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दो को आजीवन कारावास
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हरदोई। अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट) संजीव कुमार ने सोमवार को हत्या के मामले में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों दोषियों को 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। मामला आठ साल पुराना है।
विशेष लोक अभियोजक उदयराज शुक्ला और वीरेश सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि हरियावां थाना क्षेत्र के ग्राम अरुआ निवासी जगदीश ने 23 अगस्त 2013 को हत्या के आरोप में गांव के ही हरिओम और छोटे के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट ने जगदीश ने आरोप लगाया था कि 23 अगस्त 2013 को वह घर के बाहर बैठा था, उसकी पत्नी मीरा घर में खाना बना रही थी। सुबह लगभग दस बजे गांव के ही हरिओम और छोटे उसके मकान पर आए। पुरानी रंजिश को लेकर हरिओम ने गालियां देते हुए तमंचे से मीरा पर फायर कर दिया। गोली लगने से मीरा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पूरे मामले की सुनवाई कर अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट) संजीव कुमार सिंह ने हरिओम और छोटे को अनुसूचित जाति उत्पीड़न और हत्या में दोषी पाया। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
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विशेष लोक अभियोजक उदयराज शुक्ला और वीरेश सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि हरियावां थाना क्षेत्र के ग्राम अरुआ निवासी जगदीश ने 23 अगस्त 2013 को हत्या के आरोप में गांव के ही हरिओम और छोटे के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट ने जगदीश ने आरोप लगाया था कि 23 अगस्त 2013 को वह घर के बाहर बैठा था, उसकी पत्नी मीरा घर में खाना बना रही थी। सुबह लगभग दस बजे गांव के ही हरिओम और छोटे उसके मकान पर आए। पुरानी रंजिश को लेकर हरिओम ने गालियां देते हुए तमंचे से मीरा पर फायर कर दिया। गोली लगने से मीरा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पूरे मामले की सुनवाई कर अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट) संजीव कुमार सिंह ने हरिओम और छोटे को अनुसूचित जाति उत्पीड़न और हत्या में दोषी पाया। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।