{"_id":"65da2f4b809cfb629606e5ee","slug":"ban-on-payment-of-rs-320-crore-in-mnrega-hardoi-news-c-213-1-hra1001-110984-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: मनरेगा में 3.20 करोड़ के भुगतान पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: मनरेगा में 3.20 करोड़ के भुगतान पर रोक
Sat, 24 Feb 2024 11:32 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sat, 24 Feb 2024 11:32 PM IST
विज्ञापन
हरदोई। मनरेगा में वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराए गए काम और सामग्री अंश में अंतर मिला है। शासन ने इस पर पिछले वित्तीय वर्ष के करीब 3.20 करोड़ के भुगतान पर रोक लगा दी है। इससे श्रमिकों के साथ ही सामग्री की आपूर्ति करने वाली फर्म के संचालकों में खलबली है।
मनरेगा में जॉबकार्ड धारक परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है, हालांकि सभी कार्डधारक परिवारों के साथ पूरी नहीं हो पाती है। उधर, गांव में ही रोजगार दिए जाने के लिए उद्देश्य से मनरेगा मद से विकास कार्यों को कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 2,98,56,18,000 रुपये का काम और सामग्री आपूर्ति ली गई।
इसमें से 1,99,52,12,000 रुपये मजदूरी की मद और 99,04,06,000 रुपये सामग्री मद के शामिल हैं। इसमें से चालू वित्तीय वर्ष तक किए गए भुगतान के बाद भी मजदूरी मद के 79,42,000 रुपये और सामग्री मद के 2,42,,48,000 रुपये का भुगतान अभी होना बाकी है।
विज्ञापन
श्रम रोजगार उपायुक्त आरपी सिंह ने बताया कि श्रम और सामग्री के अनुपात में अंतर पर फिलहाल शासन ने रोक लगा दी है। अभी शासन स्तर से काई जानकारी नहीं मांगी गई है।
विज्ञापन
मनरेगा में जॉबकार्ड धारक परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है, हालांकि सभी कार्डधारक परिवारों के साथ पूरी नहीं हो पाती है। उधर, गांव में ही रोजगार दिए जाने के लिए उद्देश्य से मनरेगा मद से विकास कार्यों को कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 2,98,56,18,000 रुपये का काम और सामग्री आपूर्ति ली गई।
विज्ञापन
इसमें से 1,99,52,12,000 रुपये मजदूरी की मद और 99,04,06,000 रुपये सामग्री मद के शामिल हैं। इसमें से चालू वित्तीय वर्ष तक किए गए भुगतान के बाद भी मजदूरी मद के 79,42,000 रुपये और सामग्री मद के 2,42,,48,000 रुपये का भुगतान अभी होना बाकी है।
विज्ञापन
श्रम रोजगार उपायुक्त आरपी सिंह ने बताया कि श्रम और सामग्री के अनुपात में अंतर पर फिलहाल शासन ने रोक लगा दी है। अभी शासन स्तर से काई जानकारी नहीं मांगी गई है।