{"_id":"5776ba894f1c1bd42c79b21f","slug":"baby-s-death-awakened-administration","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्ची की मौत पर जागा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्ची की मौत पर जागा प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो,हरदोई
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:16 AM IST
विज्ञापन
स्टाफ नर्स से बात करते सीएमओ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कब्रिस्तान के बाहर मिली नवजात बच्ची की डॉक्टरों की लापरवाही से मौत के मामले को अमर उजाला के मुद्दा बनाने के बाद जिला प्रशासन से लेकर लखनऊ तक खलबली मच गई है। संचालक स्वास्थ्य के निर्देश पर सीएमओ सुबह ही जिला महिला अस्पताल पहुंच गए। डीएम ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को भेजा। सीएमओ और सिटी मजिस्ट्रेट ने नर्सों और डॉक्टरों के बयान दर्ज किए। सीएमओ ने महिला अस्पताल के तीन संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
माधौगंज क्षेत्र के गांव परनखा के कब्रिस्तान के बाहर गुरुवार को एक नवजात बच्ची पड़ी मिली थी। गांव की आशा बहू उसे एंबुलेंस से सीएचसी माधौगंज ले गई थी। यहां से उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। जिला महिला अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाए उसे जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल में भी नवजात को इधर से उधर भेजा गया। इस बीच उसकी मौत हो गई। मानवीय संवेदनाओं को तार- तार करने वाली इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। शुक्रवार सुबह ही डीएम से लेकर संचालक स्वास्थ्य तक हरकत में आ गए। संचालक स्वास्थ्य के निर्देश पर सीएमओ डा. एसके श्रीवास्तव सुबह 10:15 बजे ही जिला महिला अस्पताल पहुंच गए।
उन्होंने सीएमएस एसके गुप्ता से जवाब तलब किया। सीएमएस का कहना था कि बच्ची सीरियस थी। उसका इलाज शुरू कराया गया था। माधौगंज से साथ में आई स्टाफ नर्स व आशा बहू बगैर उसे लेकर चली गईं। सीएमएस ने बताया कि संविदा पर कार्यरत मेल स्टाफ नर्स अवधेश पाल और स्टाफ नर्स नूतन वर्मा ड्यूटी पर मौजूद थीं। सीएमओ ने इन दोनों के साथ रोगी सहायता कें द्र पर तैनात सुनील कुमार की संविदा समाप्त करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया जांच रिपोर्ट एडी स्वास्थ्य को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
माधौगंज क्षेत्र के गांव परनखा के कब्रिस्तान के बाहर गुरुवार को एक नवजात बच्ची पड़ी मिली थी। गांव की आशा बहू उसे एंबुलेंस से सीएचसी माधौगंज ले गई थी। यहां से उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। जिला महिला अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाए उसे जिला अस्पताल भेज दिया। जिला अस्पताल में भी नवजात को इधर से उधर भेजा गया। इस बीच उसकी मौत हो गई। मानवीय संवेदनाओं को तार- तार करने वाली इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। शुक्रवार सुबह ही डीएम से लेकर संचालक स्वास्थ्य तक हरकत में आ गए। संचालक स्वास्थ्य के निर्देश पर सीएमओ डा. एसके श्रीवास्तव सुबह 10:15 बजे ही जिला महिला अस्पताल पहुंच गए।
विज्ञापन
उन्होंने सीएमएस एसके गुप्ता से जवाब तलब किया। सीएमएस का कहना था कि बच्ची सीरियस थी। उसका इलाज शुरू कराया गया था। माधौगंज से साथ में आई स्टाफ नर्स व आशा बहू बगैर उसे लेकर चली गईं। सीएमएस ने बताया कि संविदा पर कार्यरत मेल स्टाफ नर्स अवधेश पाल और स्टाफ नर्स नूतन वर्मा ड्यूटी पर मौजूद थीं। सीएमओ ने इन दोनों के साथ रोगी सहायता कें द्र पर तैनात सुनील कुमार की संविदा समाप्त करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने बताया जांच रिपोर्ट एडी स्वास्थ्य को भेजी जाएगी।
विज्ञापन