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Hardoi News: दावा निस्तारण का और सड़कों के किनारे लगे कूड़ों के ढेर
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फोटो 12: बिलग्राम के कन्नौज बाईपास पर रोड किनारे लगा कूड़ा। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
हरदोई। शहरों सहित नगरीय निकायों को साफ-सुथरा रखने और कूड़े काे सही ढंग से निस्तारित कराए जाने के दावे किए जा रहे हैं। हकीकत इसके विपरीत है। सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं जो जिम्मेदारों के दावों की पोल खोल रहे हैं।
जिले के सभी 13 नगरीय निकायों में करीब 39 लाख रुपये की लागत से कूड़ा निस्तारण और मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) बनवाए गए हैं। इनके संचालन की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को सौंपी गई है। कहीं सेंटर पर ताला लटक रहा है तो कहीं सेंट तक पहुंचने का रास्ता तक नहीं है। नगरीय निकायों में घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाले कूड़े के संग्रहण से लेकर निस्तारण का काम कराया जाना है। कूड़े को अलग-अलग करने, उपयोगी सामग्री को छांटने और शेष कचरे के निस्तारण की व्यवस्था के उद्देश्य से एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन नगरीय में बनवाए गए यह सेंटर कूड़ा निस्तारण की औपचारिकता निभा रहे हैं। नगर पालिका हरदोई के कूड़ा निस्तारण के लिए इटौली में एमआरएफ सेंटर बना है जबकि घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाला कूड़ा नगर में फुटपाथों के किनारे पड़ा रहता है। वहीं उठाए जाने के बाद कूड़ा सांडी रोड और बावन रोड पर फुटपाथ किनारे डाला जा रहा है।
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इटौली में भी एमआरएफ सेंटर तक रास्ता नहीं बन पाया है। नगर पंचायत बेनीगंज में एमआरएफ सेंटर पर ताला लटकता मिला जबकि निकाय से निकलने वाले कूड़े के ढेर बेनीगंज-उज्ला मार्ग पर लगे हुए हैं। ऐसे ही नगर पालिका संडीला में कूड़ा निस्तारण का दावा किया जा रहा है जबकि एमआरएफ सेंटर तक जाने वाले मार्ग को निकाय करीब तीन साल में नहीं बनवा सकी है। बरसात के कारण मार्ग पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं और कीचड़ के कारण आवागमन लायक ही नहीं है। सफाई निरीक्षक राजमंगल सिंह ने पांच टन कूड़ा निस्तारण प्रतिदिन किए जाने का दावा किया।
नगर पालिका बिलग्राम में बेरुआ निजामपुर में एमआरएफ सेंटर बना है। यहां पर भी सेंटर के प्रतिदिन संचालन का दावा किया गया जबकि हकीकत यह है कि कूड़ा नगर के कन्नौज बाईपास पर सड़क किनारे फुटपाथ पर बिखरा है। कन्नौज तिराहे से गुलाबबाड़ी चुंगी तक के सड़क के किनारे कूड़े से पटे पड़े हैं। डेढ़ किलोमीटर के नगर के भीतरी मार्ग पर ट्रॉलियों से कूड़ा कन्नौज तिराहे पर डाला जाता है। प्रभारी अधिशासी अधिकारी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव नरेश सिंह ने बताया कि सेंटर का निरीक्षण किया था। मार्ग व नगर के भीतर कूड़ा न डालने के निर्देश दिए हैं।
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प्रतिदिन औसतन 60 टन निकलता कूड़ा
शहर को मिला कर 13 नगरीय निकायों में प्रतिदिन औसतन करीब 60 टन कूड़ा निकलता है। इसमें सर्वाधिक 25 टन कूड़ा हरदोई शहर में निकलता है जबकि अन्य निकायों में एक से पांच टन के मध्य सूखा और गीला कूड़ा निकलता है।
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सभी निकायों में कूड़ा निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर बनवाए गए हैं। मिशन की तरफ से कूड़ा निस्तारण के साथ ही नियमित उठान और नगर को साफ-सुथरा बनाने की प्राथमिकता है। सेंटर का संचालन कराया जा रहा है। यदि मार्गों के किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा। -रामेंद्र सिंह, नोडल अधिशासी अधिकारी
