{"_id":"61afa4b2a56f7f5e686282a8","slug":"bank-worker-protest-against-privitisation-hardoi-news-knp6682910143","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजीकरण के विरोध में बैंकों में दो दिन रहेगी राष्ट्रव्यापी हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजीकरण के विरोध में बैंकों में दो दिन रहेगी राष्ट्रव्यापी हड़ताल
विज्ञापन
रेलवेगंज स्थित बैंक ऑफ इंडिया के बाहर प्रदर्शन करते यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के पदाधिकारी
- फोटो : HARDOI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे बैंकिंग अधिनियम संशोधन विधयक 2021 के खिलाफ एकजुट बैंक कर्मियों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने 16 व 17 दिसंबर को दो दिवसीय हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।
मंगलवार को रेलवेगंज स्थित बैंक आफ इंडिया शाखा के बाहर प्रदर्शन कर रहे बैंक कर्मियों व अधिकारियों से यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक आरके पांडे ने कहा कि बैंकों का निजीकरण राष्ट्रहित में नहीं है।
लेकिन भाजपा सरकार आक्रामक तरीके से निजीकरण की ओर बढ़ रही है। हम इस कदम की कड़ी आलोचना व पुरजोर विरोध करते हैं। बैंक नेता क्षितिज पाठक ने कहा कि सरकार संसद में जो बिल लाने जा रही है, उससे बैंकों के निजीकरण का रास्ता साफ होगा और रोजगार के अवसर कम होंगे।
विज्ञापन
साथ ही किसानों, छोटे व्यवसायियों, स्वयं सहायता समूह समेत कई कमजोर वर्गों के लिए ऋण सुविधा भी लगभग खत्म हो जाएगी। रवि शुक्ला ने भी यही बात कही। प्रदर्शनकारियों ने 16 व 17 दिसंबर को हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया।
इस मौके पर वेद प्रकाश पांडे, अजय मेहरोत्रा, दीपक वाजपेयी, वीर बहादुर सिंह, दीपक शुक्ला, अनामिका सिंह, गुंजन तिवारी, अंकिता त्रिवेदी, स्मृति श्रीवास्तव, भान सिंह कुशवाहा, महेंद्र सिंह, विनय वर्मा, नसीम, हर्षित गुप्ता, पवन मिश्रा, राजकुमार, ओमेंद्र, पंकज सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंगलवार को रेलवेगंज स्थित बैंक आफ इंडिया शाखा के बाहर प्रदर्शन कर रहे बैंक कर्मियों व अधिकारियों से यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक आरके पांडे ने कहा कि बैंकों का निजीकरण राष्ट्रहित में नहीं है।
विज्ञापन
लेकिन भाजपा सरकार आक्रामक तरीके से निजीकरण की ओर बढ़ रही है। हम इस कदम की कड़ी आलोचना व पुरजोर विरोध करते हैं। बैंक नेता क्षितिज पाठक ने कहा कि सरकार संसद में जो बिल लाने जा रही है, उससे बैंकों के निजीकरण का रास्ता साफ होगा और रोजगार के अवसर कम होंगे।
विज्ञापन
साथ ही किसानों, छोटे व्यवसायियों, स्वयं सहायता समूह समेत कई कमजोर वर्गों के लिए ऋण सुविधा भी लगभग खत्म हो जाएगी। रवि शुक्ला ने भी यही बात कही। प्रदर्शनकारियों ने 16 व 17 दिसंबर को हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया।
इस मौके पर वेद प्रकाश पांडे, अजय मेहरोत्रा, दीपक वाजपेयी, वीर बहादुर सिंह, दीपक शुक्ला, अनामिका सिंह, गुंजन तिवारी, अंकिता त्रिवेदी, स्मृति श्रीवास्तव, भान सिंह कुशवाहा, महेंद्र सिंह, विनय वर्मा, नसीम, हर्षित गुप्ता, पवन मिश्रा, राजकुमार, ओमेंद्र, पंकज सिंह आदि मौजूद रहे।