद करने वाली एजेंसियां धान को चावल मिलों को भेजकर कुटाई कर चावल की आपूर्ति एफसीआई गोदाम में करती हैं।
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हरदोई। इस वर्ष जिले के लिए शासन की ओर से 23 लाख 96 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था। जिसके सापेक्ष अभी तक साढ़े बाइस लाख मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। जो कि लक्ष्य के सापेक्ष करीब 94 प्रतिशत है। इस बार शासन ने सामान्य धान के लिए 1940 रुपये और ए ग्रेड के धान के लिए 1960 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीद कराई है।
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विभिन्न क्रय एजेंसियों के करीब 95 सेंटरों के माध्यम से 30 हजार 5 सौ 55 किसानों से करीब 22500 एमटी धान खरीदा गया है। जिसका मूल्य लगभग 43 सौ करोड़ है। इसमें करीब 36 सौ करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है मगर अभी करीब 25 से अधिक किसानों का 73 करोड़ रुपये का भुगतान विभिन्न क्रय एजेंसियों पर बकाया है।
लक्ष्य के सापेक्ष करीब 94 फीसदी धान खरीद हो चुकी है। खरीदे गए धान के भुगतान में 43710.44 लाख रुपये सापेक्ष 36324.25 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। करीब 7386 लाख का भुगतान किसानों का बकाया है। एफसीआई से पैसा न आ पाने के कारण क्रय एजेंसियों द्वारा समय से शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया जा सका है।
एफसीआई और क्रय एजेंसियों से बात की जा रही है। जल्द बकाया भुगतान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन सेंटरों एवं एजेंसियों के लक्ष्य पूरा हो चुके हैं हो सकता है वहां सेंटर न चल रहे हों वो इसकी जानकारी करेंगे।
अनुराग पांडेय, डिप्टी आरएमओ, खाद्य विभाग,

ोटो - 33- डिप्टी आरएमओ अनुराग पांडेय- फोटो : HARDOI