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जिले के सभी 13 नगरीय निकायों में करीब 39 लाख रुपये की लागत से कूड़ा निस्तारण और मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) बनवाए गए हैं। इनके संचालन की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को सौंपी गई है। कहीं सेंटर पर ताला लटक रहा है तो कहीं सेंट तक पहुंचने का रास्ता तक नहीं है। नगरीय निकायों में घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाले कूड़े के संग्रहण से लेकर निस्तारण का काम कराया जाना है। कूड़े को अलग-अलग करने, उपयोगी सामग्री को छांटने और शेष कचरे के निस्तारण की व्यवस्था के उद्देश्य से एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन नगरीय में बनवाए गए यह सेंटर कूड़ा निस्तारण की औपचारिकता निभा रहे हैं। नगर पालिका हरदोई के कूड़ा निस्तारण के लिए इटौली में एमआरएफ सेंटर बना है जबकि घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाला कूड़ा नगर में फुटपाथों के किनारे पड़ा रहता है। वहीं उठाए जाने के बाद कूड़ा सांडी रोड और बावन रोड पर फुटपाथ किनारे डाला जा रहा है।
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इटौली में भी एमआरएफ सेंटर तक रास्ता नहीं बन पाया है। नगर पंचायत बेनीगंज में एमआरएफ सेंटर पर ताला लटकता मिला जबकि निकाय से निकलने वाले कूड़े के ढेर बेनीगंज-उज्ला मार्ग पर लगे हुए हैं। ऐसे ही नगर पालिका संडीला में कूड़ा निस्तारण का दावा किया जा रहा है जबकि एमआरएफ सेंटर तक जाने वाले मार्ग को निकाय करीब तीन साल में नहीं बनवा सकी है। बरसात के कारण मार्ग पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं और कीचड़ के कारण आवागमन लायक ही नहीं है। सफाई निरीक्षक राजमंगल सिंह ने पांच टन कूड़ा निस्तारण प्रतिदिन किए जाने का दावा किया।
नगर पालिका बिलग्राम में बेरुआ निजामपुर में एमआरएफ सेंटर बना है। यहां पर भी सेंटर के प्रतिदिन संचालन का दावा किया गया जबकि हकीकत यह है कि कूड़ा नगर के कन्नौज बाईपास पर सड़क किनारे फुटपाथ पर बिखरा है। कन्नौज तिराहे से गुलाबबाड़ी चुंगी तक के सड़क के किनारे कूड़े से पटे पड़े हैं। डेढ़ किलोमीटर के नगर के भीतरी मार्ग पर ट्रॉलियों से कूड़ा कन्नौज तिराहे पर डाला जाता है। प्रभारी अधिशासी अधिकारी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिव नरेश सिंह ने बताया कि सेंटर का निरीक्षण किया था। मार्ग व नगर के भीतर कूड़ा न डालने के निर्देश दिए हैं।
प्रतिदिन औसतन 60 टन निकलता कूड़ा
शहर को मिला कर 13 नगरीय निकायों में प्रतिदिन औसतन करीब 60 टन कूड़ा निकलता है। इसमें सर्वाधिक 25 टन कूड़ा हरदोई शहर में निकलता है जबकि अन्य निकायों में एक से पांच टन के मध्य सूखा और गीला कूड़ा निकलता है।
सभी निकायों में कूड़ा निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर बनवाए गए हैं। मिशन की तरफ से कूड़ा निस्तारण के साथ ही नियमित उठान और नगर को साफ-सुथरा बनाने की प्राथमिकता है। सेंटर का संचालन कराया जा रहा है। यदि मार्गों के किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा। -रामेंद्र सिंह, नोडल अधिशासी अधिकारी

फोटो 12: बिलग्राम के कन्नौज बाईपास पर रोड किनारे लगा कूड़ा। संवाद - फोटो : सांकेतिक

फोटो 12: बिलग्राम के कन्नौज बाईपास पर रोड किनारे लगा कूड़ा। संवाद - फोटो : सांकेतिक

फोटो 12: बिलग्राम के कन्नौज बाईपास पर रोड किनारे लगा कूड़ा। संवाद - फोटो : सांकेतिक

फोटो 12: बिलग्राम के कन्नौज बाईपास पर रोड किनारे लगा कूड़ा। संवाद - फोटो : सांकेतिक