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छोटे भाई को भाजपा से टिकट, बड़ा निराश
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हरदोई। राजनीति भी सभी के समझ में आसानी से नहीं आती है। यह कब, कहां, किसको क्या दे दे और क्या ले ले, इसकी खबर राजनीति करने वालों को भी कभी-कभी नहीं लगती।
हरदोई सीट पर एमएलसी टिकट के लिए भाजपा ने पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक अग्रवाल के नाम पर मोहर लगाकर चौंका दिया है। टिकट की घोषणा होने से पूर्व तक जो चर्चाएं थी उन पर विराम लग गया है।
खास बात यह है बड़े भाई की मांग को दरकिनार कर भाजपा ने छोटे भाई पर दांव लगाया है। भाजपा से एमएलसी चुनाव के लिए टिकट पाने वाले अशोक अग्रवाल कछौना के मूल रूप से रहने वाले हैं।
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वह निवर्तमान विधायक राजकुमार अग्रवाल के छोटे भाई हैं। वह पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता नरेश अग्रवाल के काफी करीबी माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव में संडीला से सिंटिंग विधायक राजकुमार अग्रवाल का टिकट भाजपा ने काट दिया था।
जिसके बाद से वह एमएलसी चुनाव के लिए टिकट मांग रहे थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें एमएलसी चुनाव के लिए भी फेल कर दिया। इससे उनके समर्थक खासे निराश हैं।
उधर, भाजपा से सूची जारी होते ही अशोक अग्रवाल ने हरदोई आकर भाजपा नेता पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा सांसद जय प्रकाश आदि भी मौजूद रहे।
टिकट कटने से निराश निवत्रमान विधायक राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि यह पार्टी का निर्णय है। इस पर उन्हें कुछ नहीं कहना। रही बात छोटे भाई को तरजीह मिलने की खुशी है, लेकिन राजनीति में कोई किसी का नहीं होता है।
दर्द छलका, पर आंसुओं में दफन
संडीला से विस चुनाव 2017 में भाजपा से विधायक चुने गए राजकुमार अग्रवाल राजिया की आंखें नम हैं। वक्त के सितम कुछ इस कदर हुए कि परिवार में हानि हुई और राजनीतिक परिवार भी बिखर गया।
कोराना से उनके पुत्र आशीष की मौत हो गई थी। इस सदमे से वह बाहर निकल भी न पाए थे कि भाजपा ने विस चुनाव में सिंटिंग विधायक होने के बाद भी टिकट काट दिया।
टिकट काटे जाने से राजिया ने तब कहा था पार्टी परिवार उनके लिए कुछ न कुछ जरूर सोचेगा। इसके बाद से वह एमएलसी के लिए टिकट मांग रहे थे।
शनिवार को जब भाजपा ने उन्हेें किनारे करते हुए उनके छोटे भाई अशोक अग्रवाल को टिकट देने की घोषणा की तो उनका दर्द छलक उठा, लेकिन संभले और बोले कि अब क्या कहना।
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हरदोई सीट पर एमएलसी टिकट के लिए भाजपा ने पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक अग्रवाल के नाम पर मोहर लगाकर चौंका दिया है। टिकट की घोषणा होने से पूर्व तक जो चर्चाएं थी उन पर विराम लग गया है।
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खास बात यह है बड़े भाई की मांग को दरकिनार कर भाजपा ने छोटे भाई पर दांव लगाया है। भाजपा से एमएलसी चुनाव के लिए टिकट पाने वाले अशोक अग्रवाल कछौना के मूल रूप से रहने वाले हैं।
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वह निवर्तमान विधायक राजकुमार अग्रवाल के छोटे भाई हैं। वह पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता नरेश अग्रवाल के काफी करीबी माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव में संडीला से सिंटिंग विधायक राजकुमार अग्रवाल का टिकट भाजपा ने काट दिया था।
जिसके बाद से वह एमएलसी चुनाव के लिए टिकट मांग रहे थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें एमएलसी चुनाव के लिए भी फेल कर दिया। इससे उनके समर्थक खासे निराश हैं।
उधर, भाजपा से सूची जारी होते ही अशोक अग्रवाल ने हरदोई आकर भाजपा नेता पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा सांसद जय प्रकाश आदि भी मौजूद रहे।
टिकट कटने से निराश निवत्रमान विधायक राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि यह पार्टी का निर्णय है। इस पर उन्हें कुछ नहीं कहना। रही बात छोटे भाई को तरजीह मिलने की खुशी है, लेकिन राजनीति में कोई किसी का नहीं होता है।
दर्द छलका, पर आंसुओं में दफन
संडीला से विस चुनाव 2017 में भाजपा से विधायक चुने गए राजकुमार अग्रवाल राजिया की आंखें नम हैं। वक्त के सितम कुछ इस कदर हुए कि परिवार में हानि हुई और राजनीतिक परिवार भी बिखर गया।
कोराना से उनके पुत्र आशीष की मौत हो गई थी। इस सदमे से वह बाहर निकल भी न पाए थे कि भाजपा ने विस चुनाव में सिंटिंग विधायक होने के बाद भी टिकट काट दिया।
टिकट काटे जाने से राजिया ने तब कहा था पार्टी परिवार उनके लिए कुछ न कुछ जरूर सोचेगा। इसके बाद से वह एमएलसी के लिए टिकट मांग रहे थे।
शनिवार को जब भाजपा ने उन्हेें किनारे करते हुए उनके छोटे भाई अशोक अग्रवाल को टिकट देने की घोषणा की तो उनका दर्द छलक उठा, लेकिन संभले और बोले कि अब क्या कहना।