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ऐसे पल्ला झाड़ेंगे तो कर्मी टूट जाएंगे साहब...
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हरदोई। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद घर से लेकर कार्यक्षेत्र में किस तरह उपेक्षा का दंश झेलना पड़ता है, इसका अंदाजा शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक का पीड़ा भरा पत्र देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। जनपद शाहजहांपुर में जिला समन्वयक प्रशिक्षण के पद पर तैनात व हरदोई में शिक्षा विभाग में अटैच समन्वयक ने महानिदेशक को पत्र भेजकर इस ओर ध्यान देने का निवेदन किया है।
रेलवेगंज निवासी डॉ. अभय जैन ने महानिदेशक को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने बताया कि वह जिला समन्वयक प्रशिक्षण के रूप में जनपद शाहजहांपुर में 10 जून से सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को कोविड 19 का सैंपल दिया। रिपोर्ट 25 जुलाई को आई तब उन्हें पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं।
तब से उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। पत्र में उन्होंने लिखा कि जिस विभाग के लिए वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रयासरत हैं, आज वहां से किसी प्रकार की मदद न मिलने से मन बहुत आहत है। अपने निजी संसाधनों से प्राइवेट होटल में क्वारंटीन हैं। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि उन्होंने भी बात की है। महानिदेशक ने भी फोन पर संज्ञान लिया है। विभाग उनकी आर्थिक रूप से किस तरह मदद कर सकता है, ये देखा जा रहा है। महानिदेशक के निर्देश पर ही कदम उठाया जाएगा।
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रेलवेगंज निवासी डॉ. अभय जैन ने महानिदेशक को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने बताया कि वह जिला समन्वयक प्रशिक्षण के रूप में जनपद शाहजहांपुर में 10 जून से सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को कोविड 19 का सैंपल दिया। रिपोर्ट 25 जुलाई को आई तब उन्हें पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं।
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तब से उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। पत्र में उन्होंने लिखा कि जिस विभाग के लिए वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रयासरत हैं, आज वहां से किसी प्रकार की मदद न मिलने से मन बहुत आहत है। अपने निजी संसाधनों से प्राइवेट होटल में क्वारंटीन हैं। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि उन्होंने भी बात की है। महानिदेशक ने भी फोन पर संज्ञान लिया है। विभाग उनकी आर्थिक रूप से किस तरह मदद कर सकता है, ये देखा जा रहा है। महानिदेशक के निर्देश पर ही कदम उठाया जाएगा।
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